निवेदन।


समर्थक

मंगलवार, 1 जनवरी 2019

1264....इस नव-वर्ष में.....

जय मां हाटेशवरी......
आप सभी को पांच लिंकों का आनंद परिवार
की ओर से....श
नूतन वर्ष 2019 की शुभकामनाएं......
इस नव-वर्ष में.....
(वृद्धों को)
रह स्वस्थ आप सौ शरदों को जीते जाएँ,
आशीष और उत्साह आपसे हम पाएँ।

(प्रौढ़ों को)
यह निर्मल जल की, कमल, किरन की रुत है।
जो भोग सके, इसमें आनन्द बहुत है।

(युवकों को)
यह शीत, प्रीति का वक्त, मुबारक तुमको,
हो गर्म नसों में रक्त मुबारक तुमको।

(नवयुवकों को)
तुमने जीवन के जो सुख स्वप्न बनाए,
इस वरद शरद में वे सब सच हो जाएँ।

(बालकों को)
यह स्वस्थ शरद ऋतु है, आनंद मनाओ।
है उम्र तुम्हारी, खेलो, कूदो, खाओ। ---हरिवंशराय बच्चन
पांच लिंकों का आनंद पर यूं तो प्रति दिन सब कुछ ही  नया होता है.......
आज तो नया वर्ष है इस लिये.....
आज आनंद भी कुछ  नया है......
नन्ही सी जान हूँ मैं
माँ तेरा ही अंश
तेरी ही पहचान हूँ मैं

ना देख मुझे यूँ घृणित नजरों से
तेरे प्यार का ही परिणाम हूँ मैं
ना फैंक मुझे यूँ तू कूड़े में

नहीं करुँगी परेशान तुझे मैं
रहने दे आँचल की छाँव में
मत मार मुझे तू कोख में

सूर्य संवेदना पुष्पे:, दीप्ति कारुण्यगंधने ।
लब्ध्वा शुभम् नववर्षेअस्मिन् कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ॥
 .        जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, पुष्प देता है, संवेदना देता है और हमें दया भाव सिखाता है उसी तरह यह नव वर्ष हमें हर पल ज्ञान दे और हमारा हर दिन,
हर पल मंगलमय हो ।

हमारे लिए आज का दिन बेहद ख़ास होता है... सुबह से पहले तारों भरे आसमान को निहारना... चमकते चांद को देखना कितना भला लगता है... अल सुबह रात की स्याही को दिन
के उजाले में बदलते देखना.. और इसी तरह भरी दोपहरी में धूप में बैठकर अपनी पसंद की किताब पढ़ना... फिर शाम को डूबते सूरज को देखना... ये सूरज भी कितने गुज़रे
दिनों की याद दिला जाता है... सुरमई शाम के बाद फिर तारों भरी रात आ जाएगी... नये साल के जश्न की रात... दिलकश संगीत होगा और संगीत पर थिरकती ख़ुशियां... 

रहे बरसते सुख के फूल
प्रिय के आंगन ऊपर से।
रहे सदा खुशहाल आप
यही कामना ईश्वर से।।

जब कभी
कान में फुसफुसाकर
कहती है ठंड
कि, आज बहुत ठंड है

इन दिनों
गिर रही है बर्फ
दौड़ रही है शीत लहर
जानता हूँ
तुम्हारी तासीर
बहुत गरम है

सुमित्रा ने कुछ सोचकर कर एक फ़ोटो पोस्ट किया 
जिसमें वह एक प्यारी सी लड़की के साथ खड़ी थी| उस लड़की की आँखें बहुत सुन्दर थीं|
'बहुत प्यारी बच्ची है दीदी, ये कौन है?'
'मेरी छोटी बहन जो देख नहीं सकती| समय से पूर्व जन्म लेने के कारण बहुत कमजोर थी तो इसे इन्क्युबेटर में रखा गया था| नर्स ने बिना आँखों पर रूई रखे उच्च पावर
का बल्ब जलाकर सेंक दे दिया जिससे इसकी आँखों की रौशनी छिन गई| यह बात तब पता चली जब वह आवाज होने पर अपनी प्रतिक्रिया तो देती थी किन्तु नजरें नहीं मोड़ती| यह पता चलने पर हमारे परिवार पर जो वज्रपात हुआ होगा वह तो तुम समझ सकते हो न तुषार|
मैंने फेसबुक पर यह तो नहीं लिखा कि यह सिनेमा 
देखकर मुझे मजा आया|'


मैं भारत हूँ , न धर्म कोई
हों द्वेषविहीन, न मर्म कोई
हो नये वर्ष का धर्म यही
हाथों में तिरंगा ले-लेकर
बन नया वर्ष फहराता हूँ।

नये वर्ष का नया सिपाही,गीत अनोखा गाता हूँ... 
नये वर्ष का नया सिपाही,गीत अनोखा गाता हूँ...        


