पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

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शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

196...ये भी अच्छा है कि पछतावा रहे , सरकार को

सादर अभिवादन स्वीकारें
बस आज से चौथे दिन मंगलवार को
पाँच लिंकों का आनन्द की
200 वीं प्रस्तुति आएगी

चलिए चलते हैं आज की प्रस्तुति की ओर...


मुश्किलें भी रहें फ़ासले भी रहें 
पर कहीं इश्क़ के सिलसिले भी रहें 

जी हमें प्यार है अपनी तन्हाई से 
दोस्तों के कभी क़ाफ़िले भी रहें

गागर में सागर के समान हाइकु क्या है 
हाइकु मूलतः जापान की लोकप्रिय विधा है. 
जापानी संतो द्वारा लिखी जाने वाली लोकप्रिय काव्य विधा, 
जिसे जापानी संत बाशो द्वारा विश्व में प्रतिष्ठित किया गया था. 
हाइकु विश्व की सबसे छोटी लघु कविता कही जाती है. 

ढूँढ रहा हूँ जाने कब से 
धुँध में प्रकाश में 
कि सिरा कोई थाम लूँ 
जो लेकर मुझे उस ओर चले 
जाकर जिधर 
संशय सारे मिट जाते हैं 


लाला लाजपत राय (अंग्रेजी: Lala Lajpat Rai, पंजाबी: ਲਾਲਾ ਲਾਜਪਤ ਰਾਏ, जन्म: 28 जनवरी 1865 - मृत्यु: 17 नवम्बर 1928) भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें पंजाब केसरी भी कहा जाता है। इन्होंने पंजाब नैशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कम्पनी की स्थापना भी की थी। ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे। सन् 1928 में इन्होंने साइमन कमीशन के विरुद्ध एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसके दौरान हुए लाठी-चार्ज में ये बुरी तरह से घायल हो गये और अन्तत: १७ नवम्बर सन् १९२८ को इनकी महान आत्मा ने पार्थिव देह त्याग दी।


गलती होने पर करो, दिल से पश्चाताप।
हो हल्ला हरगिज नहीं, हरगिज नहीं प्रलाप।
हरगिज नहीं प्रलाप, हवाला किसका दोगे।
जौ-जौ आगर विश्व, हँसी का पात्र बनोगे।
ऊर्जा-शक्ति सँभाल, नहीं दुनिया यूँ चलती।
तू-तड़ाक बढ़ जाय, जीभ फिर जहर उगलती।।


और ये रही आज की प्रथम व शीर्षक कड़ी

लगता घायल से हुए हो, जख्म गहरे दिख रहे
पागलों के पास जाकर मुंह दिखायी किसलिए ? 

ये भी अच्छा है कि पछतावा रहे , सरकार को
इक दीवाने के लिए भी जग हँसायी किसलिए ?

आज्ञा दीजिए यशोदा को
सादर







8 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर लिंको पर सार्थक चर्चा

    उत्तर देंहटाएं
  2. बढ़िया प्रस्तुति-
    आभार आदरेया-

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर हलचल प्रस्तुति
    आभार!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. bahut sundar links hai hardik badhai priye bahan abhar hamen shamil karne hetu abhar

      हटाएं

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