निवेदन।

*हम अपने पाठकों का हर्षित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि शनिवार दिनांक 14 जुलाई, रथयात्रा के दिन हमारे ब्लॉग का तीसरा वर्ष पूर्ण हो रहा है, साथ ही यह ब्लौग अपने 11 शतक भी पूरे कर रहा है, इस अवसर पर आपसे
आपकी पसंद की एक रचना की गुज़ारिश है, रचना किसी भी विषय पर हो सकती है, जिससे हमारा तीसरी वर्ष यादगार वर्ष बन जाएगा* रचना दिनांक 13 जुलाई 2018 सुबह 10 बजे तक हमे इस ब्लौग के संपर्क प्रारूप द्वारा भेजे।
सादर


समर्थक

शनिवार, 25 फ़रवरी 2017

589 ... माँ


सभी को यथायोग्य
प्रणामाशीष


स्त्री
ढ़ली
सूत्राली
स्नेह उर
खूँट आशीष
कर बलशाली
माँ की विरुदावली


  हेलो फ्रेंड्स


माँ पर नहीं लिखी जा सकती कविता



चित्र में ये शामिल हो सकता है: एक या और लोेग  मिशन समृद्धि



माँ मेरी माँ  Image result for माता पर कविता



   लंबे अंतराल के बाद




फिर मिलेंगे ..... तब तक के लिए

आखरी सलाम


विभा रानी श्रीवास्तव



4 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    माँ
    इस
    एक शब्द में
    सारा संसार
    समाहित है
    अच्छी प्रस्तुति
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभप्रभात आनंद आ गया बहुत-बहुत आभार

    उत्तर देंहटाएं
  3. सच है माँ पर नहीं लिख सकता है कोई चाह कर भी अनन्त है माँ । सुन्दर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति..

    उत्तर देंहटाएं

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