सादर अभिवादन
पाँच लिंकों का आनन्द
दिन भर ब्लॉगों पर लिखी पढ़ी जा रही 5 श्रेष्ठ रचनाओं का संगम[5 लिंकों का आनंद] ब्लॉग पर आप का ह्रदयतल से स्वागत एवं अभिनन्दन...
निवेदन।
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फ़ॉलोअर
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
4718 ..वह खाना इतना अच्छा बनाती थी कि उसके हिस्से में तारीफ़ आती थी
रविवार, 19 अप्रैल 2026
4717...सब दर्शन को थे लालायित, प्रथम दर्शन हों शिशु राम के...
शीर्षक पंक्ति: आदरणीय अशर्फी लाल मिश्र जी की
रचना से।
सादर अभिवादन।
रविवारीय अंक में पढ़िए पाँच पसंदीदा रचनाएँ-
जब जाना ऋषियों मुनियों ने,
भीड़ जुटी ऋषि आश्रम पर।
सब दर्शन को थे लालायित,
प्रथम दर्शन हों शिशु राम के।।
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'गुनाहों का देवता' उपन्यास को एक बार फिर पढ़ना (लेख)
शांति
लाउंज: कहानी (सुशील कुमार)
नीचे उतरते ही शोर छँटने लगा — कदमों की आहट, बच्चों की हँसी, दुकानों के कनफोड़ संगीत — सब पीछे छूट गए। बेसमेंट में हल्की ठंडक थी और दीवारों पर नीली धुँधली रोशनी फैल रही थी। बीचों-बीच एक पारदर्शी केबिन था, जिस पर लिखा था — शांति लाउंज – पाँच मिनट का पूर्ण मौन अनुभव; नीचे छोटे अक्षरों में लिखा था — कृपया अपनी आवाज़ अपने भीतर रखें। शीशे के पार दो-तीन आकृतियाँ धुँधली दिखीं। उसने फोन साइलेंट किया और काउंटर की ओर बढ़ी।
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शिवलिंग
की आधी परिक्रमा ही क्यों... क्यों शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं जाता
शनिवार, 18 अप्रैल 2026
4716 ..रंगाली बीहू के किस्से तय हो जाते जीवन भर के, आँखों ही आँखों में रिश्ते
सादर अभिवादन
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
4715 ..आज बारिश बरसते हुए मेरे साथ मुस्कुराई
सादर अभिवादन
शायद कल मिलेंगी
गुरुवार, 16 अप्रैल 2026
4714 ...पेड़ ! सावधान रहना राजमार्ग से सटा जंगल अब सबकी निगाह में है।
सादर अभिवादन




















