निवेदन।

*हम अपने पाठकों का हर्षित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि शनिवार दिनांक 14 जुलाई, रथयात्रा के दिन हमारे ब्लॉग का तीसरा वर्ष पूर्ण हो रहा है, साथ ही यह ब्लौग अपने 11 शतक भी पूरे कर रहा है, इस अवसर पर आपसे
आपकी पसंद की एक रचना की गुज़ारिश है, रचना किसी भी विषय पर हो सकती है, जिससे हमारा तीसरी वर्ष यादगार वर्ष बन जाएगा* रचना दिनांक 13 जुलाई 2018 सुबह 10 बजे तक हमे इस ब्लौग के संपर्क प्रारूप द्वारा भेजे।
सादर


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शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

462.....बाअदब बामुलाहिजा होशियार सब्र कर जल्दी ही आ रहे हैं ठेकेदार

सादर अभिवादन स्वीकार करें
आज परेशान सी हूँ
मेरे घर से कुछ घर पश्चात
अखण्ड रामायण का आयोजन है
कोलाहल तो नहीं कह सकते
पर हाँ कानों को विचलित अवश्य कर रहे हैं
खैर चौबीस घण्टे में शान्ति मिल जाएगी...

चलिए चलते हैं आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर....

मैं संग्रहित करता रहा 
जीवन पर्यन्त 
द्रव्य रिश्ते नाते 
तेरे मेरे 
सम्बन्ध अनगिनत 
नहीं एकत्रित करने का - 
ध्यान गया



बहकर भावों की धारा में,
कवि बैरागी नहीं बनना
चाहत को क्यों लिखना,
देवदास ही क्यों बनना
अब प्यार नहीं करना ।


एकांत में एकदम चुप
कँपते ठंडे पड़े हाथों को
आपस की रगड़ से गरम करती
वो शांत है
ना भूख है
ना प्यास है
बस बैठी है
उड़ते पंछीयों को देखती


नया सूरज निकाला जा रहा है
दिए में तेल डाला जा रहा है

हमीं बुनियाद का पत्थर हैं 
लेकिन हमें घर से निकाला जा रहा है 



तुम्हारा ख़याल...........प्रतिभा कटियार
तुम्हारा ख़याल
कोयल को कर देता है बावला
और वो बेमौसम गुंजाने
लगती है आकाश
टेरती ही जाती है
कुहू कुहू कुहू कुहू


कारगर है डेंगू का एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक उपाय....कविता रावत
 डेंगू का आयुर्वेदिक उपचार के तहत् पहले कब्जी दूर करने के लिए हरड़े का चूर्ण एक चम्मच रात को गर्म पानी में लेने और मुनक्का भिगोकर खाने को दिया जाता है। शरीर में बाहरी त्वचा पर कर्पूर, पानी में मिलाकर लगाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही तुलसी के पांच पत्ते, नीम के पांच पत्ते पीसकर उसकी तीन गोली बनाकर एक-एक गोली दिन में तीन बार लगातार 5 दिन तक पानी से लेने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही हल्दी आधा चम्मच, दो काली मिर्च, तुलसी के दो पत्तों को 250 ग्राम पानी में उबालकर आधा पानी शेष रहने पर नींबू के रस या चीनी के साथ मिलाकर पीने, बिना दूध की नींबू की चाय पीने, एक कप गर्म दूध में हल्दी दो ग्राम, तुलसी के तीन पत्ते पीसकर मिलाकर दिन में दो बार लेने से लाभ होता है।
          इसके अतिरिक्त तुलसी के पत्तों का रस पाव चम्मच, शहद पाव चम्मच, एक चुटकी सौंठ के मिश्रण को दिन में तीन बार लेने, नींम की सात कोंपल, पांच काली मिर्च पीसकर दो चम्मच पानी में मिलाकर दिन में तीन बार लेने और सौंठ, काली मिर्च, पीपल, अजवायन, तुलसी के पत्ते, नीम के तीन-तीन पत्तों को लेकर उन्हें पीसकर दो चम्मच पानी में मिलाते हुए थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर तीन बार लेने से विशेष लाभ होता है।




ये है आज का शीर्षक..जो आज भी ज्वलन्त है
पुरानी बकवास नया लिबास
कोई किसी
से नहीं
डर रहा है
किसी को
ऐ कम्पनी
का भरोसा है
कोई डी
कम्पनी तक
सीधे अपनी
भी पहुंच
बता रहे हैं

.....
आज यहीं तक
सादर
यशोदा

5 टिप्‍पणियां:

  1. सस्नेहाशीष संग सुप्रभात छोटी बहना
    उम्दा प्रस्तुतिकरण

    उत्तर देंहटाएं
  2. Waaaah ..... Hmesha ki tarah behatreen links evm prastuti ...... Aabhar !

    उत्तर देंहटाएं
  3. निखरी हुई शुक्रवारीय हलचल में 'उलूक' की एक पुरानी बकवास 'बाअदब बामुलाहिजा होशियार सब्र कर जल्दी ही आ रहे हैं ठेकेदार'को जगह देने के लिये आभार यशोदा जी ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. शुभप्रभात.... सुंदर संकलन....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति में मेरी पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं

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