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रविवार, 25 अक्तूबर 2020

1925 ...राम ही राम हैं चारों ओर हैं बहुत आम हैं

विजया दशमी

हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वांर) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को 'विजयादशमी' के नाम से जाना जाता है 


इस दिन लोग शस्त्र-पूजा करते हैं और नया कार्य प्रारम्भ करते हैं (जैसे अक्षर लेखन का आरम्भ, नया उद्योग आरम्भ, बीज बोना आदि)। ऐसा विश्वास है कि इस दिन जो कार्य आरम्भ किया जाता है उसमें विजय मिलती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन होता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। 

पर इस वर्ष विषैली महामारी की वजह से इस
उत्सव को सीमित किया गया है


25 अक्टूबर 2015 को भी दशहरे का दिन था 
प्रस्तुत है एक कटाक्ष

रावण को फिर किसलिये किस बात पर जलाया

रावण बेचारा

सोच में पड़े

खड़ा रह पड़ा


किसलिये

और

किस मुहूर्त में


राम के साथ

रामराज्य

की ओर


ऊपर से नीचे

एक बार

और

अपनी जलालत

देखने

निकल पड़ा ?

महिला सशक्तिकरण ....एक और राम


प्रधानसाहब पिछले साल वाला चुनाव न लड़ सके क्योंकि उस सीट को महिलाओ के लिए आरक्षित कर दिया गया था। परन्तु बिना चुनाव लड़े भी वो अगले पांच साल के लिए गांव के प्रधान है। हर सरकारी मीटिंग में वो ही सिरकत करते है वो भी प्रधान की हैसियत से। जी ज्यादा सोचिए मत आप और यदि आप हमारे प्रधानसाहब वाली कला नहीं जानते तो हम बता देते है। महिलाओ के लिए आरक्षित सीट पर प्रधानसाहब ने अपनी श्रीमती को चुनवा लड़वा दिया, श्रीमती जी सिर्फ चुनाव का नामंकन भरने के लिए गई थी और चुनाव का प्रचार-प्रसार सब प्रधानसाहब ने खुद ही किया था। आज कल तो प्रधानसाहब सरकारी दस्तावेजो पर भी अपनी श्रीमती के नाम से खुद ही हस्ताक्षर कर देते।


बच न जाय रावण....ओंकार जी


दूर मैदान में खड़ा 

अट्टहास कर रहा है रावण,

मुझे डर है 

कि इस बार दशहरे में 

कहीं वह बच न जाय.


एक गाँव, अफसरों वाला ...कुछ अलग सा

इंटरमीडिएट कॉलेज, जिसका परीक्षा परिणाम हर 

वर्ष 90 प्रतिशत रहता है, से उत्तीर्ण अनगिनत 

प्रतिभावान छात्र आज पुलिस, प्रशासनिक तथा 

चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत हैं। कुछ दिनों पहले ही गाँव से 

एक साथ 11 लड़कों का चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था
.....
आज बस
आलेख कुछ लम्बा हो चला 
सादर






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