निवेदन।

*हम अपने पाठकों का हर्षित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि शनिवार दिनांक 14 जुलाई, रथयात्रा के दिन हमारे ब्लॉग का तीसरा वर्ष पूर्ण हो रहा है, साथ ही यह ब्लौग अपने 11 शतक भी पूरे कर रहा है, इस अवसर पर आपसे
आपकी पसंद की एक रचना की गुज़ारिश है, रचना किसी भी विषय पर हो सकती है, जिससे हमारा तीसरी वर्ष यादगार वर्ष बन जाएगा* रचना दिनांक 13 जुलाई 2018 सुबह 10 बजे तक हमे इस ब्लौग के संपर्क प्रारूप द्वारा भेजे।
सादर


समर्थक

मंगलवार, 18 अगस्त 2015

अंक इक्तीसवां कुछ अलग सा कहता है....

सुना है... 
तुम्हारी एक निगाह से 
क़तल होते हैं लोग,
एक नज़र ....
हमको भी देख लो
कि ज़िन्दगी अब 
अच्छी नहीं लगती…

सादर अभिवादन....

चलिए देखते हैं 
मेरी और आपकी पसंद में फर्क......













सच में अगर दिल 
साफ होता है तो 
पूजा मस्जिद में 
क्यों नहीं की जाती है 
और मंदिर में नमाज 
क्यों कभी नहीं 
कहीं भी पढ़ी जाती है । 





फोटोशॉप की सफलता के बाद अब मैं आपके लिए लाया हूँ 
Coreldraw का कोर्स हिंदी में यानि Coreldraw in hindi












कुछ समय से
घर भर गया है
मेहमानों से.
घर ही नहीं 
शरीर, मन, मस्तिष्क
चेतन, अवचेतन.
ये मात्र मेहमान नहीं














भविष्य ने बुलाया था तुम्हें 
तरक्की ने रास्ता निहारा था 
तुम्हारी अपनी ज़रूरतें थीं 
हमेशा अपनी सहूलियतें 
सब चुना अपनी मर्ज़ी से
















हज़ारों मुश्किलें हैं दोस्तों से दूर रहने में 
मगर इक फ़ायदा है पीठ पर खंज़र नहीं लगता 

कहीं कच्चे फलों को संगबारी तोड़ लेती है 
कहीं फल सूख जाते हैं कोई पत्थर नहीं लगता


और विदा लेने की इज़ाज़त दें...

तू याद रख, या ना रख...
तू याद है, ये याद रख....!!

-दिग्विजय

















6 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर इक्तीसवाँ पाँच लिंको का अंक । आभारी है 'उलूक' सूत्र 'कलाकारी क्यों एक कलाकार से मौका ताड़ कर ही की जाती है' को पाँच में जगह देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति ....आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुंदर चर्चा...
    आभार आप का।

    उत्तर देंहटाएं
  5. दिग्विजय जी बहुत सुंदर लिंक्स का संकलन. मेरी रचना को शामिल करने के लिए धन्यबाद.

    उत्तर देंहटाएं
  6. दिग्विजय जी बहुत सुंदर लिंक्स का संकलन. मेरी रचना को शामिल करने के लिए धन्यबाद.

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...