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रविवार, 3 जुलाई 2022

३४४३ ....खूबसूरत स्त्रियों को पहले बेटी ही होती हैं

सादर अभिवादन.....
बिचारा जून चला गया
बिना कुछ किए-धरे
बस....
हलका सा वाद-विवाद छोड़ कर
वाद गया और
विवाद भी गया
लोगों को छोड़ गया
लकीरें पीटने को ....
...अब रचनाएँ



विडम्बना से मचलने लगीं
चौदह घड़ी, चौदह पल, चौदह विपल
बीत गए
एक धनवंतरी की तलाश में
पर हाय
सांसों के हाथ आया हलाहल




हम से ज्यादा बच्चे उत्साहित थे |वे अभी थोड़ा थोड़ा ही सीखे थे|पर उन्हें बहुत भरोसा था खुद पर |रोज की तरह हम कपड़े बदल कर तरणताल में पानी में उतरे बच्चों ने भी तैरना प्रारम्भ किया जैसे ही सात फिट पानी में क्रोस करने लगे मेरी छोटी बहन के छोटे बेटे ने हाथ पैर चलाना बंद कर दिये




"बलराम जी अब आप ही बताइए भाग्यशाली कौन होता है? बेटों के पिता को ऐसे खर्चे (लिफाफे की ओर इशारा करते हुए) नहीं करने पड़ते!"

समधी की बात सुन बलराम जी मन ही मन बुदबुदाए...''आप निश्चित ही भाग्यशाली है मगर सौभाग्यशाली तो मैं ही हूं क्योंकि मेरा हाथ सदैव (देने की मुद्रा में) आपके हाथ के ऊपर ही रहता है!!''




तारों की जिद्द ... नहीं उगेंगे तुम्हारे सामने
नहीं करनी थी उन्हें बात तुम्हारे सामने  
और नहीं मंज़ूर था उन्हें दिगंबर हो जाना
उठा देना किसी के आवारा प्रेम से पर्दा




मुझे भी बड़ी उत्सुकता हुयी की देखूं ऐसा क्या निशानी हैं कि पता चले की बेटी ही होगी | उस घंटी  को देखते ही मेरा  मुंह खुला का खुला रह गया और आँखे फटी की फटी रह गयी |   उस घंटी में अच्छे खासे मोटे  कालिख की परत  से वजाइना , स्त्री योनी  बना था | मुझे खुद अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि वास्तव में वही बना हैं जो मुझे दिख रहा हैं | सोचने लगी ये कैसे संभव हैं , क्या वजह हैं की काजल ऐसे जमा हुआ  |




शायद, पवन सहारे, बह चले थे, शब्द सारे,
हवाओं संग, तैरती, मेरी तरंगें,
हो दिशाहीन, उड़ चली थी, कहीं,
अर्थहीन, सारे आलाप,
इक तरफा, कुछ यूं चला वार्तालाप!




जाने कहाँ से आ रही
खुशबू रुहानी सी !

तन मन डुबोए जा रही
खुशबू सुहानी सी !

मदमस्त यह आलम हुआ
खुशबू  अजानी सी !


आज बस

सादर 

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    शुभकामनाओं के संग साधुवाद

    जवाब देंहटाएं
  2. सुंदर रचनाओं की बेहतरीन प्रस्तुति । आभार 4 ।

    जवाब देंहटाएं
  3. उम्दा प्रस्तुति। मेरी रचना को पांच लिंको का आनंद में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, यशोदा दी।

    जवाब देंहटाएं
  4. मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद ।

    जवाब देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं

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