सादर अभिवादन
आज आपकी जयन्ती है
साथ ही तेज मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी था।
बहुत करीब से महसूस कर रहा था।
दिन भर ब्लॉगों पर लिखी पढ़ी जा रही 5 श्रेष्ठ रचनाओं का संगम[5 लिंकों का आनंद] ब्लॉग पर आप का ह्रदयतल से स्वागत एवं अभिनन्दन...
सादर अभिवादन
युद्ध जारी है
हर तरफ़ दहशत, ख़ून-ख़राबे
चिथड़े-चिथड़े जिस्म की पहचान नहीं
किसी का अपना शहीद हुआ
न जाने कितनी जानें क़ुर्बान हुईं
इस ख़ौफ़नाक मंज़र पर
कोई जश्न मना रहा
तो कोई छाती पीट रहा।
बिक रहा है ज़मीर यहाँ
बस बची है अंगारों के नीचे
दबी हुई कुछ राख़ मेरे
ज़िन्दा जज़्बों की
जो धाँय धाँय उड़कर
काला स्याह कर रही है
मेरे यादों के आकाश को
सादर अभिवादन
।।प्रातःवंदन।।
बम घरों पर गिरें कि सरहद पर
रूहे-तामीर ज़ख़्म खाती है
खेत अपने जलें या औरों के
ज़ीस्त फ़ाक़ों से तिलमिलाती है।
इसलिए ऐ शरीफ इंसानो
जंग टलती रहे तो बेहतर है
आप और हम सभी के आँगन में
शमा जलती रहे तो बेहतर है।
साहिर लुधियानवी
बडी पशोपेश में आजकल दुनिया ..पर बुधवारिय प्रस्तुति कुछ इस तरह जहा चंद पल बिताइए ✍️
मंगलवारीय अंक में
सादर अभिवादन
हर साल 29 मार्च को 'विश्व पियानो दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है