पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद एक और निवेदन आप सभी से आदरपूर्वक अनुरोध है कि 'पांच लिंकों का आनंद' के अगले विशेषांक हेतु अपनी अथवा अपने पसंद के किसी भी रचनाकार की रचनाओं का लिंक हमें आगामी रविवार तक प्रेषित करें। आप हमें ई -मेल इस पते पर करें dhruvsinghvns@gmail.com तो आइये एक कारवां बनायें। एक मंच,सशक्त मंच ! सादर

समर्थक

शनिवार, 2 जुलाई 2016

352.....होता है उलूक भी खबर लिये कई दिनों तक जब यूँ ही नदारत हो रहा होता है

सादर अभिवादन
भाई विरम परीक्षा की तैय्यारियों मे व्यस्त हैं
पढ़िए आज की पढ़ी रचनाओं का सार संक्षेप...





















और ये आज का शीर्षक....






आज की प्रस्तुति की खासियत
कुछ यूँ है...
पसंदीदा रचनाएँ तो हम दोनों की पसंद है
कुछ ब्लॉग को सूचित मैंने किया है
कुछ को देवी जी ने

7 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. फर्क तो नहीं पड़ता है फिर भी आदत है :) क्या करें ? तारीख 2 हो गई है 3 की जगह । आभारी है 'उलूक' सूत्र 'ख्नबर की कबर' को आज के पाँच सूत्रों में स्थान देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आभार भैय्या जी
      ठीक कर दीजिए न
      कुछ नहीं बदला है
      सादर

      हटाएं
  3. सभी रचनाएँ लाजवाब हैं...मेरी रचना को इस में स्थान मिला ......आभारी हूँ

    उत्तर देंहटाएं
  4. अाभार रचना को सम्मान देने के लिए , लिंक बेहतरीन लगे ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. बढ़िया हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  6. Sunder chitthon se saji halchal.Meri rchana achchi lagi abhar.

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...