निवेदन।

*हम अपने पाठकों का हर्षित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि शनिवार दिनांक 14 जुलाई, रथयात्रा के दिन हमारे ब्लॉग का तीसरा वर्ष पूर्ण हो रहा है, साथ ही यह ब्लौग अपने 11 शतक भी पूरे कर रहा है, इस अवसर पर आपसे
आपकी पसंद की एक रचना की गुज़ारिश है, रचना किसी भी विषय पर हो सकती है, जिससे हमारा तीसरी वर्ष यादगार वर्ष बन जाएगा* रचना दिनांक 13 जुलाई 2018 सुबह 10 बजे तक हमे इस ब्लौग के संपर्क प्रारूप द्वारा भेजे।
सादर


समर्थक

रविवार, 26 फ़रवरी 2017

590.....कुछ लोग लोगों को उनके बारे में सब कुछ बताते हैं

सादर अभिवादन
आज की ताजा खबर
विरमसिंह शादी के कार्यक्रम मे फसे हैं
तो.....मैं हूँ न..
चलिए चलते हैं आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर...

शब्द
आख़िर लौट कर आएँगे
ये मेरे पास एक दिन
आएँगे
मेरे कवि-मन के आँगन में
मरूस्थल बनी
मेरे मन की धरा पर
बरसेंगे रिमझिम

जब तुम खुद को बिल्कुल खाली समझना,
जब तुम्हे लगे कि जैसे,
कुछ है ही नही तुम्हारे लिये..
तब तुम मुझे पढ़ना,

बरसों से जो साथ थे, अचानक बिछड़ गए,
जाने कहाँ से आए थे, कहाँ चले गए.

आसां नहीं होता दिल की बात कह देना,
मैं सोचता ही रह गया,वे उठकर चले गए.

तुझे चाहा था.. मैंने उम्र भर ! 
ये हौसला भी तो कम न था ​!!​ ​
ए​क तेरे गम के.. सिवा मुझे ! 
मुझे ​​ ​ और कोई भी गम न था !! 


इंसानों से अलग 
कुछ अलग तरह 
के लोग सब कुछ होते हैं 
‘उलूक’ भगवान की पूजा 
करने से नहीं मिलता है मोक्ष 
कुछ लोगों की 
शरण में जाना पड़ता है 
आज के जमाने में 
भगवान भी उन्ही 
लोगों से पूछने 
कुछ ना कुछ आते हैं । 








2 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया हलचल. मेरी कविता शामिल करने के लिए शुक्रिया.

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर हलचल । आभार यशोदा जी 'उलूक' के सूत्र 'कुछ लोग लोगों को उनके बारे में सब कुछ बताते हैं' को आज के शीर्षक पर जगह देने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...