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मंगलवार, 9 अक्तूबर 2018

1180...उलझन, उलझी रहे अपने आप से, तो आसानी हो जाती है

बीस पग और
फिर बारहवाँ सैकड़ा सामने होगा
सादर अभिवादन...
****
हम-क़दम 
सभी के लिए एक खुला मंच
आपका हम-क़दम का चालीसवाँ क़दम 
इस सप्ताह का विषय है
'उलझन'
...उदाहरण...
अहा! उलझन तुम हो धन्य
तुमसे प्रिय है न कोई अन्य

पग पग पर काँटों को सजा
फूलों का पुंज लिए विकल
लगती कुरूप हो वेदना सी
मगर अंतस सुंदर सकल
-राम लखारा 'विपुल'

उपरोक्त विषय पर आप को एक रचना रचनी है
अंतिम तिथिः शनिवार 13 अक्टूबर 2018  
प्रकाशन तिथिः 15 अक्टूबर 2018  को प्रकाशित की जाएगी । 

रचनाएँ  पाँच लिंकों का आनन्द ब्लॉग के 
सम्पर्क प्रारूप द्वारा प्रेषित करें
******
अब चलते हैं नियमित अंक की ओर.....
प्रेम-किस्से....दिगम्बर नासवा
शहर की रंग-बिरंगी इमारतों से ये नहीं निकलते
न ही शराबी मद-मस्त आँखों से छलकते हैं
ज़ीने पे चड़ते थके क़दमों की आहट से ये नहीं जागते 
बनावटी चेहरों की तेज रफ़्तार के पीछे छिपी फाइलों के बीच
दम तोड़ देते हैं ये किस्से
******
ॠतु राज....अनीता सैनी
खुशियों  का  संदेश  समेटें ,  
ॠतु  राज  धरा  पर  आयें,
तरुओं   ने  नव  पल्लव  डालें,
मुस्कान   धरा  की  खिल  उठीं,
चिड़ियों  ने  भी    राग  लगाई,
मधुर  स्वर  में   ईठलाई  पवन,


मेरी ऑटोबायोग्राफी....अभिलाषा अभि
दर्द तो लिख सकता है लिखनेवाला
पर स्वयं का दर्द लिखने का
साहस कहाँ से लाऊँ,
तुम जितना समझोगे मुझे
सरकती जाएंगी सोंच की दीवारें
ढ़ह जाएंगे कल्पनाओं के महल
क्योंकि स्तब्ध होती रहेंगी
*****
आदित्य कमल का एकल काव्य पाठ
गाँधी मैदान, पटना में गाँधीजी की मूर्ति के पास 6 अक्टूबर, 
शनिवार शाम 4 बजे पटना के गांची मैदान में गांधी मूर्ति के 
पास प्रतिरोध के ऊर्जावान कवि एवं शायर आदित्य कमल जी 
का कवि गोष्ठी में काव्य पाठ..कुछेक कविताएँ
श्री हेमन्त दास हिम

उसकी चुप्पी तो बिना बोले जितना बोल गई
देखना दूर तलक उसका असर जाएगा
उसे पता है बोलने की सजा क्या होगी
मगर वो चुप रहा तो जीते जी मर जाएगा

उसकी चुप्पी तो बिना बोले जितना बोल गई
देखना दूर तलक उसका असर जाएगा
उसे पता है बोलने की सजा क्या होगी
मगर वो चुप रहा तो जीते जी मर जाएगा

***********


बिछ गई है चौसर......अभिलाषा चौहान
बिछ गई चुनावी चौसर
जुट गए हैं सभी धुरंधर
लेकर अपने अपने पांसे
चलने लगे चुनावी दांव
शुरू हुआ आरोपों प्रत्यारोपों का दौर
त्याग कर मर्यादा जिसका ओर न छोर
******
उलूक कथन...डॉ. सुशील जोशी
अपनी जुल्फों को 
देखने के लिये 
आईना जरूरी होता है 
सामने वाले की जुल्फ
साफ नजर आती है 

आसानी से 
सुलझाई जाती हैं 
अपनी उलझन 
अपने में ही 
उलझी रह जाती है ।
*****
बस आज यहीं तक
कल हमारी एक साथी
पम्मी सिंह जी अनुपस्थित रहेंगी
मातेश्वरी का स्मरण-दिवस(बरसी) है..

सो कल किसी एक पाठक की
पसंदीदा रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी

पाठकों से निवेदन स्वयमेव आगे आएँ
सादर...
यशोदा





















20 टिप्‍पणियां:

  1. संवेदनाओं की खौलती तरलता में
    जबरन धकेली जा रही
    निरीह आत्मा है,
    जिस सच को सोचकर भी
    हैवानियत तक झनझना उठे


    सम्वेदनाओं से भरी भावुक करने वाली हैं, रचनाएँ.. सभी रचनाकारों को हृदय से आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतरीन...
    शुभ प्रभात...
    सादर....

    उत्तर देंहटाएं
  3. शुभ प्रभात यशोदा जी 🙏
    बेहतरीन रचनाएं सभी चयनित रचनाकारों को हृदयतल से बधाई। ममे रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका सादर आभार

    उत्तर देंहटाएं
  4. सस्नेहाशीष संग शुभ दिवस छोटी बहना
    सुंदर संकलन
    पम्मी जी की माँ को नमन

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर लिंक संयोजन आज की हलचल भावभीनी ...
    आभार मुझे भी शामिल कने के लिए इस हलचल में ...

