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बुधवार, 4 मार्च 2020

1692..हिंसा को दफनाने का हुनर आ जाता..

।। उषा स्वस्ति ।।
हिंसा की भाषा बड़ी सख़्त,बड़ी भारी
और ऎंठी हुई होती है
मृत शरीरों की तरह..
फिर भी कोई इसे न दफ़नाता है
न जलाता है..!!”
कुसुम जैन

खौफ के बादल हटाकर अब सब सहमे - सहमे निकल रहे.. अच्छा होता 
जो हिंसा को दफनाने का हुनर आ जाता..
एक सुलझे सोच के साथ 
नजर डालें आज की लिंकों पर..✍
⚜️⚜️



प्रवक्ता हूँ, सियासत का।
दंगों में हताहत का हाल
सूरते 'हलाल' बकता हूँ,
खबरनवीसों में।
 पहले पूछता हूँ,
थोड़ी खैर उनकी।
दाँत निपोरकर!
सुनाई देती है,
खनकती आवाज,
ग़जरों की महक में मुस्काती
⚜️⚜️



जिन्हें मां की याद नहीं आती
उन्हें मां की जगह किसकी याद आती है?
जिन्हें बहन की याद नहीं आती
उन्हें बहन की जगह किसकी याद आती है?
याद नहीं आती जिन अभागों को अपने बाबा की
उन्हें बाबा की जगह किसकी याद आती है?.....
⚜️⚜️




आ० उर्मिला सिंह जी 
रात भी हो गई दुश्मन क्या करें...
रात भी  हो गई है दुश्मन क्या करें!
नींद आती नही ,पल एक क्या करे!!

सुधियाँ बैठी  रही किये अनशन रात भर
फिज़ाएं खामोश,पुष्प भी मुरझाने लगे 
सही जाती नही, जिन्दगी की ये घुटन 
प्रीत भी होती रही ,घायल रात भर !
⚜️⚜️

डॉ. निशा महराणा जी... 
बहुत याद आती हो रजनी
जहाँ कक्षा के अन्य स्थानीय सहपाठी अपने आप को खास समझते थे वहीं रजनी 
स्थानीय होने के बावजूद बड़े प्यार से बात करती थी। उम्र में छोटी होने की वजह से वो 
मुझे दीदी कहा करती थी। मुझे सचमुच में वो अपनी छोटी बहन सी लगती थी।  
⚜️⚜️



हँसते,
भागते,
खेलते हुए,
सुबह से दोपहर
फिर शाम,
और रात हो जाती है
बदल जाती है तारीख ।
सोचती रहती हूँ,
अभी तो हम मिले थे,
मीलों साथ चले थे,
और किसी दिन
कभी तुम
कभी मैं
गाड़ी में बैठते हुए
हाथ छूते हैं,
कुछ दूर हाथ हिलते हैं..
⚜️⚜️
हम-क़दम का नया विषय
यहाँ देखिए
⚜️⚜️
।।इति शम ।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह ‘तृप्ति’..✍

8 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर संग्रह ... सारी रचनाएं 👌👌 मेरी रचना को शामिल करने के लिए पम्मी जी एवम पूरी टीम को बहुत बहुत धन्यवाद ...

    जवाब देंहटाएं
  2. व्वाहहह..
    सुन्दर अंक..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  3. साधुवाद
    बढ़िया रचनाओं से सजा अँक
    आभार आपका
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  4. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत उम्दा संग्रह सभी रचना बेमिसाल हैं, मेरी रचना को साझा करने के लिए ह्रदयतल से धन्य वाद!

    जवाब देंहटाएं
  7. सुन्दर सूत्रों का संकलन बेमिसाल

    जवाब देंहटाएं

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