निवेदन।


फ़ॉलोअर

बुधवार, 24 जून 2026

4783..चुना हुआ मौन


।।प्रातःवंदन।।

"जीवन की सुन्दर बगिया में आशा

की कलियाँ महकाती

रैन अँधेरे भागे भागे

सोनेवाले जागे जागे

उषा आई, उषा आई "

ज़िया फतेहाबादी 

बुधवारिय प्रस्तुतिकरण को आगे बढाते हुए ✍️

एक ही मौसम हरदम नहीं रहता

 एक ही मौसम हरदम नहीं रहता


हमदम हमेशा हमदम नहीं रहता।

✨️

अफ़सोस, राम लल्ला के नाम पर सबसे बुरा डर सच होता दिख रहा है

 अफ़सोस, सबसे बुरा डर सच होता दिख रहा है। राम लल्ला के नाम पर एक स्कैम हो रहा है। और यहाँ बताया गया है कि यह सिर्फ़ क्रिमिनल गड़बड़ी से कहीं ज़्यादा क्यों है।

ताज़ा खबर यह है कि SIT राम मंदिर डोनेशन चोरी की जांच में चंपत राय के सा..

✨️

चुना हुआ मौन



आदमी

देख नहीं सकता,

यदि आँखें न हों।


सुन नहीं सकता,

यदि कान न हों।

बोल नहीं सकता,

✨️

ऐसे पढ़ो मुझे

मैं गीता हूँ,

बाइबल हूँ,

क़ुरान हूँ। ..

✨️

अभिलाषा:

ए ज़िंदगी,

ज़रा आहिस्ता चल।

क्यों बेतहाशा भागती है,

बदहवास दौड़े जाती है।..

।।इति शम।।

धन्यवाद 

पम्मी सिंह ' तृप्‍ति '..✍️

5 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन अंक
    आभार
    सादर वंदे

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी की यह पोस्ट कई भावों को एक साथ छूती है। कहीं उम्मीद की किरण दिखती है, कहीं समय की सच्चाई सामने आती है और कहीं आत्मचिंतन का गहरा संदेश मिलता है। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.

    अधिक जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी - HindiDiscussionForum dot com
    धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  3. एक ही मौसम हरदम नहीं रहता
    और रहना भी नहीं चाहिए

    शुक्रिया

    जवाब देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...