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बुधवार, 18 अप्रैल 2018

1006 मौन अच्छा है किन्तु मनन के लिए..


।।शुभ भोर वंदन।।

आज दिनांक १८अप्रैल शुक्ल पक्ष

 की तृतीया तिथि जीवन की ज्ञान, इच्छा एवम् क्रियाशक्ति का बोध कराती

 अक्षय तृतीया का शुभ दिन है



तो फिर क्यूँ न हम दिन की शुरूआत भी  आदरणीय भवानी प्रसाद मिस्रा जी

की युक्तियों से करें..

साधारणतया मौन अच्छा है
किन्तु मनन के लिए
जब शोर हो
चारों ओर सत्य के हनन के लिए
तब तुम्हे अपनी बात ज्वलन्त शब्दों में
कहनी चाहिए.
सिर कटाना पड़े या न पड़े
तैय्यारी तो उसकी रहनी चाहिए.
~ पण्डित भवानी प्रसाद मिश्र


आज के लिंकों में जिन रचनाकारों के नाम है
 उसे क्रमानुसार पढ़ें..
आदरणीया श्वेता जी
आदरणीया अपर्णा वाजपेयी जी,
आदरणीय संजय ग्रोवर जी,
आदरणीय रवीन्द्र सिंह यादव जी
आदरणीय काजल कुमार जी और
आदरणीया शिवानी मौर्य जी..✍
🔸🔸




महसूस होती प्रेम की अनुभूतियों को

हृदय के गोह से निकलते

उफ़नते भावों के

मुख पर रख दो

संयम का भारी पत्थर..



🔸🔸



कि..... प्रेम ही बचा सकेगा

तिल-तिल मरती मानवता को,

प्रेम की अंगड़ाई जब घुट रही हो सरेआम,

मौत के घाट उतार दिए जा रहे हों प्रेमी युगल,

कल्पना करो

प्रेम के राग में सड़ांध भरती सिक्कों की खनक को



🔸🔸
क्या उन लोगों को भी जो कहते हैं ‘भगवान की मरज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता’! क्या उन लोगों को भी जो कहते हैं ‘बच्चे ईश्वर का रुप होते हैं’ ! लेकिन वही लोग यह भी कहते है कि ‘कण-कण में भगवान है’, ‘भगवान हर जगह मौजूद है’, ‘भगवान की लाठी में आवाज़ नहीं होती’, ‘भगवान जो चाहता है वही होता है’.....  

🔸🔸



हवाई जहाज़ में 

मच्छर ने यात्री को काटा !

सनसनी-ख़ेज़ समाचार/ ब्रेकिंग न्यूज़  

तब भी बनता 

जब हम पढ़ते- 


🔸🔸


🔸🔸



असल में तो दुखते है हकीक़त के छाले बड़े

किसे कहूँ यार अपना,नहीं कोई अब दिलदार अपना

दिल को मेरे खलते हैं अपनों के ये दिखावे बड़े

लम्हा है ख़ुशी का जी भर के मुस्कुराने दो इन्हें




🔸🔸
हम-क़दम के पन्द्रहवें क़दम
का विषय...
...........यहाँ देखिए...........


इसी के साथ आज की बातें यहीं तक कल मिलते है रवीन्द्र जी की प्रस्तुति के साथ..


।।इति शम।।
धन्यवाद

पम्मी सिंह..✍


19 टिप्‍पणियां:

  1. शपभ प्रभात
    बहुत अच्छी रचनाएँ पढ़वाई आज
    शुभ कामनाएँ अक्षय तृतिया की
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति। आदरणीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की। रचना हम सब को तैयार रहने का बोध कराती है। सभी रचनाएँ एक से बढ़कर एक हैं।मेरी रचना को भी स्थान देने के लिये सादर आभार।
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुप्रभातम् पम्मी जी,
    बेहद प्रभावशाली, सारगर्भित भूमिका के साथ लाज़वाब प्रस्तुति है आज के अंक की।
    सारी रचनाएँ बहुत अच्छी हैं।
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए सादर आभार आपका।
    सभी साथी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. असीम शुभकामनाएं सस्नेहाशीष संग
    अति सुंदर प्रस्तुतीकरण

    उत्तर देंहटाएं
  5. पम्मी जी हर बार की तरह नाविक के तीर जैसी सटीक सी प्रस्तुति शानदार।
    सभी रचनाऐं बहुत सुंदर सभी रचनाकारों को बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत आभारी हूँ पम्मी जी आपकी मेरी रचना को स्थान देने के लिए..सभी रचनाएँ एक से बढ़ कर एक है। सधन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत आभारी हूँ पम्मी जी आपकी मेरी रचना को स्थान देने के लिए..सभी रचनाएँ एक से बढ़ कर एक है। सधन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  8. अति सुंदर प्रस्तुतीकरण

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  10. अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं। कविवर भवानी प्रसाद मिश्र जी की रचना का उल्लेख करते हुए आदरणीया पम्मी जी ने एक बेहतरीन प्रस्तुति हमारे समक्ष प्रस्तुत की है। रिशांक में चयनित सभी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं। मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कृपया रिशांक को इस अंक पढ़ें। धन्यवाद।

      हटाएं
    2. वाह!बहुत सुंंदर प्रस्तुति। सभी रचनाएँ लाजवाब ।

      हटाएं
  11. बढ़िया, पम्मी जी की खास अंदाज वाली प्रस्तुति। बधाई!!!

    उत्तर देंहटाएं
  12. मनमोहक रचनाएँ....सुंदर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  13. लाजवाब प्रस्तुतिकरण उम्दा पठनीय लिंक संकलन...

    उत्तर देंहटाएं
  14. प्रिय पम्मी जी -- बहुत ही मनन परक बात लिखी -- मौन जरूरी है पर मनन के लिए | मौन अवस्था पर हो तो अभिशाप है |मौन अव्यवस्थाओं के प्रति मौन समर्थन है |मौनधारण करने वाले कोई क्रान्ति नहीं कर सकते | उसके लिए स्वर प्रखर करने पड़ते हैं | सुंदर प्रस्तुतिकरण | सभी रचनाएँ पढ़ तो ली है पर सभी पर लिखना संभव नहीं हो पाया | सभी रचनाकारों को सस्नेह बधाई और आपको भी प्यार भरी शुभकामनाये | सभी साहित्य प्रेमियों को अक्षयतृतीया महा पर्व की हार्दिक मंगल कामनाएं |

    उत्तर देंहटाएं
  15. पम्मी जी निश्चय मौन ही अच्छा मनन के लिये ..अद्भुत और आध्यत्मिक काव्य

    उत्तर देंहटाएं

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