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बुधवार, 9 मई 2018

1027..हवा, धूल और बारिश की खूब आँख मिचौली...


।।प्रात:वंदन।।

संभावित आँधी ने सचमुच बवंडर मचा दिया..

जरूरत कुछ एहतियात बरतने की है

 हालात ये है कि 

बार - बार आसमान को ही निहारे जा रहे है। हवा, धूल और बारिश की खूब आँख मिचौली 

बनी ..ये तो खैर बातें है पर 

सुरक्षा में कोताही न बरतें।


आगे बढ़ते हैं , आज की लिंकों पर
 गौर फ़रमाएं...✍


⬮⬮




तू अगर साथ हो आसान सफर लगता है

वरना' अब ख़ुद की ही परछाई से डर लगता है।



जानवर भी हैं वफ़ादार अधिक इन्शाँ से

आज इन्शान को इन्शान से डर लगता है।

⬮⬮


किशन लाल परेशान थे। हों भी क्यों न? बेटी जवान हो चुकी और अभी तक शादी

 के लिए योग्य तो क्या अयोग्य वर भी नहीं मिला! बेटी पढ़ी लिखी, खूबसूरत थी मगर 

हाय! दोनों पैरों से अपाहिज ही बड़ी हुई थी अभागन। लड़के की तलाश में 

रिश्तेदारों, परिचितों के दरवाजे-दरवाजे माथा टेकते कई दिन बीत चुके थे। आज

 का मोबाइल .


⬮⬮

जड़ भूत संजोती कुक्षी में,

तत्व-प्राण, कण-कण तर्पण.

प्रणव पुरुष चिन्मय मानस,

चेतन अमृत अक्षत अर्पण.

पल-पल का पलकों पर पालन,

प्रसवन पल्लव फुलवारी की.

श्वास सुवास सृष्टि शोभित,

⬮⬮
चौथाखंभा से गजब! टिटहीं रोग हुआ वायरल, दुनिया भर में लोग बीमार..आप भी 
चेकअप करा लीजिये...

आजकल मेरे जैसे ही कई लोग टिटहीं रोग के शिकार हैं। इस रोग के बारे में नहीं 
पता, घोर आश्चर्य! चेकअप करवाइए, हो सकता है आप भी इस के मरीज हो! यह 
बहुत तेजी से वायरल हुआ है और इस को फैलाने में मार्क जोकरबर्ग का सबसे बड़ा 
योगदान है। हां, एक और व्यक्ति का भारत में सर्वाधिक योगदान है, वह है जियो
 जिंदाबाद के नारा देने वाले, कर लो दुनिया मुट्ठी में करके जेब भरने वाले अंबा(नी) 
का। अभी भी नहीं समझे, कौन से रोग की 
बात हो रही है।
⬮⬮
और अंत करती  हूँ एक कोमल रचना ..

श्वेता सिन्हा जी कलम से कहानी 




उम्र के बोझिल पड़ाव पर

जीवन की बैलगाड़ी पर सवार

मंथर गति से हिलती देह

बैलों के गलेे से बंधा टुन-टुन की
आवाज़ में लटपटाया हुआ मन
अनायास ही एक शाम
चाँदनी से भीगे 
गुलाबी कमल सरीखी


⬮⬮
हम-क़दम के अट्ठाहरवें क़दम
का विषय...
...........यहाँ देखिए...........


⬮⬮

कल यहीं पर एक नई प्रस्तुति के साथ..
।।इति शम।।
धन्यवाद

पम्मी सिंह..✍


20 टिप्‍पणियां:

  1. सुप्रभातम् पम्मी जीः)
    सुंदर संदेश देती आज की भूमिका के साथ बहुत अच्छी रचनाओं का संकलन है आज का अंक। सुगढ़ रचनाओं के इस गुलदस्ते में मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपकी बेहद आभारी हूँ।
    सभी साथी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. शुभ प्रभात सखी
    बेहतरीन संकलन
    सऊी को साभार शुभकामनाएँ
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. शुभ प्रभात सखी
      बेहतरीन संकलन
      सभी को साभार शुभकामनाएँ
      सादर

      हटाएं
  3. वाआआह बेहतरीन लिंक्स एवं प्रस्तुति ....

