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बुधवार, 6 जनवरी 2021

2000..2000 वाँ अंक मशकूर हूँ कि आज क्या क्या लिखे ..

 



।। उषा स्वस्ति ।।


रोशनी पूंजी नहीं है, जो तिजोरी में समाये,

वह खिलौना भी न, जिसका दाम हर गाहक लगाये..

उग रही लौ को न टोको!

ज्योति के रथ को न रोको!

यह सुबह का दूत हर तम को निगलकर ही रहेगा।

जल गया है दीप तो अंधियार ढल कर ही रहेगा..!!

गोपालदास 'नीरज'

सुहानी भोर के साथ ...

2000 वाँ अंक मशकूर  हूँ कि आज क्या क्या लिखे ..

पाँच लिंको के सह रचनाकारों का अलंग लिखे

महावर हाथ में भर पल्लवित उमंग लिखे,

 या आँसुओं की बतंग लिखे..

 फिर..आसपास घटती घटनाओं की फलंग लिखे.. 

छोड़िये.. ये सब, कलम को पन्नों के तह में छुपकर 

हमनें फिर आप सभी की रचनाओं को यहीं फिर सजा दी है..

पढ़िएगा जरूर✍️

⚜️⚜️

अदांज ग़ाफ़िल

मेरे इज़्हारे मुहब्बत पे लगा अपनी मुहर



वो अगर चाहे मक़ाँ मेरा अभी घर कर दे

ऐ ख़ुदा कैसी है उलझी ये डगर उल्‍फ़त की

अपने ग़ाफ़िल के लिए कोई तो रहबर कर दे...

⚜️⚜️

मन चाहे विश्राम जहाँ...नींद में ही सही..



कुछ स्मृतियाँ कुछ कल्पनाएँ 

बुनता रहता है मन हर पल 

चूक जाता है इस उलझन में 

आत्मा का निर्मल स्पर्श....

 यूँ तो चहूँ ओर ही है उसका साम्राज्य 

 घनीभूत अडोल वह है सहज ..

⚜️⚜️

एक शाम मेरे नाम



वार्षिक संगीतमाला 2020 : गीत # 24 :
बड़ी ही नशीली संगत तेरी... तू है मेरी आदत बुरी

वार्षिक संगीतमाला की चौबीसवीं सीढ़ी पर है
एक रूमानी गीत फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर का जिसे संगीतबद्ध किया है हीमेश रेशमिया...

⚜️⚜️

चतुर नार....साढ़े पाँच मीटर


सुनो लड़कियों

तुम अगर थोड़ी कम लंबी हो 

तो मैं तुम्हे लंबा दिखा सकती हूँ

थोड़ी ज्यादा ही लंबी हो तो

संतुलन बना सकती हूँ

अगर थोड़ी सी मोटी हो, तो

चिंता न करो कतई

⚜️⚜️

लम्हों का सफ़र...क्षणिकाएं



छोटे-छोटे लम्हों में   

यादों की ढेरों कतरन हैं   

सबको इकट्ठाकर   

छोटी-छोटी कहानी रचती हूँ   

अकेलेपन में   

यादों से कहानियाँ निकल   

मेरे चेहरे पे खिल जाती

⚜️⚜️

।।इति शम ।।

धन्यवाद

पम्मी सिंह 'तृप्ति'..✍️

15 टिप्‍पणियां:

  1. कृतज्ञतापूर्वक साधुवाद पाठकों का 2000 प्रस्तुति तक साथ निभाने हेतु
    सुन्दर लिंक्स चयन

    जवाब देंहटाएं
  2. पाँच लिंको को इक्कीसवीं शताब्दी की हलचल में लाने की अप्रतिम बधाई, पम्मी जी!!! आशा है, 'अतृप्ति' का यह तर्पण काल को लाँघता रहेगा। सभी रचनाकारों को इस ऐतिहासिक अंक के सहयात्री बनने की हार्दिक बधाई!!!🌹🌹🌹

    जवाब देंहटाएं
  3. पांच लिंकों का सुहाना साथ और 2000का
    जादुई आंकड़ा!!! हार्दिक बधाई प्रिय पम्मी जी इस अंक विशेष की सूत्रधार बनने के लिए। पांच लिंक सुबह की मधुर आदतों में शुमार है। इस मंच के नाम नये पुराने रचनाकारों को अनगिन पाठकों तक पंहुचाने की पुनीत उपलब्धि दर्ज है आजके भाग्यशाली रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं। मंच को कोटि नमन और आभार🙏 🌹🌹🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  4. सभी सुधी पाठकों,रचनाकारों,मंच के लिए समर्पित
    नये-पुराने सभी चर्चाकारों,चिट्ठाजगत में आपसी सामंजस्य और सहभागिता से अनवरत ज़ारी यात्रा के सहयात्रियों एवं पाँच लिंक परिवार को मेरा कोटिश धन्यवाद।
    सभी को बधाई और.शुभकामनाएं।

    पठनीय सूत्रों से सजी सुंदर प्रस्तुति पम्मी दी।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  5. 2००० वें अंक के लिए बधाई ! नीरज की सुंदर रचना से सजी भूमिका के साथ पठनीय रचनाओं का चयन ! आभार !

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  7. वाह अनपम रचना प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  8. बेहतरीन संयोजन हेतु साधुवाद 🙏🌹🙏

    जवाब देंहटाएं
  9. आभार सभी को
    आप सब के दम पर
    हम कायम हैं इस पड़ाव पर..
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  10. पांच लिंको का आनंद के 2000 वे अंक हेतु सभी रचनाकारों, पाठको को बहुत बहुत बधाई। इस उपलब्धि को हासिल करने में खास कर रचनाकारों की मेहनत का ही हाथ है। ढेर सारे ब्लॉग्स में से चुनिंदा रचनाओं को छांटना,संबधित ब्लॉग पर टिप्पणी करने फिर उसका लिंक यहां पर लगाना। इतनी सारी मेहनत के लिए सभी रचनाकार बधाई के पात्र है।

    जवाब देंहटाएं
  11. अपनी अति सुन्दर अति नटखट हलचल की सुन्दर सुहाना सफर के साक्षी होकर अति प्रसन्नता हेतु हार्दिक बधाई , आभार एवं शुभकामनाएँ ।

    जवाब देंहटाएं
  12. धन्यवाद मेरे ब्लॉग लिंक को यहाँ स्थान देने के लिए।

    जवाब देंहटाएं
  13. शानदार अंक शानदार प्रस्तुति,
    २००० अंकों के सुंदर सम्पादन के लिए सभी चर्चा कारों, रचनाकारों पाठकों सभी को बहुत बहुत बधाई।

    जवाब देंहटाएं

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