सादर अभिवादन
सादर अभिवादन
आज अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस है
अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस अथवा अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। वर्ष 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा “विकलांगजनों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष” के रूप में वर्ष 1981 को घोषित किया गया था। भारत में स्पेशल दिव्यांगों को स्वावलंबन बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 2020 3 दिसंबर के उपरांत tea 24 Disability Foundation डिसेबिलिटी फाउंडेशन ने 10 दिव्यांगों को स्वावलंबन परमानेंट जॉब देकर किया आज फाउंडेशन भारी मात्रा मेंं दिव्यांगों स्वावलंबन बनाने पर कार्य कर रहा . है tea24 Disability Foundation डिसेबिलिटी फाउंडेशन की डायरेक्टर मंजू कुमारी बिहार पटना से जो स्वयं दोनों पैरों से दिव्यांग है
अब रचनाएँ पढ़िए
सहेजना ... फिर सहेजना
समेटना ... फिर समेटना क्या ठीक है
यादों का कूड़ा दर्द के अलावा कुछ देता है क्या
धुंध सबके लिए बड़े काम की चीज़ है।उसने सबको काम पर लगा दिया है।बच्चे स्कूलों से मुक्त होकर मोबाइल से खेल रहे हैं।उनकी माताएं ऑफ़िस के बजाय घर पर ही रील बना रही हैं।जो लोग कार्यालय में काम के समय सोते थे,वे अब ऑनलाइन जम्हाई ले रहे हैं।बाज़ार को भी धुंध ने कायदे से संभाला है।मास्क और खांसी के सिरप आउट ऑफ़ स्टॉक हो गए।टीवी की प्राइम-टाइम बहस को नई ऊँचाई मिली है ।एंकर वातानुकूलित कक्षों में मास्कित होकर प्रदूषण पर अंतर्देशीय मिसाइल छोड़ रहे हैं।धुंध के आते ही सोई हुई आलोचनाएं सक्रिय हो उठी हैं ।आजकल मनुष्य की आलोचना करना सबसे ख़तरनाक काम है।और यदि वह नेता,लेखक या अफ़सर हुआ तो आलोचना जानलेवा भी हो सकती है।इसलिए धुंध पर अंधाधुंध फायरिंग हो रही है।इसमें कोई खतरा नहीं है।
भूल-चूक की माफ़ी लेगी सबसे मेरी गंध कुमारी
उस दिन ये मंडी समझेगी किसको कहते हैं खुद्दारी
बिकने से बेहतर मर जाऊं अपनी माटी में झर जाऊँ
मन ने तन पर लगा दिया जो वो प्रतिबंध नहीं बेचूँगा
कब्र ना भी लिख सके अगर
दफन हो सभी कुछ
कफन ना बरबाद हो
इतना कुरेद कब्र लिखी जाए
दफन करने के लिए कुछ
कुछ किया जाए
पीली हल्दी , चमके कंगना,
लाल चुनरियाँ, सुर्ख जोड़ा,
सिंदूरी मंद -मंद मुस्काई
सप्त फेरों की रस्म निभाई,
रिश्तों का गठबंधन सुहाना,
अश्रु से भीगी खुशियाँ,
पुरवाई संदेश लाई ,
गूंज उठी मीठी शहनाई,
*****
बस



