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गुरुवार, 9 जून 2016

328....पुरानी यादों को ताजा कर गया


सादर अभिवादन
संजय जी आज फिर नही हैं
लगता है भूल गए..कि
वे चर्चाकार भी हैं इस ब्लॉग के

आज की शुरुआत उन्ही की एक रचना से



संजय भास्कर...
उस डायरी पर
तब एक लम्हे में जिंदगी जी
लेने का अहसास
मुस्कुराहटें कुछ तस्वीरें
और कुछ अधूरी सी कवितायेँ
और बहुत कुछ बीते कल के बारे में
पुरानी यादों को ताजा कर गया !!



नीरज कुमार "नीर".......
नदी को लगता है
कितना आसान है
समंदर होना
अपनी गहराइयों के साथ
झूलते रहना मौजों पर



शैल सिंह......
अभी तो पग हैं धरे डगर पे
चलना दूर बहुत है बाकी
सफर अभी तो शुरू हुआ है
तय करना सफर बहुत है बाकी



ढूंढ रहा रह कोई सच, पर छोड ना पाये झूठ के साये
बदलते लोग विघुत गति से, बिन मतलब पास ना आये

झूठी तारीफों के पुल पर, रिश्तों की बिल्डिंग बन जाती
कहते फिरे सच सुनने वाले ही बस हमरे मन को भाये



मेरे ऑफिस जाने का बाद बच्चों ने इस तरह बुआ  के साथ मिलकर मुझे सरप्राइज़ देने का प्लान बनाया था। यह मुझे तभी मालूम हुआ। अपने जन्मदिन पर केक और बच्चों के हाथ से बना ग्रीटिंग पाकर मुझे बहुत ख़ुशी हुई।  सोचती हूँ इस तरह के अपनेपन से भरे क्षण पाकर मेरी तरह ही सबको भी ख़ुशी मिलती होगी, है न


ये प्रस्तुति अभी-अभी बनाई हूँ
मेरी डायरी के मुुड़़े हुए पन्ने हैं ये
सादर..

चलते चलते कविता दीदी के लिए..

"आ तेरी उम्र मै लिख दूँ चाँद सितारों से
तेरा जनम दिन मै मनाऊ फूलों से बहारो से

हर एक खूबसूरती दुनिया से मै ले आऊँ
सजाऊँ यह महफ़िल मै हर हँसी नजारों से

उम्र मिले तुम्हे हजारों हजारों साल ...
हरेक साल के दिन हो पचास हजार !!"

हार्दिक शुभ कामनाएँ...

यशोदा

9 टिप्‍पणियां:

  1. शुभप्रभात...
    सुंदर संकलन....

    जवाब देंहटाएं
  2. उम्दा लिंक्स के साथ प्रस्तुति |

    जवाब देंहटाएं
  3. यशोदा जी अपनी डायरी के मुुड़़े हुए पन्नों से निकले इस अनमोल उपहार से में मन भावविभोर हुआ, बहुत-बहुत धन्यवाद!
    हलचल प्रस्तुति में पोस्ट शामिल करने व मान देने हेतु आभार!

    जवाब देंहटाएं
  4. अच्छी रचनाओं का बढिया संकलन।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बहुत शुक्रिया यशोदा जी इंटरनेट की धीमी गति के कारण आज प्रस्तुति नहीं बना पाया
    आपका बहुत बहुत आभार

    सादर
    संजय भास्कर

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत उम्दा लिंक्स । सादर धन्यवाद् नदी और समंदर को स्थान देने के लिए

    जवाब देंहटाएं
  7. Yashoda ji , mere rachna ko shamil karne k liy haadrik aabhaar.

    जवाब देंहटाएं

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