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बुधवार, 17 जुलाई 2019

1461..हर रिश्ते की एक उम्र होती है..


।।भोर वंदन।।

पकी जामुन के रँग की पाग
बाँधता आया लो आषाढ़ !
उड़ गयी सहसा सिर से पाग
छा गये नभ में घन घनघोर! 
छुट गई सहसा कर से पाग-
बढा आँधी पानी का जोर!
लिपट लो गई मुझी से पाग,
झूमता डगमग पग आषाढ़!
पंडित नरेंद्र शर्मा 


सुबह सवेरे की छंद युक्त रचनाओं के साथ आज की लिंकों में शामिल रचनाकारों के नाम क्रमानुसार पढ़ें..✍
डॉ जफर जी,
अनुराधा चौहान जी,
कुसुम कोठारी जी,
डॉ. जेन्नी शबनम,
अनुपमा पाठक जी

🎼



चूड़ी काज़ल कंगन और ऑंसू,
बारिश कोहरा बादल और आँसू



पीपल पतझड़ जेठ दुपहरी,
झूले साथी सावन और आँसू,



मेरी पीड़ा मेरा दुखड़ा बोझ भयंकर,
मिश्री बातें तेरी जियरा सदल और आँसू

🎼




आई रजनी सुन सजनी क्या सोचे चुप होक
मेघा छाए घिर-घिर आए 
तड़ित चमके शोर मचाए
पुरवा झूमे चले लहराए
मदहोश बड़ा यह सुंदर शमा ..

🎼



सावन अब कैसा सावन
वारिध ने अपनी चाल ही बदल़ दी
ना वो लयबद्ध झड़ी बादलों की
ना वो बहारें,
ना वो मिट्टी की
भीनी सौंधी खुशबू


1.
तपती धरा   
तन भी तप उठा   
बदरा छाए   
घूम-घूम गरजे   
मन का भौंरा नाचे।   

2.   
कूकी कोयल   
नाचे है पपीहरा   
देख बदरा   
चहके है बगिया   
नाचे घर अँगना।..

🎼




अभी शोक में हूँ।
हर रिश्ते की एक उम्र होती है
उसके बाद उसका मरना तय है
मैंने ऐसे कई मरे हुए रिश्तों का श्राद्ध किया है 

🎼

हम-क़दम का नया विषय

यहाँ देखिए

।।इति शम।।
धन्यवाद
पम्मी सिंह'तृप्ति'..✍


15 टिप्‍पणियां:

  1. जबरदस्त शुरुआत..
    पण्डित नरेन्द्र शर्मा की पंक्तियों के साथ..
    अप्रतिम रचनाएँ...
    साधुवाद..
    सादर..

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत उम्दा संकलन।
    पम्मी जी बहुत आभार-आभार,
    मेरी रचना को स्थान देकर नवाज़ने के लिए शुक्रिया
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  3. सुंदर संकलन बेहतरीन रचनाएं मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार पम्मी जी

    जवाब देंहटाएं
  4. उम्दा लिंक संकलन शानदार प्रस्तुतिकरण...

    जवाब देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

    जवाब देंहटाएं
  6. प्रिय पम्मी जी -- सुदर , सरस रचनाओं से सजा लघु संयोजन आपकी प्रस्तुति की विशेष पहचान है जिसके लिए आप सराहना की पात्र हैं | आज भी प्रबुद्ध रचनाकारों की भाव्पुं सभी रचनाएँ पठनीय और हृदयस्पर्शी हैं | सभी रचनाकारों को सस्नेह शुभकामनाएं और आपको हार्दिक बधाई सुंदर प्रस्तुतिकरण के लिए |

    उत्तर देंहटाएं

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर संयोजन सभी लिंक पठनीय सुंदर भाव भरी भुमिका।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  8. मेरी रचना को हलचल में शामिल करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया पम्मी जी ।
    सस्नेह।

    जवाब देंहटाएं

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