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गुरुवार, 15 मार्च 2018

972....ज़िन्दगी एक सफ़र है, कोई होड़ नहीं......

सादर अभिवादन। 
आज विश्व उपभोक्ता दिवस है। 
उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सके इस हेतु कुछ उपायों पर विचार किया जाता है तथा उपभोक्ता को व्यवसायियों द्वारा ठगे जाने से बचाने के लिए कार्यक्रमों एवं नीतियों की सारगर्भित चर्चा होती है। 
भारत में भी राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसम्बर को मनाया जाता है। 
चलिए अब चलते हैं आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर -



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२१ वर्ष की आयु तक हॉकिंग  भी सामान्य मेधावी बालक थे जिसकी आँखों में सैकड़ो सपने थे  एक दिन वो घटना घट गयी जिसने उन्हें एक अलग कैटेगिरी में धकेल दिया ।  जब वो 21 साल के थे तो एक बार छुट्टियाँ  मानाने के मानाने के लिए अपने घर पर आये हुए थे , वो सीढ़ी से उतर रहे थे की तभी उन्हें बेहोशी का एहसास हुआ और वो तुरंत ही नीचे गिर पड़े।उन्हें डॉक्टर के पास ले जायेगा शुरू में तो सब ने उसे मात्र एक कमजोरी के कारण हुई घटना मानी पर बार-बार ऐसा होने पर उन्हें बड़े डोक्टरो के पास ले जाया गया , जहाँ ये पता लगा कि वो एक अनजान और कभी न ठीक होने वाली बीमारी से ग्रस्त है जिसका नाम है न्यूरॉन मोर्टार डीसीस ।इस बीमारी में शारीर के सारे अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देते है।और अंत में श्वास नली भी बंद हो जाने से मरीज घुट घुट के मर जाता है।डॉक्टरों ने कहा हॉकिंग बस 2 साल के मेहमान है। लेकिन हॉकिंग ने अपनी इच्छा शक्ति पर पूरी पकड़ बना ली थी और उन्होंने कहा कि 
मैं 2 नहीं २० नहीं पूरे ५० सालो तक जियूँगा ।




बीच शहर के, वो हृदय जो खोलते हैं,
पागल है वो!,  सब यही बोलते है....

फितरत में, तो बस फरेब ही पलते हैं,
इस शहर में, कम ही लोग बोलते हैं...




ओठों से तब, लगा के अपने,
उसने छेड़ा प्रीत का गीत !
बाँस का टुकड़ा, बना बाँसुरी,
यायावर, प्राणों का मीत !!!!




ज़िन्दगी एक सफ़र है,
कोई होड़ नहीं,
कुछ देर इस मोड़ पर ठहरते है..
पल-दो-पल जीने के लिए । 




लख्ते-ज़िगर 
तुझे  मालूम  नहीं 
मुझे  तेरी  फिकर 






हम-क़दम का दसवें क़दम
का विषय...


आज के लिए बस इतना ही। 
मिलते हैं फिर अगले गुरूवार। 
कल आ रही हैं श्वेता सिन्हा जी अपनी प्रस्तुति के साथ। 

रवीन्द्र सिंह यादव 


11 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    आज का दिन
    व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है
    आज वे उपभोक्ता दिवस की आड़ में
    नई स्कीम लाकर पुराना माल खपा देते हैं
    आभार
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रस्तुति रवींद्र जी, MEME SERIES को आज के अंक में चर्चा बनाकर जन-जन तक पहुँचाने के लिए आभार, इस चर्चा में सम्मलित सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  3. आदरणीय रवींद्र जी
    सुप्रभातम्,
    विश्व उपभोक्ता दिवस पर हम एक जागरूक उपभोक्ता बनने का संकल्प ले सकते हैं।
    सुंदर और सराहनीय रचनाओंं का सराहनीय संयोजन आज के अंक में। सभी रचनाएँ बहुत अच्छी हैं।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी सामयिक हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  6. विचारणीय विषय उपभोक्ताओं का अधिकार और क्षेत्र को समझ कर सभी उपभोक्ता ज्यादा लाभ उठा सकते हैं
    सार्थक विषय वस्तु के साथ उम्दा प्रस्तुति
    सभा रचनाकारों को बधाई

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय रवींद्रजी, मेरी रचना को साझा करने के लिए और हमेशा की तरह एक उम्दा प्रस्तुति देने के लिए !

    जवाब देंहटाएं
  8. आदरणीय रविन्द्र जी -- उपभोक्ता दिवस पर महत्वपूर्ण जानकारी के साथ सभी लिंक अपने आप में विशिष्ट और सार्थक हैं सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई | आदरणीय दिवंगत स्टीफन हाकिंग को विनम्र श्रध्दान्जली| उनका सम्पूर्ण जीवन विश्व के लिए कौतुहल और उमकी जीवटता एक प्रेरणा बना रहेगा | आपको थोड़े लेकिन महत्वपूर्ण सफल लिंक संयोजन के लिए हार्दिक बधाई |

    जवाब देंहटाएं
  9. बेहतरीन प्रस्तुति करण उम्दा लिंक संकलन...

    जवाब देंहटाएं
  10. रचना को अहमियत देने के लिए आभार :)

    जवाब देंहटाएं
  11. सार्थक विषय..
    उपभोक्ताओं का अधिकार और क्षेत्र को समझ कर सभी उपभोक्ता ज्यादा लाभ उठा सकते हैं ...
    सभी रचनाएँ विशेष.. चयनित रचनाकारों को बधाई
    धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं

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