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बुधवार, 22 अगस्त 2018

1132..मिहिका से निकला है मन...


।।उषा स्वस्ति।।

बीते दिन हमारे देशवासी कई भावों के उतार चढाव के साथ.. 

सप्ताहांत  गुजर गया पर हम और बढ़ेंगे..

शब्द विचारों को प्रकट करने का सशक्त माध्यम है तो शुरुवात करते है..



🔆


आशान्वित करती आदरणीया कुसुम कोठारी जी के शब्दों से..
वीणा का गर तार न झनके
मन का कोई साज ही लिख दूँ
मीहिका से निकला है मन तो..


तुम नहीं होती तो कितना कुछ सोच जाता हूँ ... विपरीत बातें भी लगता है एक सी हैं ... 
ये सच्ची हैं या झूठी ...

चार पैग व्हिस्की के बाद सोचता हूँ 

नशा तो चाय भी दे देती 

बस तुम्हारे नाम से जो पी लेता ...

🔆



बुलबुल ने बचाया गोरैया को
नन्हीं गोरैया कुकू 
कल शाम तो दिल्ली में बहुत ही तेज़ बारिश हुई , हवा भी उतनी ही तेज़ होने के कारण और 
ज्यादा मारक साबित हुई | बारिश से हुए जलभराव ने कितना..
🔆

ब्लॉग उलूक टाईम्स की विशेष शैली की रचना..





खुदा भगवान के साथ बैठा गले मिल कर कहीं  
किसी गली के कोने में रो रहा होता दिन आज का 
खुदा ना खास्ता अगर गुजरा कल हो रहा होता

एक आदमी 

भूगोल हो रहा होता 

आदमी ही एक 

इतिहास हो रहा होता

🔆


सुप्रिया रानु जी की आग्रह..आओ खामोश बैठे कुछ देर


और बातों ही बातों में 

एक दूसरे से टकरा जा रहा,

इससे पहले की दोनों 

अहम एक दूसरे से लड़ भिड़े,

और अपनी सारी हदें भूल जाएं,

अपने संस्कार भूल जाएं
🔆


बस यूँ ही..बात दिल की सुना गया कोई...



आस फिर से जगा गया कोई...!

राज़ अब तक छुपाये बैठे थे...

आज सबको बता गया कोई...!

🔆
हम-क़दम के तैतीसवां क़दम
का विषय...
यहाँ देखिए...........



इसी के साथ आज यहीं तक
।।इति शम।।

धन्यवाद



19 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात सखी
    उत्तम रचनाओँ का चयन
    आनन्दित हुई
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. बकरीद की बधाई व शुभकामनाएं
    पोस्ट बहुत बढ़ियाँ बना है

    जवाब देंहटाएं
  3. वाह!!बहुत सुंदर संकलन ..।

    जवाब देंहटाएं
  4. सभी रचनाये बेहद अच्छी हैं।
    धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बढ़िया प्रस्तुति। बधाई!!!

    जवाब देंहटाएं
  6. सुंदर प्रस्तुति सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं
  7. उम्दा लिंक्स ...
    लाजवाब प्रस्तुति ... आभार मेरी रचना को जगह देने के लिए ...

    जवाब देंहटाएं
  8. एक खूबसूरत प्रस्तुति। आभार पम्मी जी 'उलूक' के पन्ने को आज की हलचल में जगह देने के लिये।

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  10. बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण प्रस्तुति सभी चयनित रचनाकारों को बधाई आप का सादर आभार

    जवाब देंहटाएं
  11. बेहद उम्दा रचनाओं का शानदार संयोजन है पम्मी जी आज के इस संकलन में।
    बहुत बधाई सभी रचनाकारोंं को।

    जवाब देंहटाएं
  12. भाव प्रणव संकलन ,सुंदर लिंक ,मेरी रचना को स्थान देने के लिये तहेदिल से शुक्रिया ,सभी रचनाकारों को बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  13. शुभ संध्या...
    बेहतरीन रचनाएँ..
    सादर.....

    जवाब देंहटाएं
  14. मेहनत का संगीत ही लिख दूं , बहुत सुंदर रचना।
    वैसे तो सभी रचनाएं श्रेष्ठ हैं

    जवाब देंहटाएं
  15. उपयुक्त संयोजन. सुन्दर प्रस्तुति. सभी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनायें.

    जवाब देंहटाएं
  16. सुंदर प्रस्तुति सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं

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