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बुधवार, 2 जनवरी 2019

1265..नींद से जागी आँखों में सपनीली,याथार्थ की कोई कहानियों..

।।उषा स्वस्ति।।

प्रभात-श्रृंग से घड़े सुवर्ण के उँड़ेलती;
रँगी हुई घटा में भानु को उछाल खेलती;
तुषार-जाल में सहस्र हेम-दीप बालती
समुद्र की तरंग में हिरण्य-धूलि डालती
सुनील चीर को सुवर्ण-बीच बोरती हुई,
धरा के ताल-ताल में उसे निचोड़ती हुई;
उषा के हाथ की विभा लुटा रहीं जवानियाँ..
                                              दिनकर
नींद से जागी आँखों में सपनीली,याथार्थ की कोई कहानियों के साथ आज की प्रस्तुति पर नजरें डालें..✍
☸☸

जनम जनम के अनुबंधों पर
हावी हो गई जग की रीत !
फिर सपनों के ताजमहल की
कब्र में सोई मेरी प्रीत !!!
मूरत तेरी गढ़ते जाना
पल-पल सूली चढ़ते जाना..

☸☸

अभिनन्दन
हर्षित जन गण
बीति बिसार
आगत का स्वागत
वर्ष नवल
समय अविरल
सत्य अटल
हो कर गतिमान..

☸☸


स्वप्न मेरे ...
हूबहू कल सा ही दिन था जो खिला
भोर बोझिल बदहवास सी मिली
धूप जैसी कल थी वैसी ही मिली
रात का आँचल भी तक़रीबन वही
पर नयी तारीख़ सबको थी मिली
सोचता हूँ क्यों रखूँ कोई गिला ...

☸☸

सुप्रिया सिंह जी ,की आध्यात्मिक ज्ञान...
कृपा से तेरी जग में तर गए कई अधम 
हर हर हर महादेव डम डम डमरू के स्वर 
कर रहे प्रसार जग में जीवन का प्रतिक्षण 
सत चित आनंद की त्रिवेणी है त्रिशूल में

☸☸

तन्हाई में बिखरी खुशबू ए हिना तेरी है
वीरान खामोशियों से आती सदा तेरी है
टपक टपक कर भरता गया दामन मेरा
फिर भी खुशियों की माँग रहे दुआ तेरी है
.......
हम-क़दम का नया विषय

यहाँ देखिए
........

☸☸
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह'तृप्ति.. ✍

17 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात सखी
    बेहतरीन अंक...
    साधुवाद...
    सादर..

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुप्रभात ! साहित्यिक शब्दावली की खुश्बू से पगी मनोरम भूमिका के साथ सुन्दर लिंक संयोजन । इस प्रस्तुति में मेरी रचना को मान देने के लिए आपका तहेदिल से आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर भूमिका पम्मी जी...बेहतरीन रचनाओं का शानदार संकलन...बहुत आभार मेरी रचना को शामिल करने के लिए।
    सादर।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर हमक़दम का संकलन 👌

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह!!खूबसूरत प्रस्तुति !!

    उत्तर देंहटाएं
  7. ....बेहतरीन रचनाओं का शानदार संकलन

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह बहुत ही सुंदर प्रस्तुति पम्मी जी दिनकर जी के सरस काव्य के साथ।
    सभी रचनाऐं बहुत मनभावन।
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।
    सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही सुंदर अंक
    बेहतरीन रचनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  10. बेहतरीन संकलन , आप सब को नव वर्ष की हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुंदर प्रस्तुति आभार सदर।

    उत्तर देंहटाएं
  12. शानदार प्रस्तुतिकरण उम्दा लिंक संकलन...
    आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं...

    उत्तर देंहटाएं
  13. बेहतरीन संकलन रचनाओं का ...
    आभार मेरी रचना को आज की हलचल में जगह के लिए ...

    उत्तर देंहटाएं
  14. वाह ! कविवर दिनकर जी की शानदार काव्य पंक्तियों से प्रस्तुति का मनमोहक आग़ाज़। बेहतरीन संकलन। सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।


    उत्तर देंहटाएं
  15. सुंदर अंक एवं मनभावन शुरूआत कविवर्य दिनकर जी की पंक्तियों से। मेरी रचना को शामिल करने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं

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