    उत्तर देंहटाएं
  4. जीवन की बैलगाड़ी पर सवार

    मंथर गति से हिलती देह

    बैलों के गलेे से बंधा टुन-टुन की
    आवाज़ में लटपटाया हुआ मन.... बहुत बढ़िया प्रस्तुति पम्मी जी। आभार और बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  5. शानदार प्रस्तुति पम्मी जी ।
    सभी रचनाकारों को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर रचनायें बढ़िया बुलेटिन।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुप्रभात, सुन्दर रचनाएँ, बधाई|

    उत्तर देंहटाएं
  8. बिहारियों को तो घोषणाओं की प्रतीक्षा करने की आदत सी हो गई है...
    सुंदर संकलन

    उत्तर देंहटाएं
  9. सूंदर प्रस्तुति पम्मी जी,सभी रचनाकारों को शुभकामनाये.. आभार हलचल का जो सुबह सुबह ये ठंडी हवाके झोंके की तरह वाले अंक मिलते हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  10. शानदार प्रस्तुति ।
    सभी रचनाकारों को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  11. अतिसुन्दर संकलन पम्मी जी

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह!!बहुत खूबसूरत संकलन..सभी रचनाकारों को बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  13. प्रिय पम्मी जी -- बिगड़े मौसम के बारे में कपोल कल्पित भविष्यवाणियों ने हरियाणा वासियों के होश उड़ा दिए | अनाप - शनाप संदेश वायरल हो रहे हैं | इधर मौसम विभाग मुकर गया कि उसने ऐसी कोई वाणी भविष्य के बारे में जारी ही नही की | आंधी तूफ़ान आया पर वैसा ही जैसा हर साल आता है हां चार -पांच दिन पहले जरुर दिन में कुछ पलों के लिए अँधेरे का आभास हुआ | बहरहाल सावधानी हर हाल में दरकार है | सभी सजे लिंक बहुत बढ़िया है सभी को पढ़ा - लिखा | सस्नेह आभार और बधाई आपको रोचक संयोजन के लिए | सभी रचनाकारों को शुभकामनायें |

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुन्दर रचना।.........
    मेरे ब्लाॅग पर आपका स्वागत है ।

    उत्तर देंहटाएं
  15. पम्मी जी
    आज का दिन व्यस्तता में गुजरा था
    तो ब्लॉग पर थोड़ी लेट से पहुंचा हूँ

    और ऊपर से विश्व मोहन जी के ब्लॉग ने शब्दकोष में व्यस्त कर दिया। 😁
    कहानी में मजा आया...आज भी अच्छी मानसिकता के धनी लोग मौजूद हैं जानकर अच्छा लगा।
    गजल मस्त हैं
    चौथा खम्भा में तंज़ कमाल का था।

    श्वेता जी की रचना बार बार पढोगे तो पाओगे की हर बार मायने अलग निकल रहें हैं।

    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  16. संक्षिप्त प्रस्तावना के साथ सम-सामयिक प्रस्तुति। विचारणीय सूत्रों का चयन। सुन्दर प्रस्तुति के लिए आदरणीया पम्मी जी को बधाई।

    इस अंक में चयनित सभी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाऐं।

    उत्तर देंहटाएं
  17. लिंक शामिल करने और ब्लॉग में प्राण फूंकते रहने के लिए आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  18. वाह वाह पम्मी जी वाह एक से एक बेहतरीन लेखन कुछ जग बीती कुछ मन बीती कहता सा ...रही बात अंधड़ की तो सखी ये खूब चला अफवाहों मैं सब के मन के तार हिला गया खुद चला महज अखबारों मैं !

    उत्तर देंहटाएं

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