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रविवार, 5 अप्रैल 2020

1724.....आओ फिर से दिया जलाएँ

जय मां हाटेशवरी.....

भरी दुपहरी में अंधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
 माननीय प्रधान मंत्री श्री मोदी जी   ने  एक वीडियो संदेश के माध्यम से  लोगों से अपील की है कि 5 अप्रैल यानी आज  की रात 9 बजे सभी लोग अपने घरों की लाइट बुझाकर घर के बाहर दिया, मोमबत्ती और लाइट जलाएं और संदेश दें कि संकट की इस घड़ी में देश गरीब तबके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि कोरोना ने हमारी विचारधारा, आस्था और परंपरा पर हमला किया है, 5 अप्रैल को देश की जनता की महाशक्ति का जागरण करेंगे।

अंक-विज्ञान के अनुसार 5 अंक का स्वामी बुध है। बुध गला, फेफड़ा और मुख का कारक ग्रह होता है। वर्तमान में विश्वव्यापी महामारी कोरोना मनुष्य के मुख, फेफड़े और गले को ही अपना निशाना बनाए हुए है। बुध ग्रहों का राजकुमार तथा वर्तमान सम्वत् 2077 का अधिपति भी है। अतः 5 अप्रैल इस दृष्टि से भी अनुकूल है।
रविवार सूर्य का दिन होता है। सूर्य नवग्रह का अधिपति है। समस्त ग्रह सौर ऊर्जा से ही प्रभावित हैं। सूर्य दीपक या प्रकाश का प्रतीक है, अतः 5 अप्रैल को रात्रि 9 बजे से 9 मिनट तक यमघण्ट काल को करोड़ों प्रज्वलित दीपक सूर्य को बल प्रदान करेंगे।

नौ का अंक मंगल ग्रह का प्रतीक है। मंगल सौरमंडल का सेनापति होने के कारण महामारी अन्धकार को नष्ट करने में सूर्य का अपूर्व सहयोग करेगा। रात्रि या अन्धकार शनि का प्रतीक है और शनि सूर्य से अर्थात् अन्धकार प्रकाश से दूर होता है। अतः रविवार 5 अप्रैल को जो पूर्णिमा के नज़दीक की तिथि है, उस दिन चन्द्र की मज़बूती
के लिए सभी प्रकाश बन्द कर दीपदान करना चन्द्रमा को अमृत-वृष्टि के लिए बाध्य करेगा।
अब पेश है.....मेरी पसंद.....



आओ फिर से दिया जलाएँ
 मानव श्रेष्ठ है... इसलिए
कि वह सभी को साथ लेकर चले
देखे, कि हर प्राणी, हर फूल-पौधा भी खिले !




करोना
प्रभो, मैंने माँगी थी आपसे माँगी थी करुणा
लेकिन शायद आपने भूल से दे दी करोना
क्या करूँ इस करोना का प्रभु
कर रखा इसने दुनिया की नाक में दम
कौन से हमारे हैं वे भयानक पाप
जिससे आपने दिया है यह भयावह अभिशाप
लाखों लोगों को इसने किया है बीमार


धर्म...संकटकाल में
 देवदूतों के फेफड़ों में
भरना चाहते हैं
संक्रमित कीटाणु,
नीचता संगठित होकर
अपने धर्मग्रंथों के
पन्नों को फाड़कर
कूड़ेदानों,पीकदानों
में विसर्जित कर
मिटा देना चाहती हैं
जलाकर भस्म
कर देना चाहती है
धर्म की सही परिभाषा।
उन्हीं के वंशजों द्वारा
एक दिन अवश्य
धिक्कारा जायेगा!
किसी देश के
 सच्चे नागरिक की
धर्म की परिभाषा
मनुष्यता का कर्तव्य
और कर्मठता है,
साम्प्रदायिक जुगाली नहीं।




