सादर अभिवादन करती है यशोदा
दिल है कदमों पे किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फ़ितरत है, ख़ुदा हो या न हो।
प्रस्तुत है आज की पसंदीदा लिंक्स.....
प्यार नज़र भी आया
पर हंसी आई ये जान कर की
प्यार भी सहुलियत के हिसाब
से किया जाता है …
बिना काम
किस का फायदा
किसका नुकसान
अपनी अपनी
किस्मत अपना
अपना भाग्य
किताबें पढ़ पढ़
कर भी चढ़े
माथे पर दुर्भाग्य
सबसे नजरे बचा कर,
मैं उन सीढ़ियों से धीरे से...
पूछ लेती हूँ..
कि कही मेरे जाने के बाद,
तुम वहाँ आये तो नही थे...
ढाल से सटा हुआ एक बिना छज्जे वाला मकान है | इसी मकान में एक कुत्ता रहता था ( बाकी लोग भी रहते थे ) जब हम पांचवी या छठी क्लास में रहे होंगे और सुदर्शन साहब की तरह साइकिल की सवारी करने की कोशिश कर रहे थे | एक थी २० इंची नीले कलर की हीरो जेट हमारे पास | उसकी इम्पोर्टेंस तो आज की कार से भी ज्यादा है ,......ऊ अलग बात है |
इसे मत कहों तुम समंदर का पानी
है इसमें छुपी आँसुओं की कहानी
दीप अंगणित निशा वक्ष पर थे जलाए
विरह के झकोरों ने जिसको बुझाए
आज्ञा दीजिये यशोदा को...
कितनी छोटी सी दुनिया है मेरी,
एक मै हूँ और एक दोस्ती तेरी…!!
दिल है कदमों पे किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फ़ितरत है, ख़ुदा हो या न हो।
प्रस्तुत है आज की पसंदीदा लिंक्स.....
प्यार नज़र भी आया
पर हंसी आई ये जान कर की
प्यार भी सहुलियत के हिसाब
से किया जाता है …
बिना काम
किस का फायदा
किसका नुकसान
अपनी अपनी
किस्मत अपना
अपना भाग्य
किताबें पढ़ पढ़
कर भी चढ़े
माथे पर दुर्भाग्य
सबसे नजरे बचा कर,
मैं उन सीढ़ियों से धीरे से...
पूछ लेती हूँ..
कि कही मेरे जाने के बाद,
तुम वहाँ आये तो नही थे...
ढाल से सटा हुआ एक बिना छज्जे वाला मकान है | इसी मकान में एक कुत्ता रहता था ( बाकी लोग भी रहते थे ) जब हम पांचवी या छठी क्लास में रहे होंगे और सुदर्शन साहब की तरह साइकिल की सवारी करने की कोशिश कर रहे थे | एक थी २० इंची नीले कलर की हीरो जेट हमारे पास | उसकी इम्पोर्टेंस तो आज की कार से भी ज्यादा है ,......ऊ अलग बात है |
इसे मत कहों तुम समंदर का पानी
है इसमें छुपी आँसुओं की कहानी
दीप अंगणित निशा वक्ष पर थे जलाए
विरह के झकोरों ने जिसको बुझाए
आज्ञा दीजिये यशोदा को...
कितनी छोटी सी दुनिया है मेरी,
एक मै हूँ और एक दोस्ती तेरी…!!