विश्व साहित्य को अपनी उच्चकोटि की सृजनात्मक क्षमता से
प्रभावित करने वाले युगपुरुष विलियम शेक्सपियर
का जन्म 23अप्रैल 1616 में हुआ था।
इनकी रचनाएँ न केवल अंग्रेजी साहित्य का गौरव है
अपितु विश्वस्तर पर जबर्दस्त प्रभावशाली हैं।
प्रभावित करने वाले युगपुरुष विलियम शेक्सपियर
का जन्म 23अप्रैल 1616 में हुआ था।
इनकी रचनाएँ न केवल अंग्रेजी साहित्य का गौरव है
अपितु विश्वस्तर पर जबर्दस्त प्रभावशाली हैं।
उनके द्वारा लिखी एक अंग्रेज़ी कविता की चंद पंक्तियाँ-
ये संसार एक रंगमंच है
सारे स्त्री पुरुष मात्र अभिनयकर्ता
सबका अपना अपना आगमन और प्रस्थान
हर व्यक्ति करता है बहुत सारे पात्र , अपने समय में
उसका काम गुजरता है सात कालों में . पहला शिशु
जो रो रो कर उलटी करता है अपनी दाई की गोद में
और फिर वो स्कूली बच्चे का रुआंसा प्रलाप , बस्ता लटकाए हुए
सुबह का चमकता हुआ चेहरा , लेकिन घोंघे जैसी चाल
स्कूल न जाने का मन . और फिर वो प्रेमी
भट्टी की तरह निः स्वासें भरता, किसी प्रेम गीत को सुनकर
जो था उसकी प्रियतमा की भौहों के लिए . और फिर एक सैनिक
विचित्र शपथों को धारे और तेंदुए सी दाढ़ी के साथ
स्वाभिमान के लिए ईर्ष्यालु , लड़ने को तत्पर
बुलबुले सी इज्जत की तलाश में
||| सादर नमस्कार |||
हमक़दम के साथ एक-एक सीढ़ी चढ़ते आगे बढ़ते आप
सुधी साहित्य साधकों के क़दमों की मीठी रुनझुन ने एक
नवीन सुमधुर संगीत से सम्मोहित किया है। हर सोमवार को
आपके द्वारा सृजित अद्भुत संसार के भिन्न रुपों का आस्वादन
करने की आतुरता में ही पूरा सप्ताह बीत जाता है।
सुधी साहित्य साधकों के क़दमों की मीठी रुनझुन ने एक
नवीन सुमधुर संगीत से सम्मोहित किया है। हर सोमवार को
आपके द्वारा सृजित अद्भुत संसार के भिन्न रुपों का आस्वादन
करने की आतुरता में ही पूरा सप्ताह बीत जाता है।
आप सभी का बेहद आभार आपके अतुल्य सहयोग के लिए।
चलिये अब आपकी रचनात्मकता के संसार में-
🔴 🔴 🔴 🔷 🔴 🔴 🔴
आदरणीया कुसम दी की गज़ब की रचनात्मकता
पढ़िये उनके द्वारा रचित तीन रचनाएँ
आदरणीया कुसुम कोठारी जी















