सादर अभिवादन
पाँच लिंकों का आनन्द
दिन भर ब्लॉगों पर लिखी पढ़ी जा रही 5 श्रेष्ठ रचनाओं का संगम[5 लिंकों का आनंद] ब्लॉग पर आप का ह्रदयतल से स्वागत एवं अभिनन्दन...
निवेदन।
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फ़ॉलोअर
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
4728 स्त्री को प्रसन्न रख पाना एक मिथ्या है,
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
4727..आज भी याद है..
।।प्रातःवंदन।।
चाहे कोई दार्शनिक बने साधु बने या मौलाना बने, अगर वो लोगों को अंधेरे का डर दिखाता है, तो ज़रूर वो अपनी कंपनी का टॉर्च बेचना चाहता है।
~ हरिशंकर परसाई
राजनीति की भी यही रूप है एक तरफ चुनाव..और यहाँ बुधवारिय प्रस्तुतिकरण लिए हाजिर हूं..
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
4726 ..जिसने आसमान को ही अपनी छत मान लिया है।
सादर अभिवादन
सोमवार, 27 अप्रैल 2026
4725 ...नई मंजिलें राह देखतीं, रस्ते कुछ नव बुला रहे हैं
सादर अभिवादन
रविवार, 26 अप्रैल 2026
4724 ..जादुई किताबें ! बारहखड़ी सिखातीं । शब्द ज्ञान करवातीं
सादर अभिवादन
शनिवार, 25 अप्रैल 2026
4723...बाहर खेल रहे रेणुका नंदन, साथ था छौना वनराज का...
शीर्षक पंक्ति: आदरणीय अशर्फी लाल मिश्र जी की रचना से।
सादर अभिवादन।
आइए पढ़ते हैं पाँच पसंदीदा रचनाएँ शनिवारीय अंक में-
बाहर खेल रहे रेणुका नंदन,
साथ था छौना वनराज का।
एक क्षण थी मातु अचंभित,
सचमुच छौना वनराज का?
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घौर बौड़ि आ, बेटा! | पलायन की पीड़ा और अपनों का इंतज़ार
छोटा भाई
तेरु दिनभर खटदु,
ब्याखुनि
नशे मा धुत्त ह्व़े आवै।
कैकू बि
ड़र-धौंस नी च अब,
नशे मा अपणु
परिवार भुलावे।
भुलि ग्यों
ऊं घर की मर्यादा,
ह्व़े ग्युं
छार-छार यो परिवार च,
सारु घौर आज
बीमार च।,
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"बैठो प्रिया, हड़ताल खत्म हो गयी है, मजदूरों को हड़ताल अवधि का वेतन एडवांस रूप में भी मिल गया है, वे फिर से काम पर हैं. फैक्ट्री को बंद करने की अनुमति के आवेदन की सुनवाई में प्रबंधन पूरी तरह नंगा हो गया है. फिर भी मजदूरों के हाथ में जो वेतन वही ट्रक सिस्टम वाला है जिससे छुटकारा पाने और फेयर वेजेज प्राप्त करने के लिए उन्होंने लड़ाई शुरू की थी.”
प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
4722 ..विदा होता अप्रैल कुछ-कुछ कहता है
सादर अभिवादन

























