निवेदन।


फ़ॉलोअर

सोमवार, 22 जून 2026

4781 ...कबूतरोंं ने सत्ता संभाली वे भी कांव कांव करने लगे हैं।

 सादर अभिवादन 


कल फादर्स डे था
थोड़ी सी महक बाकी है


पिता कोई नाम नहीं, एक एहसास है,
जो परछाईं बन हर पल मेरे पास है।

बचपन में जब पाँव लड़खड़ाए थे,
वो थाम के उँगली चलाते थे।
मैं हँसूं यही कामना लेकर,
ज़ख़्म अपने मन में छुपाते थे।।

 अब देखिए रचनाएं



प्र कृति अपने-आप में एक अबूझ पहेली है ! इसके खेल बड़े निराले होते हैं, जिसमें आँखों से दिखाई ना देने वाले सूक्षतम जीवाणु से लेकर पर्वताकार प्राणियों तक हजारों-लाखों खिलाड़ी शामिल हैं ! उन्हीं में से एक, छिपकलियों के पूर्वज, लुप्त डायनासोर प्रजाति के अजूबे टायरानोसौरस, जिसे टायरानोसौरस रेक्स या टी-रेक्स भी कहा जाता है, भी शामिल हैं ! फिल्मों से लगाव रखने वाले देसी-विदेशी दर्शकों ने इनका आभासी रूप जुरासिक पार्क जैसी फिल्मों में देखा होगा, जिनमें ये अपने पूरे जलवे के साथ उपस्थित थे !  




गधे को बाप बनाना छोड़ो, 
क्यों गिरगिट सा रंग बदलते हो?
गुरू घंटालों की संगत में, 
क्यों गुलछर्रे उड़ा फिसलते हो?




वो प्रजातंत्र का है निर्देशक,
चुप ही रहने का रोल देता है.

है तो मुश्किल मगर वो दुख ले कर,
कह-कहे फ्री में तोल देता है.




बहता है जो मन साफ है मान प्रतिष्ठा साख है
संयमित प्रवाह से संचालित अप्रयोज्य साफ है
अपनी लय में चलता, बढ़ता है अघोषित उम्मीद
कोई मनाता उत्सव है कोई कहता जीत




कबूतरोंं ने सत्ता संभाली
और अब 
वे भी बहुत अच्छा 
कांव कांव करने लगे हैं।
***
सादर समर्पित
सादर वंदन

1 टिप्पणी:

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...