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शुक्रवार, 4 मार्च 2022

3322 ...कोई लिखे प्रेम में डूबना और आप डूब ही गए हों

सादर अभिवादन
आज सखी नहीं है
कल वे व्यस्त थी
स्मृतिशेष ज़मशेद जी टाटा के
जन्मदिन समारोह में
जो अच्छा काम करता हो वो
सदा याद रहता है...
देखिए रचनाएँ ....



क्या आपने कभी महसूस किया है
शब्दों की चलती हुई नब्ज़ को,
इनके अंदर के जीवन को या
इनके साथ चल रहे चलचित्र को
कि कोई लिखे हवा और
आपने हवा को देख लिया हो,
कोई लिखे चाहत और
आपने चाहत को जान लिया हो,
कोई लिखे प्रेम में डूबना और
आप डूब ही गए हों,
कोई लिखे सूर्योदय और
आप रात में सूर्य उदय होता देख रहें हों




नीर प्रीत का सुख के दाने
पाकर मन का पंछी चहके,
पावन बाती, स्नेह ऊर्जा
ज्योति प्रज्ज्वलित होकर दहके !  

जग के सारे खेल-खिलौने
पल दो पल का साथ निभाते,
नेह ऊष्मा जब हो उर में
हम अनंत तक को छू आते !



रश्मि रथ पर पग सँभारे
भोर नटखट-सी उतरती
कुनमुनी सी गुनगुनाहट
साज बन कर अब चहकती
प्रीत हिंडोले लहर में
हिय कुसुम कुछ झूलता सा।।




आज इतवार है।
वे प्रातः भ्रमण के लिए गए तो हवा में ठंडक थी,
तापमान १८ डिग्री रहा होगा। सुबह का टहलना
अभी तक तो चल रहा है लेकिन
कब रोकना पड़े, कह नहीं सकते,
टहलते समय बार-बार ऐसा लग रहा था
जैसे क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं।
कल शाम ही एक नोटिस आया था
कि टहलना आवश्यक कार्यों में नहीं आता,
छह महीने की सजा हो सकती है।



हम भारत वाले हैं,
सबको प्यार बाँटते हैं ।
लेकिन कुछ हैं ऐसे जो,
हथियार बाँटते हैं।।

चलते - चलते
सखी श्वेता को 
जन्म दिन की
विलंबित शुभकामनाएँ
कल मैं भूल गई थी
क्षमा...
......
आज बस

सादर 

6 टिप्‍पणियां:

  1. सारे लिंक्स बहुत उम्दा हैं।
    मेरे लिए कुछ लिंक्स नए थे।
    आभार।

    जवाब देंहटाएं
  2. आपके श्रम को नमन और आपको साधुवाद
    उम्दा लिंक्स का चयन

    जवाब देंहटाएं
  3. सुप्रभात, एक से बढ़कर एक रचनाओं की खबर देते लिंक्स, बधाई और आभार!

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत अच्छे लिंक्स मिले ।

    प्रिय श्वेता को जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएँ ।

    जवाब देंहटाएं

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