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गुरुवार, 25 जून 2020

1805...एक अदृश्य वायरस है जो इतिहास लिख रहा...

सादर अभिवादन। 

बसंत से पावस ऋतु तक 
करोना भी साथ चल रहा,
एक अदृश्य वायरस है 
जो इतिहास लिख रहा।
-रवीन्द्र 

आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-     




टप टप का संगीत गूंजता
सरि के जल में कल कल।
पाहन करते  स्नान देख लो
अपनी काया मल मल।
श्यामल बदरी मटक रही है
चढ़ पर्वत की चोटी।।


मेरी फ़ोटो 
समय के साथ बदला मन   
दुख-सुख का साथी ईनार, अब मर गया है   
चापाकल घर-घर गया है   
परिवर्तन जीवन का नियम है   
पर कुछ बदलाव टीस दे जाता है   
आज भी ईनार बहुत याद आता है। 
  

 
उठ खड़े थे, प्रश्न अन-गिनत,
थी, सवालों की झड़ी,
हर कोई, हर किसी से पूछता,
जाने, किसका पता!


 

दिमाग ने सब वो पल, जो मुझे बाँध लेते हैं खुद से, मोह लेते हैं , वो सारे टुकड़े जेहन से निकाल-निकाल के जोड़ दिए और इक सपने की रचना कर दी। और आदतन ही वो आदत भी सपने में जुड़ गयी। 

घूँट -घूंट चाय के खत्म होने के साथ साथ  समय भी करवट ले चूका थाऔर अब आकाश के सारे रंग छंट चुके थे। अब ना वो गुलाबी रंग हैं, ना नारंगी, बैंगनी और ना ही अब वो 'नील-लोहित आकाश' है।
  

 Image may contain: plant and food
सुबह नींद खुली तो कविराज ख़ुश हुए बोले - चलो बच गया दुनिया खत्म नही हुई , अब 11000 कविताएँ लिखने का जो अनुष्ठान बाकी था - वो शीघ्र ही पूरा कर लूँगा, विश्व पुस्तक मेले तक 11 नई किताबें और उन पर 44 समीक्षाएं ही जायेंगी
कवि भगवान को धन्यवाद देते हुए अनलॉक 1 में रजिस्टर खरीदने निकल गया 
*****

आज बस यहीं तक 

फिर मिलेंगे आगामी मंगलवार। 

रवीन्द्र सिंह यादव 

13 टिप्‍पणियां:

  1. सादर आभार आदरणीय रवीन्द्र जी। सुंदर प्रस्तुति ।
    जोया जी की पंक्तियाँ सोचने को विवश कर गई है..."दिमाग ने सब वो पल, जो मुझे बाँध लेते हैं खुद से, मोह लेते हैं , वो सारे टुकड़े जेहन से निकाल-निकाल के जोड़ दिए और इक सपने की रचना कर दी।"

    जवाब देंहटाएं
  2. आदरणीया कुसुम जी लाजवाब है- "टप टप का संगीत गूंजता
    सरि के जल में कल कल।
    पाहन करते स्नान देख लो
    अपनी काया मल मल।"

    सादर नमन।

    जवाब देंहटाएं
  3. उत्तम व पठनीय रचनाएँ
    साधुवाद आपको..
    शुभकामनाएं रचनाकारों को..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर प्रस्तुति छोटी पर सारगर्भित भूमिका।
    सभी लिंक बहुत आकर्षक, सुंदर, पठनीय सभी रचनाकारों को बधाई।
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए हृदय तल से आभार।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  6. सुंदर सटीक और सार्थक प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर लिंक्स, बेहतरीन प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं

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