पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद एक और निवेदन आप सभी से आदरपूर्वक अनुरोध है कि 'पांच लिंकों का आनंद' के अगले विशेषांक हेतु अपनी अथवा अपने पसंद के किसी भी रचनाकार की रचनाओं का लिंक हमें आगामी रविवार तक प्रेषित करें। आप हमें ई -मेल इस पते पर करें dhruvsinghvns@gmail.com तो आइये एक कारवां बनायें। एक मंच,सशक्त मंच ! सादर

समर्थक

सोमवार, 4 जनवरी 2016

170....नहीं कर सकूँगा लक्ष्यभेद अब केशव

वर्ष का चौथा दिन
नहीं लगता कि 
साल नया है
उल्लास, उमंग
जानों ऊँघ रहे हैं
सारे के सारे 
नेट के संग ही
झूम, गा और 
नाच रहे हैं
और मैं उन्हीं के लिए
प्रस्तुति बना रही हूँ
अलग नहीं न हूँ मैं उनसे..
चलिए...देखते हैं..

लाख तुमने पहन रखा हो
खामोशियों का जिरह बख्तर
मेरी आहें इतनी भी बेअसर नहीं
कि तुम्हारे इस कवच को
पिघला न सकें ! 


नहीं कर सकूँगा लक्ष्यभेद अब केशव
द्रोणाचार्य के आगे नतमस्तक होना भी मुमकिन नहीं
पितामह की वाणशय्या के निकट बैठ लूँगा
पर,
कोई अनुभव,
कोई निर्देश नहीं सुन सकूँगा


ज्ञात होता यदि मुझे उद्देश्य मेरा,
व्यर्थ न मैं व्यथा का जीवन बिताता ।
छोड़ देता पत्थरों के संग्रहों को,
यदि कहीं मैं सत्य का उपहार पाता ।।

चोर-चोर  सब  मौसेरे भाई
भ्रष्टाचार की  खूब कमाई .!
गज़ब एकता उनमे होती ,
मिलकर खाते खीर मलाई !


मँहगाई सी रातें 
सीमित खातों जैसे दिन ।
हुए कुपोषण से ,
ये जर्जर गातों जैसे दिन ।

और ये है आज के प्रस्तुति की अंतिम कड़ी


नये साल पर माँ ने चेताया कि 
अनजाने लोगों से ज्यादा मत मिला कर,
और अकेले तो बिलकुल ही मत मिला कर .....
आजकल अखबार में बहुत -सी 
खबरें आती है .... जानने वाले ही धोखा दे देते हैं ....

आज्ञा दें..यशोदा को
फिर मिलते हैं









5 टिप्‍पणियां:

  1. शुभप्रभात...
    सुंदर रचनाओं को स्थान दीया है...
    आभार दीदी आप का...

    उत्तर देंहटाएं
  2. चुने हुए बेहतरीन लिंक्स और बहुत सुन्दर प्रस्तुति ! मेरी रचना को आज की हलचल में सम्मिलित करने के लिये आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार यशोदा जी !

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...