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गुरुवार, 24 अक्तूबर 2019

1560...देखो संतुलन बनाकर चल रहे हैं...

सादर  अभिवादन। 

देखो संतुलन बनाकर चल रहे हैं, 
वे चालाक हथियार व्यापारी देश;
दो देशों में तनाव ख़ूब बढ़ जाय,
हम भी समझ सकते हैं यह वेश। 
-रवीन्द्र 

आइये पढ़ते हैं आज की पसंदीदा रचनाएँ- 

जीवन यात्रा......कैलाश शर्मा 



बढ़े हाथ उनको ठुकराया,
अपनों की खुशियों की खातिर।
लेकिन आज सोचता हूँ मैं,

अपने दिल की क्यूँ न माना।

एक गीत-बापू ! रहे हिमालय....... जयकृष्ण राय तुषार 

लड़े गुलामी

और दासता की
अभेद्य प्राचीरों से,
एक लुकाठी
लड़ी हजारों
बन्दूकों-शमशीरों से,
चम्पारण
दांडी का नायक
विजयी था,कब हारा है?



मैं भी तैयारी में हूँ

एक अनन्त यात्रा की
जो बिल्कुल पहली बार होगी
और कुछ नहीं होगा साथ
सिवाय तन पर एक सफ़ेद लिबास के...


मेरी फ़ोटो

हुस्नवालो से कहो हमे हवस नही मोहब्बत है

मेरा बस चले तो आस्मां पे वफा लिखूं

गुल को छोड पत्थर चुननेवालों को क्या कहें

मुझे क्या गरज कि किसी को बेवफा लिखूं



  हर  दिन जियो , जियाले

      जैसा जीवन अपना पाओ।
      जब    मूसल हो  ,  मारो
      जब ओखल हो,चोंट खाओ।



सभी पात्र आमरण अनशन पर बैठ गए। दिन बीत रहे थे, पात्रों की हालत खराब थी,खासकर नायिकाओं की,वे बेहोश होने की कगार पर थीं,तब एक बुजुर्ग पात्र ने आवाज उठाई और लेखक के दिमाग को झिंझोड़ते हुए कहा-कब तक सोएंगे लेखक महोदय!!समाज को तुम्हारी लेखनी की जरूरत है और तुम लंबी तान के सो रहे हो, तुम्हारी कहानियों के सभी पात्र अब मरणासन्न हो गये है ,ऐसा न हो कि तुम जागो तो तुम्हारे पास लिखने के लिए कुछ भी न हो,कोई लेखक कैसे सो सकता है जब समाज पतन की ओर अग्रसर हो ,उठो और अपने कर्त्तव्य की पूर्ति करो।


आज बस यहीं तक 
फिर मिलेंगे अगली प्रस्तुति में। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

15 टिप्‍पणियां:

  1. चालक देश हो या व्यक्ति, उसकी सफलता के पीछे औरों की भेड़चाल है। अतः सर ऊपर उठा कर चले और चतुर लोगों के षड़यंत्र को ध्वस्त करें।
    24 अक्टूबर, यह दिन विश्वशांति एवं विकलांगता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
    आज का दिन विश्व भर में संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) एक अंतरसरकारी संगठन है, इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तथा शांति की स्थापना के लिए की गयी थी।
    विश्व पोलियो दिवस भी हर वर्ष 24 अक्टूब' को मनाया जाता है, क्योंकि इसी महीने में जोनास सॉक का जन्म हुआ था। वे वर्ष 1955 में पहली पोलियो वैक्सीन का आविष्कार करने वाली टीम के प्रमुख थें। पोलियोरोधक दवा की कुछ बूंदे बच्चों को पिलाई जाती हैं। कई देशों में पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए यह वैक्सीन उपयोगी साबित हुई है। इस दिन पोलियो जैसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
    मेरे संस्मरण को विचारोत्तेजक भूमिका वाली इस सुंदर प्रस्तुत में स्थान देने के लिये आपका बहुत- बहुत आभार रवींद्र भैया। सभी रचनाकारों को प्रणाम ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. ये सब दिवस की जानकारियां
      एक दिवस पहले ही दे दिया करें
      हमें आसानी हो जाएगी
      आप उसी दिन देते हैं
      हमारे मन में मलाल रह जाता है
      सादर

      हटाएं
  2. अग्रिम शुभकामनाएं..
    बेहतरीन प्रस्तुति..
    आभार..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  3. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति सभी रचनाएं उत्तम रचनाकारों को हार्दिक बधाई मेरी रचना को स्थान देने के लिए सहृदय आभार,सादर🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  4. सुन्दर सूत्र चयन सुन्दर संयोजन।

    जवाब देंहटाएं
  5. वाह बहुत ही शानदार लिंक्स एवं प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  6. वेहतरीन चयन
    शुभम् भवतु यात्रायाम्
    आभार आपका
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  7. वाह!
    शानदार प्रस्तुति आदरणीय सर
    सभी रचनाएँ एक से बढ़कर एक
    सभी को खूब बधाई
    सादर नमन
    सुप्रभात 🙏

    जवाब देंहटाएं
  8. वाह!!रविन्द्र जी ,बेहतरीन प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर प्रस्तुति।
    सभी रचनाकारों को बधाई।
    सभी सामग्री पठनीय, सुंदर सूत्र।
    दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  10. सभी मित्रों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें |भाई रवीन्द्र जी आपका हार्दिक आभार

    जवाब देंहटाएं

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