निवेदन।

*हम अपने पाठकों का हर्षित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि शनिवार दिनांक 14 जुलाई, रथयात्रा के दिन हमारे ब्लॉग का तीसरा वर्ष पूर्ण हो रहा है, साथ ही यह ब्लौग अपने 11 शतक भी पूरे कर रहा है, इस अवसर पर आपसे
आपकी पसंद की एक रचना की गुज़ारिश है, रचना किसी भी विषय पर हो सकती है, जिससे हमारा तीसरी वर्ष यादगार वर्ष बन जाएगा* रचना दिनांक 13 जुलाई 2018 सुबह 10 बजे तक हमे इस ब्लौग के संपर्क प्रारूप द्वारा भेजे।
सादर


समर्थक

शनिवार, 13 मई 2017

666... युद्ध





सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष

सोच रही थी क्या विषय बनाऊं
Google से उधार मांगी तो देखिये क्या मिला
13 मई से होगा तीसरा विश्वयुद्ध शुरू / third world war will start from 13 may 



युद्ध मोरयां दगडीयूँ का  भूतों का दगडू  थेय ,
        दगड कत्ल  का टपकदा  उंका स्वीणा ,अर उ फक्र करला
शानदार लडै फर जैन्ल ख़तम कैर  द्याई उन्कू सरया हंकार
         आदिम , जू चलीं ग्यें लडै मा , छीं गंभीर अर खुश
 नफरात करद  आंखि त्वे से  ,  दुखी  अर बोल्या बच्चों क़ि



कारगिल कोई अगर कह देता कि भइया यह कविता नहीं तो
वहीं पर एक और कारगिल युद्ध करने को उतारू हो जाते।
एक-दो लोगों ने तो सीधे-सीधे चुनौती दे डाली कि
तुम्हीं कोई कविता लिखकर बता दो
कि युद्ध पर ऐसे नहीं तो कैसे लिखना चाहिए।



युद्ध शक्ति मे कम ना भक्ति मे कम, जीत की खुशी ना हार का गम ।
खूब लडे वतन दीवाने, घर के बन गये थे बेगाने ॥
लूट खसोट कर देव का धाम, लूट खसोट कर शहर व ग्राम ।
वापस लौटा जब महमूद, करदिया उसका राह अवरूद्ध ॥
भीम भयंकर आंधी तूफान, सुल्तान भूल गया औसान ।
दब गए उसके सारे हाथी, बिछडे उसके सारे साथी ॥


युद्ध व्यक्ति हो या राष्ट्र यदि उसकी वाणी में आग नहीं है
तो उसकी वंदना भी व्यर्थ हो जाएगी।
वीरता के अभाव में विनयशीलता क्रंदन बन जाती है।
माथे की शोभा तलवार के घाव से या रक्त चंदन के तिलक से होती है।



युद्ध


><><


फिर हम मिलेंगे

विभा रानी श्रीवास्तव





4 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात दीदी
    सादर नमन
    चेतावनी देता हुआ आज का अंक
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस युग का युद्ध मतलब विनाश । सुन्दर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  3. इतिहास गवाह है कोई भी युद्ध विनाश का ही कारण बनता है
    प्रेरक हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...