।।प्रात:वंदन।।
संभावित आँधी ने सचमुच बवंडर मचा दिया..
जरूरत कुछ एहतियात बरतने की है
हालात ये है कि
बार - बार आसमान को ही निहारे जा रहे है। हवा, धूल और बारिश की खूब आँख मिचौली
बनी ..ये तो खैर बातें है पर
सुरक्षा में कोताही न बरतें।
आगे बढ़ते हैं , आज की लिंकों पर
गौर फ़रमाएं...✍
⬮⬮
तू अगर साथ हो आसान सफर लगता है
वरना' अब ख़ुद की ही परछाई से डर लगता है।
जानवर भी हैं वफ़ादार अधिक इन्शाँ से
आज इन्शान को इन्शान से डर लगता है।
⬮⬮
किशन लाल परेशान थे। हों भी क्यों न? बेटी जवान हो चुकी और अभी तक शादी
के लिए योग्य तो क्या अयोग्य वर भी नहीं मिला! बेटी पढ़ी लिखी, खूबसूरत थी मगर
हाय! दोनों पैरों से अपाहिज ही बड़ी हुई थी अभागन। लड़के की तलाश में
रिश्तेदारों, परिचितों के दरवाजे-दरवाजे माथा टेकते कई दिन बीत चुके थे। आज
का मोबाइल .
⬮⬮
जड़ भूत संजोती कुक्षी में,
तत्व-प्राण, कण-कण तर्पण.
प्रणव पुरुष चिन्मय मानस,
चेतन अमृत अक्षत अर्पण.
पल-पल का पलकों पर पालन,
प्रसवन पल्लव फुलवारी की.
श्वास सुवास सृष्टि शोभित,
⬮⬮
चौथाखंभा से गजब! टिटहीं रोग हुआ वायरल, दुनिया भर में लोग बीमार..आप भी
चेकअप करा लीजिये...
आजकल मेरे जैसे ही कई लोग टिटहीं रोग के शिकार हैं। इस रोग के बारे में नहीं
पता, घोर आश्चर्य! चेकअप करवाइए, हो सकता है आप भी इस के मरीज हो! यह
बहुत तेजी से वायरल हुआ है और इस को फैलाने में मार्क जोकरबर्ग का सबसे बड़ा
योगदान है। हां, एक और व्यक्ति का भारत में सर्वाधिक योगदान है, वह है जियो
जिंदाबाद के नारा देने वाले, कर लो दुनिया मुट्ठी में करके जेब भरने वाले अंबा(नी)
का। अभी भी नहीं समझे, कौन से रोग की
बात हो रही है।
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और अंत करती हूँ एक कोमल रचना ..
श्वेता सिन्हा जी कलम से कहानी
उम्र के बोझिल पड़ाव पर
जीवन की बैलगाड़ी पर सवार
मंथर गति से हिलती देह
बैलों के गलेे से बंधा टुन-टुन की
आवाज़ में लटपटाया हुआ मन
अनायास ही एक शाम
चाँदनी से भीगे
गुलाबी कमल सरीखी
कल यहीं पर एक नई प्रस्तुति के साथ..
।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह..✍



