गुड़गांव के रईसजादों का व्यवहार,
और रोड़ रेज में तू तू मैं मैं के आसार,
आजकल बहुत रिस्की हो गए हैं।
हे सूर्य देव!
ज़रा रहम करो
धरती को बचाओ
मेघ को भेजो
तपते जीव-जन्तु
करुणा दिखलाओ।
इस दुनिया में करीब डेढ़ लाख नदियां बहती हैं, जिनमें छोटी-बड़ी मिला कर तकरीबन दो सौ प्रमुख नदियां हमारे देश में लोगों को जीवन प्रदान करती हैं ! मायके से निकलने के बाद जनहित में ये कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखतीं ! ऐसी जीवन दायिनी, प्रभु की अमूल्य भेंट के प्रति हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम इनका ख्याल रखें ! इनका सम्मान करें ! यदि कुछ ना भी कर सकें तो कम से कम इन्हें ''व्यथित'' तो ना करें !














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