जय मां हाटेशवरी.....
जन हित में एक ऊँगली पर
कन्हैया ने पर्वत को उठाया,
उसी दिन की याद दिलाने
गोवर्धन पूजा का दिन आया
न किसी के जुल्म सहना,
अन्याय के विरुध लड़नी है लड़ाई,
मानव पर अत्यचार न हो,
इस पावन पर्व की सब को बधाई......
अब पेश है मेरी पसंद.....

भूल गया मैं बताना कि
कैसे समर्पण करते हैं
तेल और बाती
एक दूसरे के लिए ,
नहीं बताया कि
अंधेरे से लड़ने के लिए
कैसे जलती है बाती
अकेली ,
रोशनी के लिए
कैसे दीपक छोडता नहीं
हौसला
तेल के अंतिम बूंद तक !
दिव्य दीपावली
मैंने दिव्या, भगवती से प्रार्थना की 'मां, मेरे अन्दर स्थिर ध्रुव ज्योति जगा दे'।
"मेरे हृदय गुहा में वह दीपक जला दे, जो दिन रात अखण्ड जलता है, जो कभी बुझ नहीं सकता"।
असल में मेरी दीवाली तो तभी मनाई जा सकेगी। अन्दर से आने वाली
अस्थायी ज्योतियां भी फीकी लगने लगीं और मैं इस दिव्य दीवाली की बाट जोहने लगा,
जब कि मेरा हृदय एक नित्य, स्थिर ज्योति से आलोकित रहने लगेगा।
और वह क्या ही दिव्य दीवाली होगी जब कि हृदय-हृदय में उस ध्रुव ज्योति का
दिव्य दीपक जग उठेगा और ऐसे सैकड़ों हजारों दीपकभूत पुरुष स्त्रियों का
समाज मिलकर पूर्ण सामंजस्य के साथ, इस पृथ्वी पर कार्य कर रहा होगा।
ओह, वह देवों के भी देखने योग्य दीवाली होगी।
"मेरे हृदय गुहा में वह दीपक जला दे, जो दिन रात अखण्ड जलता है, जो कभी बुझ नहीं सकता"।
असल में मेरी दीवाली तो तभी मनाई जा सकेगी। अन्दर से आने वाली
अस्थायी ज्योतियां भी फीकी लगने लगीं और मैं इस दिव्य दीवाली की बाट जोहने लगा,
जब कि मेरा हृदय एक नित्य, स्थिर ज्योति से आलोकित रहने लगेगा।
और वह क्या ही दिव्य दीवाली होगी जब कि हृदय-हृदय में उस ध्रुव ज्योति का
दिव्य दीपक जग उठेगा और ऐसे सैकड़ों हजारों दीपकभूत पुरुष स्त्रियों का
समाज मिलकर पूर्ण सामंजस्य के साथ, इस पृथ्वी पर कार्य कर रहा होगा।
ओह, वह देवों के भी देखने योग्य दीवाली होगी।
बांह पकड़ कर दीप की
बोली नई कपास
गीत लिखेगी रोशनी
ले स्नेहिल विश्वास
आभा का संकल्प ले
कल रात कहना है बहोत मुश्किल, -
ज़मीं थी रौशन सहस्त्र दियों
के लौ से, लेकिन न जाने
क्यों रात को बहोत
परेशान देखे।
हर कान में फुसफुसा रहा है हर हृदय
सुन प्रणय की इस मधुर मनुहार को
अपने-अपने संचित उत्साह से सफल करें
कल के विफलता की हर एक पुकार को

देश है सर्वोपरी सब से ऊपर
तुम हो एक अदना सा कण
पर है भारी जिम्मेदारी कन्धों पर
जिसे निभा रहे हो सच्चे दिल से
पूरी शिद्दत से |
धन्यवाद



