सादर अभिवादन
जैसे-जैसे दीपावली पास आ रही है
जैसे-जैसे दीपावली पास आ रही है
व्यस्तता बढ़ते जा रही है...साफ-सफाई से उत्पन्न
धूलि सिर पर चढ़कर बोल रही है...पर लिखने-पढ़ने वाले तो बस
चिन्तामुक्त होकर धूल पर ही कविता लिख डालते हैं...
आ गई मैं सुबह का दौरा निपटाकर....
आज लिंक कुछ ज़ियादा ही है
आज लिंक कुछ ज़ियादा ही है
अझेल हो गई है......
उत्सव शरद पूर्णिमा कल हो गई...
उस पर लिखी गई रचना.....

बरसी चाँदनी........श्वेता सिन्हा
रिमझिम-रिमझिम बरसी चाँदनी,
तन-मन,रून-झुन, बजे रागिनी।
नील नभ पटल श्वेत नीलोफर,
किरण जड़ित है शारद हासिनी।
उत्सव शरद पूर्णिमा कल हो गई...
उस पर लिखी गई रचना.....

बरसी चाँदनी........श्वेता सिन्हा
रिमझिम-रिमझिम बरसी चाँदनी,
तन-मन,रून-झुन, बजे रागिनी।
नील नभ पटल श्वेत नीलोफर,
किरण जड़ित है शारद हासिनी।
बड़े ही उलझे थे जीवन के अनगिन धागे -
जिनको सुलझाने की सुनहरी आस में आई
यूँ लगता है माँ के उग आई पांखें-
लग अपनों के गले खिलखिलाने लगी है !
माँ की आँख डबडबाने लगी है !!!
खुशी से दर्द की आँखों में आ गए आंसू
मिला जो शख़्स वो ख़्वाबों का हमसफ़र निकला
रोज दाने बिखेरता है जो परिंदों को
उसके तहख़ाने से कटा हुआ शजर निकला
कोलाहल के है ये स्वर,
कण से कण अब रहे बिछर,
स्रष्टा ने तोड़ी खामोशी, टूट पड़े हैं मौन के ज्वर,
त्राहिमाम करते ये मानव,
तज अहंकार, ईश्वर का अब कर रहे पुकार!
यूँ मंजिलों की राह भी आसान नहीं थी,
बहके कदम तो फिर से सँभलना सिखा गई ।
काँटे भी कम नहीं थे गुलाबों की राह में,
खुशबू की तरह हमको बिखरना सिखा गई ।
इश्क़ दरिया है जो तैरे वो तिहेदस्त रहे
वो जो डूबे थे किसी और क़िनारे निकले
धूप की रुत में कोई छाँव उगाता कैसे
शाख़ फूटी थी कि हमसायों में आरे निकले

धीरे - धीरे अंधकार, अस्तित्व को अपने में -
अन्तःसलिल करती हुई - - अब
सिर्फ़ है कुछ अपने पास, तो
वो है अवकाश ही
अवकाश।
धड़कता हूँ किसी की धडकनों में
किसी का ख़्वाब होता जा रहा हूँ
फितरतन हूँ नहीं बेसब्र फिर भी
इधर बेताब होता जा रहा हूँ
अब बस...
बहुत हो चुका यशोदा ...
आपने कृष्णविवर का नाम तो सुना ही होगा
जी हाँ...ब्लेक होल...
जहाँ कोई जाकर बाहर नहीं निकल सकता
उसका अविष्कार अनजाने मे ही हो गया
देखिए मात्र तीन मिनट...
अब बस...
बहुत हो चुका यशोदा ...
आपने कृष्णविवर का नाम तो सुना ही होगा
जी हाँ...ब्लेक होल...
जहाँ कोई जाकर बाहर नहीं निकल सकता
उसका अविष्कार अनजाने मे ही हो गया
देखिए मात्र तीन मिनट...





