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गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

1007...कदम कदम बढ़ाये जा ...

सादर अभिवादन। 

नोट फिर चले हैं 
चाल मतवाली !
लोग खड़े कतार में 
एटीएम ख़ाली !!

आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें -
सोशल मिडिया में साहित्य की तासीर पर छिड़ी बहस पर प्रकाश डालता एक गंभीर वैचारिक आलेख पढ़िए- 



यह सत्य हो सकता है कि सोशल मीडिया पर लिखने वाला व्यक्ति अच्छा लेखक हो, उसके भाव सौन्दर्य की प्रस्तुति करते हों, उनके लेखन से किसी प्रकार से सरोकरों की स्थापना होती हो, किसी न किसी प्रकार के मूल्यों को संरक्षण प्राप्त होता हो। इसके बाद भी इस सब का तात्पर्य कदापि यह नहीं कि वह साहित्यकार हो गया। साहित्यकार बनने के लिए कोई एक दो किताबों का छपवा लेना, कई कविताओं को प्रकाशित करना लेना, कई सारे ग्रुप से जुड़ जाना ही काफी नहीं। साहित्य का मर्म जो भी जानता होगा वो अपने कुछ भी लिख लेने पर अपने को साहित्यकार कहलवाना 
पसंद नहीं करेगा। 

प्रकृति एक अत्यंत व्यापक बिषय है जिस पर हमारा ध्यान 
आकृष्ट करती एक रचना-

रेगिस्तान में देती है 
ताप सहने की शक्ति 
समंदर में देती है 
लहरों से जूझने की कला 
पहाड़ों में देती है 
पत्थर से लड़ने का माद्दा
छायाचित्रण में माहिर आदरणीय राही जी के साथ आइये चलें एक ख़ूबसूरत यात्रा पर फोटो ब्लॉग के ज़रिये -



मैंने कई राज्यों का भ्रमण किया है परन्तु मैंने किसी राज्य की सरकारों को अपनी विरासत को संरक्षित करते हुए नहीं देखा। मैं किसी राजनैतिक पार्टी विशेष से संबंध नहीं रखता परन्तु मुझे यहाँ लिखने में हर्ष हो रहा है की पंजाब सरकार ने पंजाबी विरासत को विश्व के मानचित्र में ध्रुव-तारा जैसी चमक प्रदान किया है और इसका श्रेय पंजाब हेरिटेज एंड टुरिज़्म प्रमोशन बोर्ड को जाता है। आपको राज्य पर्यटन विकास निगम तो प्रत्येक राज्य में मिल जाएंगे परन्तु हेरिटेज एंड टुरिज़्म प्रमोशन बोर्ड केवल पंजाब में ही मिलेगा। पंजाब राज्य सरकार की प्रमुख विरासत इमारतों एवं स्थलों के नाम निम्न लिखित है :

1. अमृतसर  हेरिटेज वाक, 
2. विरासत-ए-खालसा 
3. फ़तेह बुर्ज़ 
4. जंग-ऐ-आज़ादी यादगार भवन (पढ़ने के लिए क्लिक करें ) आदि।

ओज से परिपूर्ण रचना में समाहित विराट सन्देश को आत्मसात कीजिये आदरणीय यशोदा अग्रवाल जी के ब्लॉग मेरी धरोहर पर इस बेहतरीन प्रस्तुति के माध्यम से-  

शेर-ए-हिन्द आगे बढ़, मरने से फिर कभी ना डर
उड़ाके दुश्मनों का सर, जोशे-वतन बढ़ाये जा
कदम कदम बढ़ाये जा ...

जीवन की अति महत्वपूर्ण आवश्यकता पानी पर सटीक जानकारी देता समाजोपयोगी आलेख पढ़िए-

क्या आप फ्रिज का ठण्डा पानी पीते हैं? यदि हां, तो यह लेख खासकर आप ही के लिए हैं। गर्मियों में फ्रिज का ठंडा-ठंडा, कूल-कूल पानी मिल जाएं तो ऐसा लगता हैं जैसे सब कुछ मिल गया। लेकिन यहीं फ्रिज का ठंडा-ठंडा, कूल-कूल पानी, हमारी सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदायक हैं। कितनी भी गर्मी पडे, कितना भी पसीना आएं...फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। मिट्टी के मटके का ठंडा पानी पी सकते हैं। फ्रिज का ठंडा पानी पीने के इतने सारे नुकसान हैं कि जिन्हें जानकर आप फ्रिज के ठंडे पानी को हमेशा के लिए कहेंगे बाय...बाय...!!!

हमारे आक्रोशित आंदोलित मन को दिशा देता 
एक मर्मस्पर्शी शब्दचित्र आपकी नज़र-



मंदिर और प्रकृति की दीवारों ने देखा है तुम्हें
मुमकिन है,
कोई आदमी तुम्हें भूल जाए,
कोई इंसान तुम्हें एक बार में ही मार डाले
लेकिन मैं ऐसा नहीं करुँगी !

चलते-चलते आदरणीया शुभा मेहता जी के सुमधुर कंठ से निकले स्वर में सुनिए एक सदाबहार मनभावन गीत- 

ऐ मेरे दिल कहीं और चल
गम की दुनिया से दिल भर गया..
 सुमधुर आवाज..... शुभा मेहता 





और अब चर्चा हमारे हम-क़दम की जिसमें इस बार  
हम-क़दम के पन्द्रहवें क़दम
का विषय...
...........यहाँ देखिए...........

आज के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले गुरूवार। 
कल आ रही हैं श्वेता जी अपनी प्रस्तुति के साथ। 
रवीन्द्र सिंह यादव  

16 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात
    बहुत ही बढ़िया चयन
    साधुवाद
    आभार
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह!!रविन्द्र जी ,बहुत ही उम्दा प्रस्तुतिकरण ...सभी रचनाएँ लाजवाब ..मेरी प्रस्तुति को स्थान देने के लिए हृदय से आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह्ह्ह...क्या खूब कही आपने..जबर्दस्त..👌👌
    सुप्रभातम् रवींद्र जी,
    शानदार रचनाओं के संकलन में आपकी लिखी प्रतिक्रिया चार चाँद लगा रही। बहुत सुंदर और सराहनीय रचनाओं से सजा उम्दा अंक आज का।

    सादर
    आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही उम्दा प्रस्तुतिकरण
    सभी रचनाएँ लाजवाब

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  6. बेहतरीन प्रस्तुतिकरण उम्दा पठनीय लिंक संकलन.......

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुप्रभात आदरणीय रवीन्द्र जी, बेहतरीन प्रस्तुति के साथ सुंंदर भूमिका।सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवम् शुभकामनाएँ।
    धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुंदर प्रस्तूतिकरण के साथ लाजबाब संकलन, रविन्द्र जी। मेरी रचना को शामिल करने के लिए धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बधाई रविन्द्र जी,बेहतरीन प्रस्तुति के लिए,शुभा जी ने एक दूसरे गीत की याद दिला दी

    उत्तर देंहटाएं
  10. शुभसंध्या.....
    सुंदर प्रस्तुती.....
    आभार भाई रविंद्र जी आप का.......

    उत्तर देंहटाएं
  11. हर रचना के साथ रचना और रचनाकार का मनभावन परिचय!बेहतरीन प्रस्तुति सारगर्भित चर्चा साहित्यकार आखिर कौन? पुरा 1007 वां कदम शुभम्

    उत्तर देंहटाएं
  12. रवींद्र जी, आभार, सुन्दर प्रस्तुति,इस चर्चा में सम्मलित सभी रचनाकारों को बधाई।

    उत्तर देंहटाएं

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