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मंगलवार, 22 जून 2021

3067 ..दर्द कितने भी हों दिल में, मुस्कुराते रहिये!

सादर वन्दे...
मंगलवारीय प्रस्तुति बनानी है
सिर्फ दस ही मिनट है हमारे पास....
देर क्यों चलिए चलें...
.....

दर्द कितने भी हों दिल में,
मुस्कुराते रहिये!

अगर जो गिरा एक आंसू तो,  
तमाशा हो जायेगा!!

पोंछने वाले कम मिलेंगे,
वजह पूछने वालों का
अंबार लग जायेगा.!!!

....


पिता दिवस पर आज आपकी यादें लेकर
हुई लेखनी मौन बस आँखों से टपकती

वो बीता बचपन दूर कहीं यादों में झिलमिल
झलक आपकी बस माँ की आँखों में मिलती


एक कहावत है
 ''कौन पढ़ाये मूर्खों को कि
भाषा से साहित्य बनता है''
किन्तु ''साहित्य से ही
भाषा समृद्ध'' होती है,
और उन्हें तो कतई नहीं कि
जो भाषा, साहित्य, संस्कृति और
विचार के प्रति कहीं से भी गंभीर न हों


बद्दुआएं जुबाँ से ही नही दिल से भी निकल जाती हैं
दुखी ह्रदय के आँसूं  भी बद्दुआ बन जाती है।

संघर्षों, मुसीबतों, परेशानियों से घबराना कैसा...
सितारे अंधेरों में ही चमकते हैं सोच के  देखना ज़रा।।


मेरे घर के ड्राइंगरूम की
दक्षिणी दीवार
जो कभी थी मेरे लिए
'वॉल आफ फेम'
आज ढल गई है
यादों की दीवार में
मन को कुरेदते सूने संसार में।


नजदीकियों में, समाई हैं दूरियाँ,
पास रह कर भी कोई, दूर कितना यहाँ,
दूर कीजिए ना, दो दिलों की दूरियाँ,
यहाँ बन्दगी, कम हैं जरा!
.....
बस इज़ाज़त दें




15 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन अंक..
    पढ़ेंगे आज..
    आहिस्ता-आहिस्ता
    शाब्बाश..
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  2. अद्भुत प्रसंशनीय अंक सभी उत्कृष्ट रचनाओं से सुसज्जीत असज का अंक। हमारी रचना को शामिल करने के लिए हार्दिक धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं
  3. सुंदर सराहनीय अंक सजाने के लिए बहुत शुक्रिया दिव्या जी ।आदर शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  5. दर्द कितने भी हों दिल में,
    मुस्कुराते रहिये!

    अगर जो गिरा एक आंसू तो,
    तमाशा हो जायेगा!!

    पोंछने वाले कम मिलेंगे,
    वजह पूछने वालों का
    अंबार लग जायेगा.!!!

    वाह!!!
    क्या बात!...एकदम सटीक...
    सिर्फ दस मिनट में इतनी सुन्दर प्रस्तुति !!
    सभी लिंक्स बेहद उम्दा... मेरी रचना को शामिल करने हेतु तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार दिव्या जी!

    जवाब देंहटाएं
  6. सभी को सादर नमन
    वाकई आज-कल समय कम ही है
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  7. मेरी कविता को "पांच लिंकों का आनन्द" में शामिल करने के लिए आपका हार्दिक आभार दिव्या अग्रवाल जी 🙏

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत सुंदर लिंक्स संजोए हैं आपने दिव्या जी💐🙏💐

    जवाब देंहटाएं

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