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बुधवार, 11 मार्च 2020

1699..“सिर्फ़ एक दिन ही उत्सव क्यों?


।। भोर वंदन।।
“सिर्फ़ एक दिन ही उत्सव क्यों?
पूरा जीवन ही उत्सवपूर्ण होना चाहिए”- ओशों

फाल्गुनी पर्व के बाद एक अहद..
बुराई में अच्छाई ढूंढों तो कोई बात बने..
और जादा समय न गवाते हुए नज़र डालें लिंकों पर..✍
रचनाकारों के नाम क्रमानुसार पढ़ें...
आ०उषा किरण जी
आ० संजय कौशिक 'विज्ञात जी
आ० विश्वमोहन जी
आ० सुधा देवरानी जी
आ० पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा जी
🎊🎊




आज हमारी मित्र वन्दना अवस्थी दुबे ने होली के संस्मरण लिखने को कहा है...तो याद आती है अपने गाँव औरन्ध (जिला मैनपुरी) की होली जहाँ पूरा गाँव सिर्फ चौहान राजपूतों का ही होने के कारण सभी परस्पर रिश्तों में बँधे थे इसी कारण एकता और सौहार्द्र की मिसाल था हमारा गाँव ।प्राय: होली पर हमें पापा -मम्मी गाँव में ताऊ जी -ताई जी के पास ले जाते थे ...
🎊🎊



ताकता प्रेमी मन श्रृंगार,
जहाँ गोरी करती आराम।
चाँद का चकोर पावन प्यार,
मेघ करता घूंघट का काम॥ 

चमक है चंद्र-किरण के तुल्य,
देख मुख मण्डल आभा तेज
🎊🎊




बाउर बयार, बहक बौराकर
तन मन मोर लपटायो.
शिथिल शबद, भये भाव मवन
सजन नयन घन छायो..
🎊🎊



दुखी दुखी से हो धरा के पास क्यों.....?
फाग के रंग भी तुमको न भा रहे,
होली हुड़दंग से क्यों जी चुरा रहे ?
धरा के दुख से हो इतने उदास ज्यों !
दुखी दुखी से हो धरा के पास क्यों ?..
🎊🎊




विशाल हृदय, वो स्नेह भरा दामन, 
इक सम्मोहन, वो अपनापन,
विस्मित करते, वो आकर्षण के पल,
बसे, नज़रो में हैं, हर-पल!

गुजारे थे कल, पहाड़ों पे कुछ पल....

रोक रही राहें, खुली पर्वत सी बाँहें,
इक परदेशी, लौट कैसे जाए
🎊🎊
हम-क़दम का नया विषय
यहाँ देखिए
🎊🎊
।। इति शम ।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह ‘तृप्ति’..✍

8 टिप्‍पणियां:

  1. “सिर्फ़ एक दिन ही उत्सव क्यों?
    पूरा जीवन ही उत्सवपूर्ण होना चाहिए”-
    सत्य है, कि जीवन ही एक पर्व सा हो। हवचल के मंच को नमन। विस्मित करती उल्लेख से प्रारम्भ हुई इस अंक हेतु आदरणीया पम्मी जी का आभार।
    शुभ प्रभात

    जवाब देंहटाएं
  2. व्वाहहहह...

    बाउर बयार, बहक बौराकर
    तन मन मोर लपटायो.
    शिथिल शबद, भये भाव मवन
    सजन नयन घन छायो..
    बेहतरीन प्रस्तुति..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  4. शानदार प्रस्तुतीकरण उम्दा लिंक संकलन
    मेरी रचना को स्थान देने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार पम्मी जी ।

    जवाब देंहटाएं
  5. वाह!बेहतरीन प्रस्तुति ।

    जवाब देंहटाएं
  6. मेरी रचना का चयन करने के लिए धन्यवाद पम्मी जी😊

    जवाब देंहटाएं

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