सादर अभिवादन
नेपाल का प्रमुख अवकाश
सार्वजनिक बिदाहरू
हमारे यहां भी कन्या पूजन के उपरांत
नौ देवियां को उपहार आदि देकर विदा करते हैं
हमारे यहां भी कन्या पूजन के उपरांत
नौ देवियां को उपहार आदि देकर विदा करते हैं
बज़ रहे हैं ढोल ढाक
नाच रहे हैं पुरुष
नाच रही हैं स्त्रियां
नाच रहे हैं बच्चे
आरती के धुएं से
नहीं होती दूषित हवा
ये सब तब से है
जब से
अदालत ने साबित कर दिया—
मछलियों की मौत
पानी में डूबने से हुई है।
लाला जी की अनोखी सीख
अपनी स्थिति देखनी चाहिए.
तुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता.
काँटा होने का ख़िताब।
हर पत्थर पहाड़ से टूट कर नीचे गिरता जा रहा था। इस बात का गवाह बनने के लिए पहाड़ ने भी मुझे बुलाया था। तुम ही सोचो कि बिछड़ने का दृश्य देखने की हिम्मत करने के लिए मैंने दिल पर कितने पत्थर रखे होंगे। इन सब घटनाओं के बाद बदलाव यह हुआ कि मुझे काँटा होने का ख़िताब मिला, तुम्हें लोग अब भी गुलाब कहते हैं। बेवफाई का जहर मैंने पीया और प्रेम में अमर तुम हो गई।
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा माँगने वाले विपक्षियों का आरोप है कि मतदाताओं के नाम हटने का लाभ भाजपा को मिला है; उसको वोट न देने वालों के नाम काटे गए हैं. इस हास्यास्पद आरोप पर विपक्षी दल स्वयं ही बता पा रहे कि वे किस आधार पर दावा कर रहे कि भाजपा को वोट न देने वालों के ही नाम काटे गए हैं. क्या विपक्ष के पास ऐसे आँकड़े हैं? इस बात को विपक्षी दलों द्वारा उठाये जाने का आधार वे अवैध नागरिक हैं जिनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है. देश का संविधान भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार प्रदान करता है. विदेशी नागरिक, वे चाहे किसी भी देश के क्यों न हों, भारत में निवास करने के कारण भारतीय मतदाता नहीं हो सकते. यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि विगत वर्षों में रोहिंग्या, बांग्लादेशी शरणार्थियों के नाम पर अवैध नागरिकों की संख्या देश में बढ़ी है. यदि ऐसे लोगों का किसी भी तरीके से मतदाता सूची में नाम अंकित हो गया था और जाँच के बाद यह सत्यापित होने पर उनके नाम को हटाया जाना वोट चोरी कैसे हो गया?
सफेद, सफेद ना रहे
नीला, नीला ना रहे
लाल, लाल ना रहे
पीला, पीला ना रहे
कुछ इधर से उधर हो
कुछ उधर से इधर हो
लेकिन अब
कपड़े रंग छोड़ते नहीं
सादर समर्पित
वंदन







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