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही खूबसूरत प्रस्तुति । सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. अतिसुन्दर प्रस्तुति सभी रचनाकारों को बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  8. शुभ प्रभात आदरणीया

    बेहतरीन प्रस्तुति
    सह्रदय आभार आदरणीया मेरी रचना को स्थान दिया
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुंदर संकलन 👌👌👌
    पम्मी जी की माँ को नमन 🙏🙏🙏

    उत्तर देंहटाएं
  10. आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं
    ---------------------------------
    'काव्यांकुर-6' काव्य संध्या
    एवं
    पुस्तक लोकार्पण समारोह-2018
    ---------------------------------

    मंचासीन अतिथि :-
    श्री बालस्वरूप राही
    श्री महेश चंद्र शर्मा
    डॉ बी एल गौड़
    श्री दीक्षित दनकौरी
    डॉ कीर्ति काले
    डाॅ देवेन्द्र प्रधान
    श्री रामावतार बैरवा

    सान्निध्य :-
    श्री विनय 'शील'
    श्री समोद सिंह 'चरौरा'
    श्री शिव प्रभाकर 'ओझा'
    श्रीमती सरोज शर्मा
    श्रीमती कमलेश कौशिक
    श्रीमती संध्या प्रहलाद

    'काव्यांकुर-6' काव्यापाठ :

    1. योगिता शर्मा 'जीनत', रामनगर, जयपुर, राजस्थान

    2. विनोद कुमार 'दवे', भोटून्द, पाली, राजस्थान

    3. तनूजा शर्मा 'मीरा', देहरादून, उत्तराखंड

    4. जितेन्द्र सुकुमार, उत्तम नगर, दिल्ली

    5. ओमप्रकाश कल्याणे, दिल्ली

    6. नूपुर शान्डिल्य, मुम्बई, महाराष्ट्र

    7. कंचन चौहान, दिल्ली

    8. योगेश तिवारी, दिल्ली

    9. अशोक बाबू माहौर, मुरैना, मध्यप्रदेश

    10. नेहा दुबे, दिल्ली

    11. संजीत कुमार 'सरस', दिल्ली

    12. रीता जयहिन्द, दिल्ली

    13. सरिता तिवारी, गोंडा, उत्तर प्रदेश

    14. मीना चौधरी 'सलौनी' गुरूग्राम, हरियाणा

    15. राहुल प्रसाद 'जमलोकी', गाँधीनगर, गुजरात

    16. इन्द्रजीत सिंह, नारायणा, दिल्ली
    ---------------------------------
    09 अक्टूबर 2018
    शाम 5:30 बजे (गेट नं 3)
    गुलमोहर सभागार, इंडिया हैबिटेट सेंटर,
    लोधी रोड, नई दिल्ली 03 (मैट्रो स्टेशन: जोर बाग, खान मार्केट)
    ---------------------------------
    navankursahityasabha@gmail.com
    www.navankurindia.com
    9013226272, 9205125700, 9210777799

    उत्तर देंहटाएं
  11. नवांकुर प्रकाशन के अगले प्रकाशन काव्यांकुर ६ के लिए १५ और कवियों के साथ मेरी कविताओं का भी चयन हुआ है ।

    पुस्तक विमोचन के अवसर पर
    ९ अक्टूबर सायं ५.30 बजे
    गुलमोहर सभागार, इंडिया हैबिटैट सेन्टर,
    लोधी रोड, दिल्ली में कवि सम्मेलन भी होगा । मंच के एक कोने पर मुझे भी स्थान मिला है ।

    सभी कविता प्रेमियों से निवेदन है कि यदि संभव हो तो समय निकाल कर अवश्य आएं । अपनी उपस्थिति से अनुग्रहित करें और मार्गदर्शन करें ।

    आप सभी स्नेही सुधि जन आशीर्वाद दीजिए.... मंच पर पहला क़दम सार्थक हो ।

    नमस्ते ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बधाई आपको।
      हार्दिक शुभकामनाएँ मेरी स्वीकार कीजिए।

      हटाएं
    2. ढेरों शुभकामनाओं के साथ बहुत बहुत बधाई ।
      दिल्ली में होते तो आपकी रचनाओं का आस्वादन करने जरूर हाजिर होते ।

      हटाएं
  12. बेहद खूबसूरत रचनाओं से सजी बेहतरीन प्रस्तुति सभी रचनाकारों को बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुन्दर हलचल प्रस्तुति। आभार यशोदा जी 'उलूक' के उलझे सूत्र को जगह देने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  15. बढिया हलचल..
    यशोदा दी के साथ सभी का आभार व्यक्त करती हूँ जो समय और परिस्थितियों की व्यस्तता समझते है।संवेदनशील टीम है हमारी हलचल..🙏

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत शानदार हलचल प्रस्तुति बहुत अच्छी रचनाओं का समायोजन सभी रचनाकारों को बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  17. आदित्य कमल का एकल काव्य पाठ को शेयर करने हेतु हार्दिक आभार आपका. आप सभी ब्लॉग के चुनिंदा पोस्ट के लिंक प्रकाशित कर एक बहुत बड़ा सहयोग कर रही हैं. अन्य रचनाएँ भी पढ़ी जो उत्तम हैं. आपको और आपके पूरे समूह को बहुत बहुत आभार पुन:.

    उत्तर देंहटाएं
  18. बहुत सुन्दर संकलन , सभी रचनाकारों को शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं

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