निवेदन।


समर्थक

बुधवार, 11 सितंबर 2019

1517..रच ले कुछ मुस्कान ज़िन्दगी..


।।प्रातः वंदन।।
सूरज के नए टुकड़ों की जागृत करनी होगी
बोधगम्यता युग-शिक्षक के अन्तस में
तभी खिलेगी वनराशि महेकगा वातास
छिटकेंगी ज्ञान रश्मियाँ...
तो आओ!
अभी से, हाँ अभी से ,इस नए पथ की ओर...
कहा भी गया है...जब आँख खुले
तभी होती है भोर!!
जगदीश व्योम
सार्थक, साकारात्मक संदेशों के साथ बढ़ते है आज की लिंकों की ओर..✍
🌼🌼




फ़िज़ूल की बातों में सर अपना खपाते क्यो हो,
उलझने किसको नही इतना जताते क्यो हो,
गुमनामी के अंधेरो में खो जायूँगा कभी राख़ बनकर,
🌼🌼



हम मौत के कुआँ में वाहन चलाने के आदी है, सुधारने के लिए कठोरता जरूरी।
नए ट्रॉफिक नियम को लेकर हंगामा बरपा है। सोशल मीडिया में जोक्स और पटना की सड़क पे 
ऑटो का सड़क जाम। सभी का गुस्सा है कि जुर्माना दस गुणा बढ़ा दिया।
खैर, चर्चा होनी चाहिए। सबसे पहले । 
🌼🌼



ज़िन्दगी आहिस्ता आहिस्ता ढलती है......
शाम का समय.....
ढलते सूरज की लालिमा....
आहिस्ता- आहिस्ता......
समुन्द्र के आगोश में.....
विलीन होने लगा......
देखते -देखते.....
अदृश्य होगया.

🌼🌼

अहा! ये कॉपी-पेस्ट करने की छूट भी कितनों को ज्ञानी बना देती है! बिना शिक्षक के ही हम 
ज्ञानवान बनते जाते हैं, नहीं-नहीं, ज्ञानवान नहीं बनते अपितु दिखते ज्ञानवान जैसे ही हैं। 
लोग भ्रम में जीते हैं कि जो हम पढ़ रहे हैं, वह इसी ने लिखा
🌼🌼



डॉ. वर्षा सिंह जी की ग़ज़ल के साथ आज की प्रस्तुति यही तक..

अब तो कहना मान ज़िन्दगी
सुख की चादर तान ज़िन्दगी

ढेरों आंसू लिख पढ़ डाले
रच ले कुछ मुस्कान ज़िन्दगी
🌼🌼
हम-क़दम का नया विषय
यहाँ देखिए

🌼🌼

।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह 'तृप्ति'..✍

12 टिप्‍पणियां:

  1. सुप्रभात।

    ढेरों आंसू लिख पढ़ डाले
    रच ले कुछ मुस्कान ज़िन्दगी

    बेहतरीन।
    सभी रचनाये अच्छी हैं।मुझे भी स्थान देने के लिए आभार।
    सादर

    जवाब देंहटाएं

  2. फ़िज़ूल की बातों में सर अपना खपाते क्यो हो,
    उलझने किसको नही इतना जताते क्यो हो,

    बहुत ही रचना जफर साहब
    सभी को प्रणाम

    जवाब देंहटाएं
  3. अजीत गुप्ता जी से लेकर, माफ़ कीजिये, डॉ वर्षा से लेकर डॉ ज़फर जी तक की रचनाओं के पड़ाव के साथ इस संकलन का सफ़र बहुत ही ज्ञानवान और दर्शन की बातें ... नमन सभी को ...

    जवाब देंहटाएं
  4. हमारी रचना को स्थान देने के लिए सादर आभार आपका

    जवाब देंहटाएं
  5. सुंदर भोर का सरस आह्वान करती प्रणाली भुमिका के साथ बहुत सुंदर प्रस्तुति पम्मी जी मन लुभाती सारी रचनाएं ।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  6. वाह!!खूबसूरत प्रस्तुति !

    जवाब देंहटाएं
  7. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...