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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

1208....मिलकर मनाएं चलो दिवाली…..


जय मां हाटेशवरी.....
हरेक तरफ़ को उजाला हुआ दिवाली का
अजब बहार का है दिन बना दिवाली का..नज़ीर

सादर अभिवादन.....
लंबी छुट्टी के बाद......
आज पुनः उपस्थित हूं.....
आप सब पाठकों के साथ दिवाली मनाने.....

आप सभी को.....
5 November :- धनतेरस उत्सव
6 November : – छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी
7 November : – मुख्य दीपावली
8 November :-  गोवर्धन पूजा और अन्नकूट
9 November :-  भैया दूज का त्यौहार
इन पांचों पर्वों की शुभकामनाएं.....

अब पेश है......
दिवाली पर ये विशेष प्रस्तुति.....


पंक्ति बद्ध
सचेत प्रहरी से
तिमिर अमावस
का हर लेते
खुद मिट कर
उजास बरसाते
रह अकम्प
थिरता भर जाते
जगमग दीप दीवाली के !

हमने सदियों से उठा रखे है
परंपरा के पुस्प
उन्हे ताजगी सा महकाओ
तो कोई राग चले
दिये जलाओ कि कुछ
तिमिर हटे
.....

मंगल पर्व
ले लो नए संकल्प
खुशी फैलाओ ......
पटाखे फोड़े
फुलझरी जलाएँ
पर्व मनाएँ.....

घनघोर काली सी एक रात पर
फिर से नन्हे से दीपक ने जीतकर दिखाई है
मित्रो को, सखियों को, गैरों को अपनों को
छोटो को - बडको को, सबको बधाई है

आलोकित संसार में,हरदम पलता प्यार
उजलेपन से ही सदा,जीवन पाता सार,
दीपों की यह है कथा,जीवन में उजियार
संघर्षो के पथ रहो, कभी न मानो हार,

नव ज्योति के झिलमिल पंखो से
आओ हटा दें हर घर से अँधेरा
करें जगमग आस किरणों को
लाएं फिर एक नया सवेरा
मिलकर मनाएं चलो दिवाली…..
चमक रोशनी की कुछ ऐसी हो
कि राह भटक जाए ‘अंधेरा’
फिर कभी न हो किसी ह्रदय में
उदासी का यूँ गहन बसेरा
मिलकर मनाएं चलो दिवाली....


आतिशबाजी छोड़-छोड़कर बुरी शक्तियां नहीं मरें ,
करें प्रण अब बुरे भाव को दिल से दूर भगायेंगे .
..............................................................................
चौदह बरस के बिछड़े भाई आज के दिन ही गले मिले ,
गले लगाकर आज अयोध्या भारत देश बनायेंगे .


लौ की आस को
धारण किये रखना...
कितना कठिन होता होगा
उजाले की राह तकना...

सब पुरुषार्थ
अपनी नन्ही काया और
द्विगुणित माया से
सहज ही कर जाते हो...
आज बस इतना ही.....
हम पर्व धरा को बचाने के लिये मनाते हैं.....
मानव की खुशहाली के लिये मनाते हैं......
सभी का स्वास्थय उत्तम रहे.......
इस लिये दीपों की जगमगाहट से ही दिवाली मनाएं.....
पटाखों का धुआं पर्यवरण को दूशित कर रहा है......
कुछ लोगों को ये पटाखे हमेशा के लिये अपाहिज बना देते हैं.....
खुशी मनाने के कई और भी तरीके हैं......
जिनसे हम दिवाली को यादगार व शुभ बना सकते हैं......
......
हम-क़दम का चौंवालिसवाँ विषयः
कैसी रही दीपावली (अनुभव)
प्रविष्टि 10 नवम्बर तक आनी चाहिए
प्रकाशन 12 नवम्बर को...
सादर धन्यवाद।
















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