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शनिवार, 7 नवंबर 2020

1938... गिरगिट

सभी को यथायोग्य

प्रणामाशीष

पूरे सप्ताह माया उत्साहित रहती है कि इसबार किस शब्द से माँ प्रस्तुति बनाएंगी.. उसके दिए शब्द को प्रयोग की हूँ.. 

गिरगिट

  ये कभी ना कर पाउँगा,

इसीलिए हे मानव

मैं तुम्हे शाष्टांग दंडवत

प्रणाम करता हूँ |

स्कूल से आते ही उसने देखा की एक गिरगिट ने एक गड्ढा बना रखा है और उस गड्ढे में छोटे-छोटे अंडे गिराता जा रहा है। अमर रुक कर उन अंडो को गिनने लगा देखते ही देखते गिरगिट ने कुल 17 अंडे दिए। फिर उन्हें मिट्टी से ढक दिया और खुद पेड़ पर चढ़ गया।  गिरगिट को शायद अमर के आसपास होने का अनुमान ही ना था। एक सधी हुए इंट के निशाने से गिरगिट का काम तमाम हो गया। फिर अमर बढ़ा उस गड्ढे की ओर। गड्ढे से मिट्टी हटाई अंडे निकालने और उनको पास के कुएं में फेंक आया।

सबेरा अभी हुआ नहीं है,
पर लगता है
कि
यह दिन भी सरक गया हाथ से
हथेली में जकड़ी बालू की तरह।
अब फ़िर
सारा दिन इसी एहसास से जूझना होगा।

उफ़ ! ये कला गज़ब की, था मै इसमें पारंगित
अब देख इंसानों को, सीखता हूँ मै भी घ्रणित।
जान बचाने को अपनी घात लगाने को शिकार की
मुझसे भी कहीं तेज़, इंसान बदल लेता है रंग-रूप

घड़ी के काटें के साथ पल पल बदलते ,
तुम लोगों  को देखने के बाद अब…
अपने रंग बदलने की  अदा का  मै  क्या करूँ ?
मेरी तो पहचान ही खो गई है...

नाम -गाम पूछने पर आँखें मटकाते हैं और गरदन हिलाते हैं।
अभी दोपहरी में जब हल्के बादल छाए हैं तब हमने
इनका शिकार करने की जुगत भिड़ाई और गोली बंदूक
तो अपने पास है नहीं , बरछी ,गँड़ासा ,कटार भी नहीं
 किन्तु कैमरा तो है , सो कर डाला शिकार। 


><><><><><
पुनः भेंट होगी...
><><><><><

9 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ प्रभात..
    अभी शाम के छः बज रहे होंगे
    यहां बिहार भी रंग बदलने की फिराक में है
    अमेरिका के माफिक..
    सम-सामयिक प्रस्तुति..
    सादर नमन..

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सस्नेहाशीष असीम शुभकामनाओं के संग छोटी बहना... 1 नवम्बर से समय बदल गया.. अभी सन्ध्या के 5:10 बज रहे हैं

      हटाएं
  2. हमको भी प्रतीक्षा रहती है दी आपकी प्रस्तुति की।
    'गिरगिट' शब्द ही संपूर्ण अभिव्यक्ति है।
    सदा की भाँति आपकी अनूठी प्रस्तुति।

    प्रणाम दी
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया.. गिरगिट शब्द पर प्रस्तुति।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  4. शुभ संध्या दीदी..
    आजकल जमाना गिरगिट का ही है
    यूनीक प्रस्तुति..
    सादर नमन..

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत खूब.. गिरगिट के रंग में रंगी प्रस्तुति




    जवाब देंहटाएं

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