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गुरुवार, 22 जनवरी 2026

4630..मौन का पड़ाव

 

गुरुवारिय प्रस्तुतिकरण के क्रम को बढाते हुए..

ज़रूरी है युद्ध—


ज़रूरी है युद्ध
किसी ज़मीन के लिए नहीं,
किसी झंडे के लिए नहीं,
ज़रूरी है युद्ध
उस थाली के ख़िलाफ़..

✨️

एहसास !

थप्पड खाकर वो 'डिस' उनकी

यूं, थोड़ी हमने भी चख दी थी,

✨️

मौन का पड़ाव



मौन का पड़ाव / अनीता सैनी
…….
उसकी
शिथिल पड़ती जुबान…

पर तुम उस एकांत को
छू नहीं सकते
जहाँ देह नहीं,
भाव

✨️

एक ताज़ा गीत -फूलों में इतवार

चित्र साभार गूगल






एक ताज़ा गीत -फूलों में इतवार 

गीत, पपीहा 

बांसुरी 

वासंती श्रृंगार.

प्रेमगीत 

लिखने लगा 

फूलों में इतवार.


पीली -नीली 

चिट्ठियां 

वन में पढ़े पलाश,

नदी किनारे 

खाट पर ..

✨️

पम्मी सिंह ' तृप्‍ति '..✍️

2 टिप्‍पणियां:

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