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बुधवार, 1 जनवरी 2020

1629...शतक पूरा हुआ खींच तान कर

नववर्ष की मंगलकामनाएँ
सखी पम्मी आज बाहर हैं
सो आज यहां हम हैं
कल भी हम ही थे
आज भी हैं
और शायद
कल भी रहेंगें
ये 2020 है न
शनि उन्नीस साल बाद
अपने घर वापस लौट रहा है...
खैर..हमें क्या..
आज की शुरुआत इन पंक्तियों के साथ
बनके दुआ वो लिपट-लिपट जाती है, 
जब-जब मेरे आंचल से
मैं जब उर्दू में गजल कहती हूं, 
वो हिन्दी-सी फिर मुस्कुराती है।

वो मगृनयनी-सी जब तकती है, 
बड़े भोलेपन और मासूमियत से,
क्या कहूं कि‍ उसकी आंखे मुझे, 
सारे काशी, गंगा-तीरथ कराती है।  
-निशा माथुर


**सस्पेंस**
कुछ देर भटकने के बाद, विनायक उस जान-पहचानी 
आवाज़ पर मुड़ा...
"किराए पर रहने के लिए जगह चाहिए...यह पेड़ छोटा है 
पर दो भूत एडजस्ट कर लेगा।"
विनायक ख़ुशी से फूल कर कुप्पा होके बोला-"क्रिस्टीन! तुम तो..."
क्रिस्टीन मुस्कुराकर बोली-"हाँ! गणपति बप्पा से पिटाई थोड़े ही खानी थी।"




ये वर्ष जा रहा है,


संदेश ये सुना रहा है,
नया एक दिन पुराना होता,
जो आया है, उसे है जाना होता।
वक्त कितनी जल्दि बीत गया,
हो गया पुराना, जो था नया,
ये नया वर्ष भी बीत जाएगा,
फिर एक नया वर्ष आयेगा।
बीता वक्त न वापिस आता,
समय को न कोई रोक पाता।


धरती लिपटी कोहरे से ,
बाहर नहीं निकलना होगा ।
तान रजाई घर के अंदर ,
सोना है बस सोना होगा ।।

ठंडक के आगोश में ,
जग सारा समाया है ।
बर्फीली हवा बहती हर ओर,
घना कुहासा छाया है ।।

प्रेमी आपस में करें, आंखों से ही बात।
शब्दों के आधार तो, पहुंचाते आघात।।
पहुंचाते आघात, बात कर सोच समझ कर।
करना मत तकरार, सुलझती बातें मिलकर।
कह राधे गोपाल, लगाओ नेह सुयश में।
मिलकर रहना साथ, सदा प्रेमी आपस में।।

शतक 
पूरा हुआ 

खींच तान कर 
आज किसी तरह 

इस साल 
की बकवासों का

कुछ भी
में से

कुछ कुछ
समझ लिये

जैसे

नजर
आने वाले
पाठकों की

भलमनसाहतों
का

इन्तजार
करता हुआ
....
इस वर्ष का नया विषय
यहां देखिए
.......
गिन लीजिए
आज पाँच ही है
मतलब कल की रात
हम जी भर के सोए
शोर-शराबों से दूर
सादर




13 टिप्‍पणियां:

  1. एक नये भोर की हार्दिक शुभकामनाएँ सभी को।
    सादगीपूर्ण बहुत सुंदर प्रस्तुति दी।
    सभी सूत्र बहुत अच्छे हैं।

    जवाब देंहटाएं
  2. सस्नेहशीष संग असीम शुभकामनाएं छोटी बहना
    सराहनीय प्रस्तुतीकरण

    जवाब देंहटाएं
  3. व्वाहहहहह....
    शुभ हो मंगल हो..
    बढ़िया प्रस्तुति..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  4. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, आपका ये
    सफल इसी तरह चलता रहे।
    बहुत ही सुन्दर रचना संकलन एवं प्रस्तुति सभी रचनाएं उत्तम रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🙏🌷

    जवाब देंहटाएं
  5. नव वर्ष की प्रथम प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई।
    पुरे पांचलिंक परिवार को सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।
    बहुत सुंदर प्रस्तुति।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति
    सबको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

    जवाब देंहटाएं
  7. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँँ
    सुंदर प्रस्तुति, सभी चयनित रचनाकारों को बधाई।
    धन्यवाद ःः

    जवाब देंहटाएं
  8. सभी सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं।अत्यंत सुंदर प्रस्तुति।विद्वानों के बीच मेरी रचना को स्थान देने के लिये आभार।

    जवाब देंहटाएं
  9. समस्त लेखकों,पाठकों, चर्चाकारों तथा चिट्ठाकारों को नववर्ष 2020 की शुभकामनाएंं। आभार यशोदा जी आज की चर्चा में जगह देने के लिये।

    जवाब देंहटाएं
  10. नव वर्ष 2020 की हार्दिक मंगलकामनाएँ।

    नव वर्ष को बेहतरीन प्रस्तुति के लिये बहुत-बहुत बधाई बहन यशोदा जी।

    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  11. नए वर्ष की हार्दिक मंगल कामनाएँ!!!💐💐💐

    जवाब देंहटाएं
  12. बहुत सुंदर प्रस्तुति, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

    जवाब देंहटाएं

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