लॉकडाउन के समय में किताबों के महत्व को रेखांकित करती ग़ज़ल - डॉ. वर्षा सिंह
लगती भले हों पहेली किताबें  ।
बनती हैं हरदम सहेली किताबें।

भले हों पुरानी कितनी भी लेकिन
रहती हमेशा नवेली किताबें।

देती हैं भाषा की झप्पी निराली
अंग्रेजी, हिन्दी, बुंदेली किताबें।


My Photo
मन में जगे कामना शुभ की
बुद्धि तभी निर्मल होगी जब वह अपने स्रोत से जुड़ी रहेगी. भगवद्गीता में कृष्ण कहते हैं, जो मन-बुद्धि से युक्त होकर मेरा स्मरण करता है वह सहज ही आनंद को उपलब्ध होता है. यदि मन में श्रद्धा हो तो उसका स्मरण सहज ही होता है और यह विश्वास बना रहता है कि एक न एक दिन यह आपदा भी गुजर जाएगी. उस दिन तक जो भी सहयोग हमसे बन पड़े करना है और एक क्षण के लिए भी स्वयं को बेबस नहीं मानना है. हर देशवासी की शुभेच्छा ही इस समय सबसे बड़ा उपाय है.



हार नहीं मानता !!!
तन रूपी क़बीले का सरदार,
स्वतंत्र और हर अंकुश से परे
कभी भावुकता इसकी
बिल्कुल माँ की तरह,
तो कभी कड़क बाबा के जैसे
जीवन की पगडंडियों पर
उछलता, कूदता, गिरता, सम्भलता
पर हार नहीं मानता !



धन्यवाद।

15 टिप्‍पणियां:

  1. कभी हमने विचार किया कि दीपावली पर दीपक और होली पर होलिका जलाने का विधान क्यों है ?क्या इस आधुनिक युग के झंडाबरदारों ने कभी अपने बच्चों को बताया कि ये दोनों ही पर्व संक्रमण काल में आते हैं और दीपक और होलिका की अग्नि के प्रभाव से हानिकालरक विषाणु जलकर नष्ट हो जाते हैं। वे क्यों बताएँगे ? वे तो चाइनीज़ झालर और पिचकारी बात करेंगे।

    जवाब देंहटाएं
  2. ज्योतिषाचार्य पं जगदीश द्विवेदी की दृष्टि में 5 अप्रैल को सर्वसिद्धा प्रदोष तिथि है । इस दिन 9:03 तक लग्न में तुला राशि है और उसका स्वामी शुक्र तथा वृष अपने ही घर (अष्टमेश) में बैठा है जो कोरोना के हनन के लिए उपयुक्त है। ये दोनों स्वगृही हैं इसलिए दीप प्रज्ज्वलन से विषाणुओं का नाश होगा । शुक्र आयु बढ़ाने की स्थिति में हैं । इसलिए 5 अप्रैल को हर हालत में 9 बजे तक दीप जला देना चाहिए । बाती सफेद ही होना चाहिए क्योंकि शुक्र को सफेद रंग ज्यादा पसंद है।

    जवाब देंहटाएं
  3. बढ़िया प्रस्तुति...
    आभार आपका..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  4. बेहतरीन links का बेहतरीन संयोजन.... बधाई 💐🌹💐

    मेरी पोस्ट को शामिल करने हेत हार्दिक आभार 🙏

    जवाब देंहटाएं
  5. लाजवाब प्रस्तुतीकरण उम्दा लिंक संकलन।

    जवाब देंहटाएं
  6. लाजवाब सूत्रों से युक्त सुंदर प्रस्तुति कुलदीप जी।
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार आपका।

    जवाब देंहटाएं
  7. वाह बहुत ही शानदार प्रस्तुति ...
    आभार

    जवाब देंहटाएं
  8. वाह!शानदार प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  9. वाह बेहतरीन रचनाओं का संगम।एक से बढ़कर एक प्रस्तुति।

    मैंने भी कुछ
    कविता लिखी

    जवाब देंहटाएं

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