कुछ इस तरह फुसफुसाती है हवा,
शायद कोई ग़ज़ल सुनाती है हवा।
सुकून फिर भला कैसे नसीब हो,
ज़ख्मों को रोज़ छेड़ जाती है हवा।
यादों की राख अब भी गर्म है कहीं,
धीरे-धीरे फिर सुलगाती है हवा।
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अमेरिकी जादूगर के नीले जादू की क़ैद में
हिमाचल..!!
दुनिया भर के लोगों को अपने श्वेत-बर्फीले हुस्न, आकाश छूते चीड़-देवदार और प्रकृति के हरियाली भरे श्रृंगार से अपनी ओर खींचने वाला हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक अमेरिकी जादूगर के नीले जादू के मोहपाश में बंधा हुआ है। आमतौर पर जादूगर वैसे तो काला जादू करते हैं लेकिन इस विदेशी..
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बोझिल मन !
अगाध होते हैं रिश्ते दिलों के,
इक ज़माना था जो हम गाते,
तय पथ था और सफ़र अटल,
उम्मीदों पे कब तक ठहर पाते।..
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विषय
विषयों की तलाश में
भटकता हुआ
किसी कोने में
कहीं अटकता हुआ
बेसुध सा मन
यहाँ-वहाँ ..
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।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह 'तृप्ति'..✍️