इस नव-वर्ष में.....
केवल 2018 की जगह अब,
2019 हुआ  है,
बताओ, क्या कुछ और बदलेगा?

जहां सुरक्षित नहीं,  4 वर्ष की बेटी भी
सुनाई देती हैं अभी भी, चीखें निर्भया, गुड़िया की,
क्या बेटियां भय मुक्त निकल पाएगी बाहर?
इस नव-वर्ष में.....

क्या नव-विवाहिताएं घरों में सुरक्षित रह पाएंगी?
क्या दहेज के लोभियों की भूख मिट जाएगी?
क्या एक मृत  बेटी के पिता को न्याय  मिलेगा?
इस नव-वर्ष में....
........
हम-क़दम का बावनवाँ अंक...
विषय...
आशियाना
उदाहरणः
आओ देखो
ढूँढ लिया है मैंने
हम दोनों के लिये
एक छोटा सा आशियाना
चलो इस घर में आकर रहें
सारी दुनियावी ज़हमतों से दूर
सारी दुनियावी रहमतों से दूर !
प्रेम को ओढें
प्रेम को बिछाएं
प्रेम को पियें
प्रेम को ही जियें
रचनाकार साधना दीदी
अंतिम तिथिः 05 जनवरी 2019
प्रकाशन तिथिः 07 जनवरी 2019
धन्यवाद।
















15 टिप्‍पणियां:

  1. जो राह चुनी तूने, उसी राह पे राही चलते जाना रे
    हो कितनी भी लम्बी रात, दिया बन जलते जाना रे
    कभी पेड़ का साया पेड़ के काम न आया
    सेवा में सभी की उसने जनम बिताया
    कोई कितने भी फल तोड़े, उसे तो है फलते जाना रे
    उसी राह पे राही चलते जाना रे...

    इस प्रेरणादायक गीत के बोल के साथ सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं, इस सुंदर संकलन के लिये धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुप्रभातम्, नमस्कार।
    बहुत ही शानदार जानदार प्रस्तुति।
    नववर्ष नवीन आशा की तुलिका लिये खड़ा है नये सपनों में इंद्रधनुषी रंग भरने के लिए।
    नववर्ष की सभी को हार्दिक शुभेच्छाएँ.
    इसी प्रार्थना के साथ-
    सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयः।

    उत्तर देंहटाएं
  3. शुभ प्रभात..
    नव वर्ष की मंगल कामनाएँ...
    बेहद जबरदस्त प्रस्तुति..
    सादर..

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुप्रभात,
    रचनाकारों को ढेर सारी बधाई।
    और नव वर्ष की शुभ कामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुप्रभात
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं
    अति सुंदर अंक
    बेहतरीन रचनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. शानदार जानदार प्रस्तुतीकरण
    हर पल मंगलकारी हो

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह!!बहुत ही खूबसूरत प्रस्तुति । सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं । चयनित रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सभी आदरणीय चर्चाकारों, रचनाकारों को नववर्ष 2019 की हार्दिक मंगलकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें सभी को ।
    बहुत सुंदर प्रस्तुति भुमिका जानदार ।
    मन मंथन देती रचनाऐं सभी एक से बढ़कर एक।
    सभी रचनाकारों को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  10. शुभेच्छाओं से लबरेज़ सुन्दर सी भूमिका और खूबसूरत लिंक्स की प्रस्तुति ।'पांच लिंकों का आनन्द' के सभी सदस्यों एवं सभी रचनाकारों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुन्दर नववर्षांक प्रस्तुति कुलदीप जी। मंगलकामनाएं सभी के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  12. नववर्ष की हार्दिक शुभेच्छा🌹
    सुंदर सार्थक प्रस्तुति..चयनित रचनाकारों को बधाई
    धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुन्दर संकलन |नव वर्ष के लिए आपसब को ह्रदय से शुभ कामनाएं |

    उत्तर देंहटाएं
  14. अत्यंत सुन्दर सार्थक प्रस्तुति ! सभी मित्रों. रचनाकारों एवं पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ! माँँ सरस्वती का वरद हस्त सबके शीश पर सुशोभित हो यही मंगलकामना है ! हार्दिक आभार कुलदीप जी !

    उत्तर देंहटाएं
  15. उम्दा लिंक संकलन बेहतरीन प्रस्तुति करण...

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...