सादर अभिवादन
आज बडा दिन
क्रिसमस का पर्व
क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह 25 दिसंबर को पड़ता है और इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व मे अवकाश रहता है। क्रिसमस से 12 दिन के उत्सव क्रिसमसटाइड की भी शुरुआत होती है। एन्नो डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म, 7 से 2 ई.पू. के बीच हुआ था। 25 दिसंबर यीशु मसीह के जन्म की कोई ज्ञात वास्तविक जन्म तिथि नहीं हैं और लगता है कि इस तिथि को एक रोमन पर्व से संबंध स्थापित करने के आधार पर चुना गया है। आधुनिक क्रिसमस की छुट्टियों मे एक दूसरे को उपहार देना, चर्च मे समारोह और विभिन्न सजावट करना शामिल हैं।
और साथ ही साथ
आज की थीम लाईन
धर्म कोई भी ना होता, देशधर्म ही होता धर्म एकमात्र
धर्म कोई भी ना होता, देशधर्म ही होता धर्म एकमात्र
भारतरत्न स्मृतिशेष अटल जी की जयंती भी
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मिली-जुली रचनाएं पढ़िए
जन-जन को सन्देश दिया,
सच्ची बातें स्वीकार करो!
छोड़ बुराई के पथ को,
अच्छाई अंगीकार करो!!
कुदरत के ज़र्रे-ज़र्रे में,
रहती है प्रभु की माया।
निर्धनता में पलकर जग को
जीवन दर्शन समझाया।।
पीर पंजाल का नाम होता
पञ्चालधारा पर्वत माला?
पी ओ जे के होता भारत में,
गिलगिट पर फहराता तिरंगा निराला?
अटल होते आज अगर
रग रग हिन्दू मेरा परिचय,
भारत का वेद वाक्य होता
सत्य सनातन ही
देश का अभिनव साक्ष्य होता.
उम्मीद का रंग कैसा होता है
जाने बगैर उस रोज मैंने
अपनी हथेलियों पर
एक बादल बनाया था.
आगे बढ़ते हुए
अपनी हथेलियों को कसकर बांधे थी
बरसों से बीत रहे को
बीत चुका है की मुहर लगने को है
" फिर क्या? फिर मेरे आत्मचेतना के अँखुए उग आए उन्हें महसूस किया। कुछ समय पश्चात धीरे-धीरे मुझे दिखने लगा।” साँची ने उसके विश्वास को और गहरे विश्वास के रंग में रंगते हुए कहा परन्तु न जाने क्यों फिर भी उसने पैर दहलीज के अंदर खींच लिए?
आज्ञा दीजिए
सादर नमन





