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शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

3154.....लेखनी चलती रहनी चाहिए

 शुक्रवारीय अंक में मैं श्वेता
आपसभी का स्नेहिल अभिवादन करती हूँ।

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मेरी समझ से- 

पूजने का अर्थ है विशेष सम्मान देना। भारतीय संस्कृति में दैनिक जीवन से जुड़ी मुख्य चीज़ों को, जो जीवन जीने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती उसे पूजने की परंपरा है।

 उसी क्रम में-

देवताओं के वास्तुकार और धरती के प्रथम शिल्पकार माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की जयन्ती हर वर्ष 17 सितम्बर को बड़ी धूम-धाम से मुख्यतः कर्नाटक,असम,पश्चिमी बंगाल,बिहार,झारखंड, ओड़िसा और त्रिपुरा में मनायी जाती है। 

 कल-कारखानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा विशेष रुप से की जाती है जिसपर देश के लगभग सभी प्रदेशों की बहुत बड़ी आबादी जीवन-यापन के लिए निर्भर है।

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आइये आज की रचनाओं का आस्वादन करते हैं-


हठी लिप्सा

अंतर्मन के आसमान में,
आराजक-सा शोर हुआ।
विघटन में विचारों के,
अंतर्द्वंद्व घनघोर हुआ।


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इन ऊँगलियों से न सही
पर उन ऊँगलियों से ही सही
लेखनी चलती रहनी चाहिए 
सतत् लेखनी चलती रहनी चाहिए .


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हम क्षमता रखते हैं
 एक दूसरे के व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित करने  की
 उन्हें अपने हितों के अनुसार उपयोग और उपभोग करने की 
हम हिंसा में विश्वास नहीं करते -- ऐसा कहते कहते 
हमने हथिया लिए सब पहाड़, नदी, जंगल 
और प्रयोग कर लिए इतिहास से सबसे खतरनाक हथियार 
जिसके हथियार जितने खतरनाक हैं।


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सूखकर किताब के
पन्नों वाले जंगल के
आखिरी पृष्ठ
की निचली
पंक्तियों की बस्ती में
सूखे की अंतहीन
बाढ़ में समा गया है।


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”बिटिया रानी के इन काग़ज़ों (टिसु पेपर ) की तरह होती है मुआवज़े की रकम। 'नाम बड़े दर्शन छोटे' किसान के ज़ख़्मों का उपचार नहीं करता कोई, दिलासा बाँटते हैं।
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आज यही तक 
कल का विशेष अंक लेकर आ रही हैं
प्रिय विभा दी।



 

14 टिप्‍पणियां:

  1. विश्वकर्मा जयन्ती की अशेष शुभकामनाएँ
    पूजने का अर्थ है विशेष सम्मान देना।
    भारतीय संस्कृति में दैनिक जीवन से जुड़ी मुख्य चीज़ों को,
    जो जीवन जीने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती उसे
    पूजने की परंपरा है।
    एक शानदार अंक
    आभार
    सादर...

    जवाब देंहटाएं
  2. विश्वकर्मा जयन्ती की अशेष शुभकामनाएँ
    उम्दा लिंक्स चयन

    जवाब देंहटाएं
  3. सराहनीय तथा पठनीय लिंक चयन, विश्वकर्मा जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवम बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  4. शुभकामनाएं...। बहुत आभार आपका श्वेता जी...। मेरी रचना को शामिल करने पर साधुवाद...।

    जवाब देंहटाएं
  5. बढ़िया लिंक्स। सभी शामिल रचनाकारों को बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
  6. विश्वकर्मा जयन्ती की शुभकामनाएँ । शानदार लिंक्स ।

    जवाब देंहटाएं
  7. सृष्टि के शिल्पकार, वास्तुकार पर भगवान विश्वकर्मा को सादर नमन। बेहतरीन भूमिका के साथ रोचक और पठनीय सूत्रों से सजा संकलन। आज के सम्मिलित सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत ही सुंदर सराहनीय सृजन श्वेता दी।
    आपके परिश्रम को नमन।
    मुझे भी स्थान देने हेतु दिल से आभार।
    विश्वकर्मा जयन्ती की अनेकानेक शुभकामनाएँ।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  9. मधुर-मदिर हलचल के समस्त शिल्पकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई । दैनंदिन की जीवंत एवं नवीन प्रस्तुति भी विशेष सम्माननीय है । वैसे भूमिका के साथ लेखनी चलती हुई विचारों की कलियां और खिलाती तो ज्यादा आनंद आता । हार्दिक आभार आकर्षक प्रस्तुति के लिए ।

    जवाब देंहटाएं
  10. विश्वकर्मा जयन्ती की अनंत शुभकामनाएं आप सभी को....
    उत्कृष्ट लिंको से सजी लाजवाब हलचल प्रस्तुति।
    सभी रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  11. सुंदर सूत्रों का समन्वय। आभार।

    जवाब देंहटाएं

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