मंगलवारीय अंक में
आपसभी का स्नेहिल अभिवादन।
--------
सुमन कल्याणपुर (28 जनवरी 1937 – 31 मई 2026)
विनम्र श्रद्धांजलि
सुमन कल्याणपुर को अपने समय की और हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्ण युग की प्रसिद्ध गायिकाओं में गिना जाता है, जिनमें मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, मुकेश, किशोर कुमार, गीता दत्त, मन्ना डे, आशा भोसले, हेमंत कुमार, तलत महमूद, महेंद्र कपूर और शमशाद बेगम शामिल हैं। उन्होंने कुल 857 हिंदी गाने गाए हैं।
सुमन कल्याणपुर में संगीत की स्वाभाविक समझ थी। उनके गीतों में स्पष्ट उच्चारण और लय की बदौलत वे सहजता से गीत के भाव को आत्मसात कर लेती थीं। गीतों में उर्दू-फ़ारसी शब्दों का उच्चारण करते समय सुमन कल्याणपुर कभी लड़खड़ाती नहीं थीं और उनकी गायन शैली बेदाग थी। ढाका में जन्मीं सुमन कल्याणपुर को उर्दू का पहले से ही ज्ञान था और उन्होंने अपने कई गीतों में अपने सटीक उच्चारण का भरपूर इस्तेमाल किया। वे उर्दू, बंगाली और अपनी मातृभाषा मराठी में बोलती हुई बड़ी हुईं। यही कारण है कि वे कई बंगाली गीत सहजता से गा सकती थीं।
करीब 28 साल के अपने करियर में सुमन कल्याणपुर ने पार्श्वगायन के क्षेत्र में अपना एक सम्मानजनक स्थान बनाया।
----------
आज की रचनाऍं-
नदी ढूँढते
पंछी सारे
जून -जुलाई के,
नई -नई
आँखों में सपने
गोद भराई के,
मंडप -मंडप
कलश सजे हैं
हल्दी, दही, परात.
इसके अतिरिक्त
रक्त में धार्मिक घृणा के सूक्ष्म कण
असामान्य मात्रा में पाए गए,
जो लंबे समय से
उसकी संवेदनाओं को
भीतर ही भीतर नष्ट कर रहे थे।”
रिपोर्ट पढ़ते ही
कमरे में सन्नाटा भर गया।
फिर अचानक
कुछ वरिष्ठ विशेषज्ञ बुलाए गए।
रिपोर्ट रोक दी गई।
शब्द बदले गए।
निष्कर्ष संशोधित हुए।
ख़ुद को तपाना है
जीवन हरेक के योगदान से बना है
एक घास का तिनका भी उतना ही ज़रूरी है
जितना आकाश में कोई वृक्ष तना है
एक पत्थर भी नदी के तल को
मज़बूत बनाना है
जिस की तस्वीर लगी रहती
थी शहर के हर एक गलि
कूचों में, वही आज
चेहरा छुपाए
बैठा है
गुमनाम दरीचों में,
शून्य बटा सन्नाटा है सिर्फ उसके
आसपास, मिलता
नहीं किसी
को
तुम फेल होने पर इतने दुखी मत हो। विफलता सिखाती है कि जीवन में कैसे सफल हुआ जाए। इसलिए तुम परेशान होने की जगह नए जोश के साथ जुट जाओ और अगली परीक्षा में सफल होकर दिखाओ। लेकिन इतने से भी लड़के को संतोष नहीं हुआ। एक दिन आत्महत्या करने के इरादे से घर से निकल गया। रास्ते में उसे एक बौद्ध मंदिर दिखाई पड़ा जिसके अंदर से आवाज आ रही थी।
आज के लिए इतना ही
मिलते हैं अगले अंक में।
-----------
सुमन कल्याणपुर एक साजिश के तहत दरकिनार कर दी गई
जवाब देंहटाएंबैहतरीन
यादें ताजा हो गई
आभार
सादर , वंदन
आपका हृदय से आभार. सादर प्रणाम
जवाब देंहटाएंसुप्रभात! सुप्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर को विनम्र श्रद्धांजलि! आज एक अंक में 'मन पाये विश्राम जहाँ' को स्थान देने हेतु आभार !
जवाब देंहटाएंसुमन कल्याणपुर जी को भावभीनी श्रद्धान्जलि 🌷🌷
जवाब देंहटाएंसुमन कल्याणपुर को हार्दिक श्रद्धांजलि
जवाब देंहटाएंसुन्दर संकलन हेतु साधुवाद
बेहतरीन अंक 🙏
जवाब देंहटाएंसुमन कल्याणपुर को भावभीनी श्रद्धांजलि
जवाब देंहटाएं