निवेदन।


फ़ॉलोअर

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

1833...तल्ख़ियों रंजिशों से कितना लबरेज़ है वक़्त का दामन...

सादर अभिवादन। 

गुरुवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है। 
  
तल्ख़ियों रंजिशों से 
कितना लबरेज़ है 
वक़्त का दामन,
पूछिए उनसे कभी 
जो चल रहे हैं 
बाढ़ में ले सामान।
-रवीन्द्र 

आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें- 


 
तेरी ये बेरुख़ी
मुझे रास
जीत की कड़ी
हार आज बन


सोच रही है आज धरा भी
दिया दूध का जिसको प्याला।
करते हैं विद्रोह वही क्यों?
उम्मीदों ने जिनको पाला।
सुलग उठी है आज धरा भी
हृदय पीर की धधकी ज्वाला।


घर की चहल-पहल से इतर उसे
मायूस मन खाली कोना है भाता। 
बग़ीचे में फैली हरियाली से नहीं
उसका सूखे नीम से है गहरा नाता। 
कोने में पड़ी टूटी बेंच की पीड़ा लिखती 
उस पर साया देखा-सा नज़र है आता।



 
नहीं आसान होता है यादों के किसी वैक्यूम को भरना
जो वजूद का हिस्सा हो उसके बिना चलना
ये वक्त की ही फितरत है , दवा बन कर भरपाई करना


अब होता यह कि जिस दिन ऐसी किसी फिल्म का प्रदर्शन होता उसके कई दिन पहले से हम तैयारी शुरु कर देते. हम लाइब्रेरी में उस नाटक की जितनी भी प्रतियां होतीं वे और अगर उस नाटक का हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध होता तो उसकी प्रतियां लाइब्रेरी के काउण्टर पर रखवा देते और विद्यार्थियों को यह सूचना दे देते ताकि रुचि हो तो वे फिल्म देखने से पहले उसे पढ़ भी लें. फिर कृष्णानी साहब हर क्लास में जाकर उस फिल्म के प्रदर्शन की भूमिका तैयार करते.


 
इंसान को जब किसी चीज से जोखिम महसूस होता है तो डर की भावना बढ़ जाती है ! जोखिम की आशंका किसी भी रूप में हो सकती है, चाहे वह स्वास्थ्य हो, धन हो या अपनी या परिवार की सुरक्षा हो ! वैसे अलग-अलग समय या आयु में डर भी तरह-तरह का होता है।


हम-क़दम का एक सौ अट्ठाइसवाँ विषय
यहाँ देखिए
 
आज बस यहीं तक 
फिर मिलेंगे अगले मंगलवार।

रवीन्द्र सिंह यादव  

10 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन प्रस्तुतिकरण
    आभार...
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार आदरणीय रवीन्द्र सिंह जी।

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर प्रस्तुति, मेरी रचना को मंच पर स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय।

    जवाब देंहटाएं
  4. बाढ़ की पीड़ा व्यक्त करती सार्थक भूमिका के साथ सराहनीय प्रस्तुति आदरणीय सर। मेरे सृजन को स्थान देने हेतु सादर आभार।

    जवाब देंहटाएं
  5. उम्दा लिखावट ऐसी लाइने बहुत कम पढने के लिए मिलती है धन्यवाद् (सिर्फ आधार और पैनकार्ड से लिजिये तुरंत घर बैठे लोन)

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत ही उम्दा लिखावट , बहुत ही सुंदर और सटीक तरह से जानकारी दी है आपने ,उम्मीद है आगे भी इसी तरह से बेहतरीन article मिलते रहेंगे Best Whatsapp status 2020 (आप सभी के लिए बेहतरीन शायरी और Whatsapp स्टेटस संग्रह) Janvi Pathak

    जवाब देंहटाएं
  7. Very good writing, very beautiful and accurate information you have given, hope you will continue to get the best articles in the same way. also read short story in hindi

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...