सादर अभिवादन
कल गणतंत्र दिवस बीत गया
बस वीटिंग द रिट्रीट तक धुआ दिखेगा
फिर बस फरवरी चालू
कुछ रचनाएं
राम विराजे अवधपुरी, मची देश में धूम ।
राम राम जपते सभी, नाच रहे हैं झूम ।
नाच रहे हैं झूम, लगी गणतंत्र में झाँकी ।
राम हि बस देखें सुने, भक्ति राम की आँकी ।
यूं सफ़र-ए-हयात का अंजाम लिख दिया
हर ख़ुशी हर ग़म पे तेरा नाम लिख दिया
ख़ुद को ख़त लिखते रहे तेरे नाम के
आख़िरी अलविदा भी कल शाम लिख दिया
सबसे खतरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
तड़प का न होना
सब कुछ सहन कर जाना
घर से निकलकर काम पर
और काम से लौटकर घर आना
इन दिनों भगवान श्री राम की लहर देश भर में चल रही है | सभी राममय हैं | मेरे मन में यूँ ही विचार कौंधा कि
माता सीता की माता कौन हैं ये कौन कौन जानता होगा बिना गूगल किये | जनक दुलारी को सब जानते हैं
किन्तु जननि को बहुत कम लोग | उनका नाम है - सुनयना, किन्तु अधिकतर लोग उनका नाम नहीं जानते
आज बस
कल फिर कुछ
सादर



