सादर अभिवादन..
आज अचानक-भयानक
हमारी एन्ट्री.. जैसे..
अनचाहा परिणाम आ गया..
परिणाम तो सही ही आया...
चलिए चलें रचनाओं की ओर...
परिणाम तो सही ही आया...
चलिए चलें रचनाओं की ओर...
शब्द परिचित से ....
अभी अभी
उतरे हैं कुछ शब्द
अंधेरी पथरीली
सीढ़ियों से,
शब्द
कुछ परिचित
विधवा भाभी को बड़ी बिंदी लगाती
देखकर ननद ने सवाल किया।
"मकड़जाल से निकल चुकी हूँ। हौसले को याद
दिलाने में चूक ना जाऊँ... इसलिए...,"
दिलाने में चूक ना जाऊँ... इसलिए...,"
"आप शायद भूल रही हैं कि बड़े भैया
(धीमे से:आपके पति -परमेश्वर) को
आपका बिंदी लगाना पसंद नहीं था!"

बाजार में जो फ्रूटी आदि मिलती हैं उन सब में प्रिजरवेटिव्स मिले
होने से वे सेहत के लिए बहुत हानिकारक होती हैं। घर पर बनाई
हुई मैंगो फ्रूटी सेहतमंद तो होगी ही साथ ही में मार्केट की तुलना में
यह बहुत सस्ती पड़ती हैं।
होने से वे सेहत के लिए बहुत हानिकारक होती हैं। घर पर बनाई
हुई मैंगो फ्रूटी सेहतमंद तो होगी ही साथ ही में मार्केट की तुलना में
यह बहुत सस्ती पड़ती हैं।

कोई लौटा दे मुझे बचपन के उपहार
नेह भरी मेरी सदी , मित्रों का संसार
आपाधापी जिंदगी , न करती है विश्राम
सुबह हुई तो चल पड़ी , ना फुरसत की शाम

उंगली पकड़ के तूने
चलना सिखाया था ना
दहलीज़ ऊँची है ये, पार करा दे
बाबा मैं तेरी मल्लिका
टुकड़ा हूँ तेरे दिल का
एक बार फिर से दहलीज़ पार करा दे

क़द्र खोती ये सियासत देखिए
आम होती बदजुबानी मुल्क में
मुफ़लिसी, बेरोजगारी बढ़ रही
रक़्स करती ख़ुश-गुमानी मुल्क में
अब भरोसा उठ गया है न्याय से
हाए इकतर्फ़ा बयानी मुल्क में
आज बस इतना ही..
अगले शुक्रवार छुटकी श्वेता मिलेगी..
आदेश दें, और नये विषय का दीदार करें
हम-क़दम का नया विषय

