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गुरुवार, 27 सितंबर 2018

1168....दर्द भर स्याही से जीवनभर काग़ज़ पर लिखी....

सादर अभिवादन। 

 अब हम सब जान लें 
आधार नहीं है निराधार 
मध्यवर्गीय जनता को 
राहत देने के लिये 
सुप्रीम कोर्ट का आभार। 

आइये आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-

माँ ...दिगम्बर नासवा 


दूध घी पर सबसे पहले नाम होता था मेरा
रोज़ सरसों तेल की मालिश करा देती थी माँ

शोर थोड़ा सा भी वो बर्दाश करती थी नहीं  
घर में अनुशासन सभी को फिर सिखा देती थी माँ  



बहुत हो चुका अब लगाओ निशाना ................

सजा दे जो गुलशन मिला दे जो सबको
मुहब्बत को अब इस कदर देखना है
लगी आज महफिल चटक चांदनी में 
नजारा  हमें  रात भर देखना है



चाँद तुम क्या हो….कुसुम कोठारी

 


क्योंकि कवि मन को 

तुम्हारी आलोकित
मन को आह्लादित करने वाली
छवि बस भाती
भ्रम में रहना सुखद लगता
चांद मुझे तुम
मन भावन लगते।



सुसाइड नोट…..अभिलाषा "अभि"



दर्द भर स्याही से
जीवन भर कागज पर लिखी
जो मेरी थाती है ,
बस इसे ही समझना:
कई बार जताया था मैंने
कि मैं भंवर में हूँ,


काफ़िले दर्द के…लोकेश नशीने 



देखकर तीरगी बस्ती में उम्मीदों की मिरे
अश्क़ ये टूटकर जुगनू से बिखर जाते हैं

बसा लिया है दिल में दर्द को धड़कन की तरह
ज़ख्म, ये वक़्त गुजरता है तो भर जाते हैं


अंधाकुआँ सी है जिंदगी…..सुमन कपूर 




जो होता है 
,
वो दिखता नहीं जो दिखता है ,

वो होता नहीं एक अंधा कुआँ सी है जिंदगी हर कोई गिरता है,

पर संभलता नहीं


चलते-चलते एक नज़र राही जी की अनूठी प्रस्तुति पर -



 

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हम-क़दम के अड़तीसवें क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए....


आज बस यहीं तक 
फिर मिलेंगे अगले गुरूवार। 
शुक्रवारीय प्रस्तुति - आदरणीया श्वेता सिन्हा जी 

रवीन्द्र सिंह यादव  

19 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर रचनाओं का संगम ,आभार आपका

    जवाब देंहटाएं
  2. शुभ प्रभात
    अच्छी प्रस्तुति
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  3. वाह!लाज़वाब रचनाएँ... हर रचना असरदार...
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  4. सुप्रभात
    वाह
    सुंदर रचनाओ की हलचल का आनंद ही अलग हैं।आभार

    जवाब देंहटाएं
  5. शुभ प्रभात
    उम्दा और बेहतरीन रचनाओं की हलचल प्रस्तुति
    सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण संकलन सभी चयनित रचनाकारों को बधाई

    जवाब देंहटाएं
  7. बेहतरीन रचनाओं का संकलन ...
    आभार मेरी पोस्ट हो आज की हलचल में जगह देने के लिए ...

    जवाब देंहटाएं
  8. सुंदर प्रस्तुति शानदार रचनाएं सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं
  9. खूबसूरत लिंक संयोजन ! मेरी रचना को स्थान देने के लिए हार्दिक आभार आदरणीय ।

    जवाब देंहटाएं
  10. रवीन्द्र जी, आभार,सुन्दर प्रस्तुति,इस चर्चा में सम्मलित सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  11. रवींद्र जी आपके विशेष अंदाज़ में संयोजित की गयी आज की सभी रचनाएँ बहुत अच्छी लगी।
    बेहतरीन अंक सभी रचनाकारों को हार्दिक. शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  12. बेहतरीन रचनाओं का बेहतरीन संकलन
    बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं
  13. बेहतरीन रचनाओं का सुंदर संकलन..
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई
    आभार।

    जवाब देंहटाएं
  14. बेहतरीन लिंक संकलन एवं शानदार प्रस्तुतिकरण...

    जवाब देंहटाएं
  15. सुंदर लिंकों का चयन और उस में मेरी रचना को स्थान देने के लिये सादर आभार। सभी रचनाकारों को बधाई।
    साभार।

    जवाब देंहटाएं

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